नामांकन में त्रुटि पर भड़के जिला बार संघ पदाधिकारी, पालिका पर बार की शक्ति कमजोर करने की साजिश का लगाया आरोप
मुजफ्फरनगर। जिला कचहरी परिसर में अधिवक्ताओं और आम नागरिकों को शुद्ध एवं शीतल पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्थापित किए गए आरओ वाटर कूलर के उद्घाटन समारोह के दौरान उस समय विवाद खड़ा हो गया, जब वाटर कूलर पर अंकित नामों को लेकर जिला बार संघ के पदाधिकारियों ने कड़ा विरोध दर्ज कराया। नामों के उल्लेख में हुई त्रुटि को लेकर बार संघ के अध्यक्ष और महासचिव ने मौके पर ही नगरपालिका परिषद की चेयरमैन के समक्ष नाराजगी जताई और इसे बार संघ के सम्मान के साथ खिलवाड़ बताते हुए गंभीर आपत्ति दर्ज कराई। इस दौरान काफी देर तक तीखी नोकझोंक और हंगामे जैसी स्थिति बनी रही।
नगरपालिका परिषद द्वारा गर्मी के मौसम में शहर के विभिन्न सार्वजनिक स्थलों पर आम जनता को शीतल और शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए आरओ वाटर कूलर स्थापित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में जिला कचहरी परिसर में अधिवक्ताओं, वादकारियों तथा अन्य आगंतुकों की सुविधा के लिए 15वें वित्त आयोग से प्राप्त निधि के अंतर्गत स्वीकृत बजट से एक शीतल आरओ वाटर कूलर स्थापित कराया गया। सोमवार को नगरपालिका परिषद की चेयरमैन मीनाक्षी स्वरूप इस वाटर कूलर को अधिवक्ताओं एवं आमजन को समर्पित करने के लिए जिला कचहरी पहुंचीं। उन्होंने विधिवत उद्घाटन किया। कार्यक्रम के दौरान व्यापारी नेता कृष्ण गोपाल मित्तल, शलभ गुप्ता एडवोकेट, संजय कुमार मिश्रा सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।
उद्घाटन के दौरान ही जिला बार संघ के अध्यक्ष प्रमोद त्यागी एडवोकेट, महासचिव सुरेन्द्र मलिक एडवोकेट तथा अन्य पदाधिकारी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने वाटर कूलर पर लगाए गए विवरण-पट्ट का अवलोकन करने के बाद कड़ा विरोध दर्ज कराया। बार संघ के पदाधिकारियों का कहना था कि चूंकि यह वाटर कूलर बार परिसर में स्थापित किया गया है, इसलिए जिला बार संघ के पदाधिकारियों का उल्लेख किया जाना चाहिए था। उनका आरोप था कि जानबूझकर बार संघ को नजरअंदाज किया गया है, जिससे अधिवक्ताओं के संगठन का अपमान हुआ है।
बार संघ अध्यक्ष प्रमोद त्यागी ने कहा कि जिला कचहरी नगरपालिका के वार्ड संख्या-10 में आती है, जहां निर्वाचित सभासद मिहिका गुप्ता हैं। इसके बावजूद शिलालेख पर सभासद के रूप में उनके पति शोभित गुप्ता का नाम अंकित किया गया है, जो नियमों के विपरीत है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रयासकर्ता के रूप में भी ऐसे नाम दर्ज किए गए हैं, जो पालिका की मनमानी को दर्शाते हैं। उन्होंने कहा कि कचहरी परिसर में जनहित को ध्यान में रखते हुए वाटर कूलर स्थापित कराने की मांग व्यक्तिगत संबंधों के आधार पर नगरपालिका से की गई थी, लेकिन बार संघ के पदाधिकारियों के नामों को शामिल न करना और सभासद के स्थान पर किसी अन्य व्यक्ति का नाम अंकित करना गंभीर विषय है। उन्होंने इसे बार संघ की एकता और प्रभाव को कमजोर करने की साजिश करार दिया।

विवाद बढ़ता देख नगरपालिका परिषद की चेयरमैन मीनाक्षी स्वरूप ने बार पदाधिकारियों की नाराजगी को गंभीरता से लिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि नामांकन में हुई त्रुटि किसी दुर्भावना का परिणाम नहीं, बल्कि ठेकेदार की लापरवाही का नतीजा है। उन्होंने मौके पर ही संबंधित ठेकेदार को गलती सुधारने के निर्देश देते हुए कहा कि वाटर कूलर पर नया शिलापट्ट लगाकर जिला बार संघ के पदाधिकारियों के नाम भी अंकित किए जाएंगे। साथ ही भविष्य में इस प्रकार की चूक दोबारा न हो, इसके लिए नगरपालिका के जलकल विभाग एवं संबंधित अधिकारियों को भी आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। चेयरमैन द्वारा त्रुटि सुधारने का आश्वासन दिए जाने के बाद स्थिति सामान्य हुई। हालांकि, बार संघ के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अधिवक्ताओं के सम्मान से जुड़े किसी भी मुद्दे पर वे समझौता नहीं करेंगे और भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति होने पर आंदोलनात्मक कदम उठाने से भी पीछे नहीं हटेंगे। उद्घाटन समारोह के दौरान हुए इस विवाद की चर्चा दिनभर कचहरी परिसर और नगर के राजनीतिक एवं सामाजिक हलकों में होती रही।






