कानपुर- गंगा-यमुना-चंबल नदियों के किनारे के कई गांव तीसरी बार बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। बांधों से पानी छोड़े जाने की वजह से गंगा, रामगंगा, यमुना और चंबल नदियों का जलस्तर तीसरी बार खतरे के निशान को पार कर गया है। कानपुर देहात में 12 हजार आबादी तीसरी बार बाढ़ की दुश्वारियां झेल रही है। कानपुर में बांधों से पानी छोड़े जाने की वजह से गंगा, रामगंगा, गर्रा, यमुना और चंबल नदियों के किनारे के कई गांव तीसरी बार बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। कई रास्ते पानी में डूब गए हैं। इस वजह से कई गांवों का संपर्क कट गया है। लोग नाव से आना-जाना कर रहे हैं। बाढ़ की वजह से लोगों के सामने कई तरह की दिक्कतें खड़ी हो गई हैं। कई गांवों में बिजली नहीं है। खाने पीने का संकट भी खड़ा हो गया है। कानपुर में 15 दिनों बाद गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु के पार चला गया है। खतरे के निशान से केवल 27 सेंटीमीटर दूर है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने गंगा बैराज और नदी के आसपास के क्षेत्रों में अलर्ट घोषित कर दिया है। अगले 48 घंटे में जलस्तर और बढ़ने की आशंका है।

नई मंडी में जर्जर टेलीफोन खंभा बना खतरा, हादसे की आशंका
गौशाला रोड पर झुका निष्प्रयोज्य खंभा, विद्युत केबल बंधे होने से करंट फैलने का भी डर मुजफ्फरनगर। नई मंडी क्षेत्र की व्यस्ततम गौशाला रोड पर विभागीय लापरवाही के चलते एक बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है। गौशाला के बाहर शौचालय के समीप लगा टेलीफोन का जर्जर और निष्प्रयोज्य खंभा लंबे समय से सड़क की ओर झुका हुआ है, लेकिन संबंधित विभाग द्वारा अब तक इसे हटाने की कोई कार्रवाई नहीं की गई है। इसे भी पढ़ें: ईंट भट्टे पर बंधक बनाकर रखे गए श्रमिक परिवारों को कराया बंधन मुक्तस्थानीय लोगों का कहना है कि खंभा नीचे से पूरी तरह गल चुका है और मुड़ने के कारण कभी भी





