मुजफ्फरनगर-बारिश से जटवाड़ा में मकान ढहा, मासूम समेत चार घायल

लगातार हो रही बारिश के कारण जिले के कई ग्रामीण क्षेत्रों में कच्चे और जर्जर मकानों के ढहने का खतरा बढ़ गया

पुलिस और प्रशासन ने चलाया रेस्क्यू अभियान, घायलों को अस्पताल पहुंचाया, जर्जर भवनों से दूर रहने की अपील

मुजफ्फरनगर। जिले में लगातार हो रही बारिश लोगों के लिए आफत बनती जा रही है। जानसठ तहसील क्षेत्र के जटवाड़ा गांव में शुक्रवार को एक मकान की छत और दीवार भरभराकर गिर गई, जिससे एक ही परिवार के चार सदस्य मलबे में दब गए। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन ने संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव अभियान चलाकर सभी घायलों को सुरक्षित बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया। प्रशासन ने लगातार बारिश के मद्देनजर जर्जर भवनों में रहने से बचने की सलाह देते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।

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जानकारी के अनुसार थाना ककरौली क्षेत्र के गांव जटवाड़ा में लगातार हो रही बारिश के कारण एक मकान अचानक ढह गया। हादसे के समय मकान के अंदर मौजूद गुलशेर, उनकी पत्नी बानो, 14 वर्षीय पुत्री अलकमा तथा एक वर्षीय पुत्र मोहम्मद अहमद मलबे में दब गए। घटना की सूचना मिलते ही थाना ककरौली पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय ग्रामीणों की मदद से तत्काल राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। थानाध्यक्ष जोगिंदर सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मलबा हटाकर सभी चारों घायलों को सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद एंबुलेंस की सहायता से उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जानसठ तथा जिला चिकित्सालय भेजा गया, जहां उनका उपचार जारी है।

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घटना की जानकारी मिलते ही एसडीएम जानसठ रश्मि लाम्बा भी प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचीं। उन्होंने राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी करते हुए घायलों के समुचित उपचार की व्यवस्था कराई तथा संबंधित अधिकारियों को पीड़ित परिवार को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। वहीं, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण अक्षय संजय महाडीक ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लेने के साथ पीड़ित परिवार और ग्रामीणों से बातचीत कर आवश्यक जानकारी प्राप्त की तथा अधिकारियों को समन्वय बनाकर राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। लगातार हो रही बारिश के कारण जिले के कई ग्रामीण क्षेत्रों में कच्चे और जर्जर मकानों के ढहने का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन और पुलिस ने जनपदवासियों से अपील की है कि क्षतिग्रस्त अथवा कमजोर भवनों में रहने से बचें तथा किसी भी आपात स्थिति की सूचना तत्काल पुलिस या स्थानीय प्रशासन को दें, ताकि समय रहते राहत एवं बचाव कार्य किया जा सके।

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