एम.जी. पब्लिक स्कूल से पोक्सो एक्ट जिला स्तरीय जागरुकता अभियान का शुभारंभ

विद्यार्थियों ने नुक्कड़ नाटिका के जरिए सोशल मीडिया के दुरुपयोग के प्रति किया जागरूक, किशोर विद्यार्थियों को किया गया जागरुक

मुजफ्फरनगर। एम.जी. पब्लिक स्कूल में उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देश पर पोक्सो अधिनियम-2012 के प्रावधानों और कानूनी परिणामों के प्रति किशोरों को जागरूक करने के लिए जिला स्तरीय जागरूकता अभियान का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को बच्चों की सुरक्षा, उनके कानूनी अधिकार, संरक्षण तथा कानून के प्रावधानों की जानकारी दी गई। साथ ही सोशल मीडिया के सकारात्मक प्रयोग को लेकर भी जागरूक किया गया।

एम.जी. पब्लिक स्कूल के प्रांगण में शुक्रवार को आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रभारी जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अध्यक्ष श्रीमती गरिमा सिंह, एडीजे एवं विशेष न्यायाधीश पोक्सो अधिनियम मनोज कुमार सिद्धू, प्रभारी एसीजेएम न्यायालय संख्या-2 एवं सिविल जज सीनियर डिवीजन जसीम खान, सिविल जज सीनियर डिवीजन एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव डॉ. सत्येंद्र कुमार चौधरी, जिला बार संघ के अध्यक्ष प्रमोद त्यागी एडवोकेट, महासचिव सुरेंद्र कुमार मलिक एडवोकेट, एम.जी. चैरिटेबल ट्रस्ट के चेयरमैन सतीश चंद गोयल तथा ट्रस्ट के उपाध्यक्ष रोहित सिंघल का विद्यालय की प्रधानाचार्या मोनिका गर्ग ने स्वागत एवं अभिनंदन किया।

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कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत नुक्कड़ नाटिका से हुई। नाटिका के माध्यम से सोशल मीडिया के गैर जिम्मेदाराना इस्तेमाल से अनजाने में होने वाले अपराधों के प्रति जागरूक किया गया। विद्यार्थियों ने बताया कि किसी व्यक्ति की तस्वीर उसकी अनुमति के बिना साझा करना भी गंभीर अपराध की श्रेणी में आ सकता है। प्रस्तुति के माध्यम से विद्यार्थियों को सोशल मीडिया का सावधानी और जिम्मेदारी के साथ इस्तेमाल करने का संदेश दिया गया।

मुख्य अतिथि प्रभारी जनपद न्यायाधीश गरिमा सिंह ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि पोक्सो अधिनियम किशोर बालक और बालिका को समान रूप से संरक्षण और कानूनी अधिकार प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि अभियान का उद्देश्य कानून और सजा के बारे में बताकर बच्चों को डराना नहीं, बल्कि किशोरावस्था में सही और गलत के बीच अंतर समझाना है, ताकि अनजाने में की गई छोटी गलती बड़ी कानूनी परेशानी का कारण न बने। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि शिक्षक, माता-पिता और बड़े यदि किसी बात पर रोक-टोक करते हैं तो उसका उद्देश्य बच्चों का हित होता है। सोशल मीडिया का जिम्मेदारी से प्रयोग करें और किसी भी परेशानी या समस्या को अपने माता-पिता, शिक्षकों अथवा विश्वसनीय बड़ों के साथ साझा करें।

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विशेष न्यायाधीश पोक्सो अधिनियम मनोज कुमार सिद्धू ने बताया कि पोक्सो अधिनियम के बढ़ते मामलों के बीच किशोरों को कानून के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से अभियान शुरू किया गया है। यह अभियान 25 सितंबर से दो अक्टूबर, गांधी जयंती तक चलेगा। इसके तहत विभिन्न विद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने विद्यार्थियों को अधिनियम के प्रमुख प्रावधानों और सजा की जानकारी देते हुए सोशल मीडिया के दुरुपयोग, छींटाकशी और छेड़छाड़ जैसी गतिविधियों से दूर रहने के लिए जागरूक किया। जिला बार संघ के अध्यक्ष प्रमोद त्यागी और महासचिव सुरेंद्र कुमार मलिक ने भी विद्यार्थियों को पोक्सो अधिनियम के तहत प्राप्त अधिकारों और कानून के प्रति जागरूकता के महत्व की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि एक गलती बच्चे के जीवन, करियर और चरित्र पर गंभीर प्रभाव डाल सकती है। इसका प्रभाव केवल संबंधित बच्चे तक सीमित नहीं रहता, बल्कि माता-पिता और अभिभावकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

एम.जी. चैरिटेबल ट्रस्ट के चेयरमैन सतीश चंद गोयल ने कहा कि सोशल मीडिया के प्रभावशाली तकनीकी दौर में बच्चों को बेहद सतर्क और सावधान रहने की आवश्यकता है। प्रधानाचार्या मोनिका गर्ग ने कहा कि सोशल मीडिया के दौर में जाने-अनजाने की गई लापरवाही बच्चों को अपराध की ओर ले जा सकती है। किशोरावस्था में विशेष रूप से जागरूक और सतर्क रहने की जरूरत है। उन्होंने विद्यार्थियों से संस्कारों के माध्यम से चरित्र निर्माण करने, जिम्मेदार नागरिक बनने और यातायात सहित सभी नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित। उन्होंने अतिथियों को सम्मानित करते हुए सभी का आभार व्यक्त किया।

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कार्यक्रम में छात्राओं को उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित मिशन शक्ति अभियान की जानकारी भी दी गई तथा उनके कानूनी अधिकारों और सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न महिला हेल्पलाइन, मानव तस्करी, बाल श्रम के संबंध में भी बताया गया। इस दौरान एडीजीसी विक्रांत राठी एडवोकेट, चीफ डिफेंस काउंसिल राजीव त्यागी, एसएचओ सिविल लाइन रघुराज सिंह, थाना एएचटी के उपनिरीक्षक जगत सिंह, पैरा लीगल वालिंटियर गौरव मलिक तथा मिशन शक्ति केंद्र प्रभारी एसआई प्रियंका और उनकी टीम के सदस्य मौजूद रहीं। संचालन शिक्षिका रितु शर्मा ने किया। कार्यक्रम में शिक्षक-शिक्षिकाओं और अन्य सहयोगी कर्मचारियों का सराहनीय योगदान रहा।

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