सहारनपुर रजिस्ट्रार ने दिया व्यापारी नेता संजय मित्तल को तगड़ा झटका

सहायक रजिस्ट्रार ने 15 दिन में मूल अभिलेख तलब किए, सदस्यता सूची के परीक्षण के बाद होगी नई चुनाव प्रक्रिया

दी गुड खांडसारी एंड ग्रेन मर्चेंट एसोसिएशन का द्विवार्षिक चुनाव निरस्त, प्रबंध समिति कालातीत घोषित

मुजफ्फरनगर। दी गुड खांडसारी एंड ग्रेन मर्चेंट एसोसिएशन में चुनाव प्रक्रिया और प्रबंधन से जुड़ी अनियमितताओं को गंभीर मानते हुए सहायक रजिस्ट्रार फर्म्स, सोसाइटीज एवं चिट्स, सहारनपुर ने संस्था के द्विवार्षिक चुनाव को निरस्त कर दिया है। साथ ही वर्तमान प्रबंध समिति को तत्काल प्रभाव से कालातीत घोषित करते हुए नई चुनाव प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश जारी किए गए हैं। आदेश के बाद एसोसिएशन से जुड़े व्यापारियों के बीच चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।

सहायक रजिस्ट्रार फर्म्स, सोसाइटीज एवं चिट्स, सहारनपुर नीरज उर्फ यादवेन्द्र पाठक द्वारा 5 अगस्त 2026 को जारी आदेश (पत्रांक संख्या-873) में कहा गया है कि संस्था की कार्यकारिणी का संशोधन कार्यालय में विधिवत पंजीकृत नहीं कराया गया था। ऐसे में संस्था द्वारा दो वर्ष के अंतराल पर कराए गए द्विवार्षिक चुनाव को विधिसम्मत मानना संभव नहीं है। इसी आधार पर चुनाव संबंधी समस्त कार्यवाहियों को अस्वीकार करते हुए वर्तमान प्रबंध समिति को तत्काल प्रभाव से कालातीत घोषित कर दिया गया है।

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आदेश में स्पष्ट किया गया है कि सोसाइटीज रजिस्ट्रेशन एक्ट, 1860 की धारा 25(2) के अंतर्गत कालातीत प्रबंध समिति का चुनाव कराने का अधिकार केवल सहायक रजिस्ट्रार कार्यालय को प्राप्त है। इसलिए अब संस्था में नई प्रबंध समिति के गठन की प्रक्रिया विभागीय स्तर पर नियमानुसार आगे बढ़ाई जाएगी। सहायक रजिस्ट्रार ने संस्था को निर्देश दिए हैं कि सोसाइटीज रजिस्ट्रेशन एक्ट, 1860 की धारा 4-बी के तहत निर्धारित प्रारूप पर आम सभा की सूची प्रस्तुत की जाए।

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इसके साथ ही सदस्यता की शुद्धता के परीक्षण के लिए एजेंडा रजिस्टर, कार्यवाही रजिस्टर, सदस्यता रजिस्टर, सदस्यता रसीद पुस्तिका, कैश बुक तथा बैंक पासबुक सहित सभी मूल अभिलेख आदेश प्राप्त होने के 15 दिनों के भीतर कार्यालय में उपलब्ध कराए जाएं। इन अभिलेखों के परीक्षण के बाद वैध सदस्यों का निर्धारण करते हुए नई प्रबंध समिति के चुनाव की अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। 30 जून को हुए चुनाव में संजय मित्तल ने अपने गुट के साथ विपक्षियों का पूरी तरह से क्लीन स्वीप किया था। भाजपा नेता सचिन सिंघल को करारी हार का सामना करना पड़ा था, कार्यकारिणी में संजय मित्तल अध्यक्ष बने थे और पूरी तरह से उनके गुट का ही कब्जा हुआ।

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चुनाव से पहले ही भाजपा नेता जितेन्द्र कुच्छल ने अनेक आरोप लगाते हुए कार्यकारिणी चुनाव को टालने की मांग की थी, पहले जांच कराये जाने का आग्रह किया गया था, लेकिन उनकी मांग को ठुकराकर चुनाव कराये गये। इसके बाद भी शिकायत की गई थी, जिस पर अब सहायक रजिस्ट्रार का आदेश संजय मित्तल के लिए तगड़ा झटका माना जा रहा है। इस पूरे मामले में नयन जागृति संवाददाता द्वारा दी गुड खांडसारी एंड ग्रेन मर्चेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय मित्तल का पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन समाचार लिखे जाने तक उनसे संपर्क नहीं हो सका।

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