नौ हत्या में 22 को फांसी सुनाने वाले जज रवि दिवाकर से लूट-हत्या के 100 केस वापस

न्यायाधीश रवि दिवाकर ने पांच में हत्या के आठ मुकदमों में 22 दोषियों को सुनाई है सजा ए मौत, जिला जज ने विचारधीन मकदमे लिए वापस

 

मुजफ्फरनगर। जनपद में साढ़े पांच माह में हत्या के आठ मुकदमों का निस्तारण करते हुए एक महिला और उसके मासूम बेटे सहित कुल नौ हत्या के मामलों में एक महिला समेत 22 लोगों को फांसी की सजा सुनाने वाले अपर जिला एवं सत्र न्यायालय के न्यायाधीश रवि कुमार दिवाकर से जिला जज बीरेन्द्र कुमार सिंह ने लूट व हत्या के मुकदमों की विचाराधीन 100 पत्रावलियां वापस ले ली हैं। इन पत्रावलियों में रुड़की के कुख्यात बदमाश चौनू पंडित की पत्रावली भी शामिल है, जिस पर बुधवार को ही सुनवाई होनी थी। वापस ली गई अधिकांश हत्या की पत्रावलियों पर साक्ष्य पर सुनवाई चल रही है।

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न्यायाधीश रवि कुमार दिवाकर अपने 17 वर्ष के कार्यकाल में 35 दोषियों को फांसी की सजा सुना चुके हैं। वहीं अपनी सुरक्षा को लेकर डीजीपी, एडीजी समेत जिला जज को पत्र भेजकर न्यायधीश चर्चा में आए थे। फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या-तीन के न्यायधीश रवि कुमार दिवाकर बरेली से 29 नवंबर 2015 को स्थानांतरित होकर जनपद मुजफ्फरनगर में आए थे।

अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रवि कुमार दिवाकर ने जनपद के समीर अधिवक्ता हत्याकांड के दोषी सिंगोल अल्वी, रिजवान समेत तीन लोगों को मृत्युदंड की सजा सुनाई थी। उसके बाद से वह निरंतर लगभग 10 से 15 साल पुरानी पत्रावलियों की सुनवाई कर रहे थे, जो हत्याकांड से संबंधित है। इसके बाद वह सबसे अधिक चर्चा में सिसौली के शहर हत्याकांड में एक महिला समेत उसके तीन पुत्रों को फांसी की सजा सुनाने के बाद चर्चा में आए थे, क्योंकि जनपद में किसी महिला को फांसी की सजा पहली बार सुनाई गई थी।

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न्यायाधीश रवि कुमार दिवाकर ने अपनी सुरक्षा को लेकर भी निरंतर सवाल उठाए हैं। 25 जून को एसएसपी, डीजीपी और एडीजी को पत्र भेज कर उनके आवास पर पर्याप्त रूप से सुरक्षा तैनात नहीं होने पर नाराजगी जताई थी। इसके अलावा तीन दिन पूर्व सुरक्षा कर्मी बदलने पर रिजर्व पुलिस लाइन के प्रतिसार निरीक्षक उदल सिंह के विरोध में भी पत्र लिखा था। जिसमें कहा कि आरआई उदल सिंह मनमाने तरीके से काम करते हैं, उनका न्यायालय के प्रति आचरण भी ठीक नहीं है। न्यायाधीश ने कहा था कि उनकी बिना अनुमति के सुरक्षाकर्मी बदल गया है और नया तैनात सुरक्षा कर्मी ड्यूटी पर भी नहीं आ रहा है। इससे उनकी सुरक्षा को खतरा होने की संभावना है।

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