सहारनपुर में फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र मामला, पंचायत सचिव गौरव शर्मा निलंबित

जांच समिति ने सीआरएस पोर्टल की आईडी साझा करने और अनधिकृत प्रमाणपत्र जारी होने की पुष्टि की; पंचायत सहायक की सेवा समाप्ति प्रक्रिया शुरू।

सहारनपुर।  सहारनपुर के गंगोह ब्लॉक की ग्राम पंचायत खानपुर गुर्जर में कथित फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र जारी किए जाने के मामले में प्रशासन ने कार्रवाई की है। जांच समिति की रिपोर्ट पर जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान ने पंचायत सचिव गौरव शर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। पंचायत सहायक साबिर की सेवा समाप्ति की प्रक्रिया शुरू करने और दोनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।

 

शिकायत के बाद गठित हुई जांच समिति

 

खानपुर गुर्जर ग्राम पंचायत में मृत्यु प्रमाणपत्र जारी करने से जुड़ी शिकायत मिलने के बाद मुख्य विकास अधिकारी सुमित राजेश महाजन ने मामले की जांच के लिए दो सदस्यीय समिति गठित की थी।

 

समिति में जिला विकास अधिकारी धीरेंद्र कुमार और जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी अजय कुमार को शामिल किया गया। दोनों अधिकारियों को सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम (सीआरएस) पोर्टल पर हुई गतिविधियों और संबंधित अभिलेखों की जांच करने की जिम्मेदारी दी गई।

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जांच समिति ने पोर्टल पर प्रमाणपत्र जारी करने और निरस्त करने से संबंधित रिकॉर्ड का मिलान किया। इसके साथ ही सरकारी लॉगिन के उपयोग और पंचायत स्तर पर प्रमाणपत्र बनाने की प्रक्रिया की भी जांच की गई।

 

सचिव की आईडी से प्रमाणपत्र जारी करने का आरोप

 

जांच रिपोर्ट के अनुसार पंचायत सचिव गौरव शर्मा ने सीआरएस पोर्टल की अपनी सरकारी यूजर आईडी और पासवर्ड पंचायत सहायक साबिर को उपलब्ध कराया था। आरोप है कि इसी लॉगिन का प्रयोग कर साबिर ने कई मृत्यु प्रमाणपत्र जारी किए।

 

समिति ने अपनी रिपोर्ट में कुछ मृत्यु प्रमाणपत्रों को बाद में निरस्त किए जाने का भी उल्लेख किया है। हालांकि कुल कितने प्रमाणपत्र जारी हुए, कितने फर्जी पाए गए और कितने निरस्त किए गए, इसकी संख्या उपलब्ध विवरण में स्पष्ट नहीं की गई है।

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जांच समिति ने सरकारी पोर्टल की आईडी और पासवर्ड दूसरे व्यक्ति को देने को गंभीर लापरवाही माना। रिपोर्ट में कहा गया कि इससे सरकारी व्यवस्था और अभिलेखों के अनधिकृत इस्तेमाल का रास्ता खुला।

 

गौरव शर्मा तत्काल प्रभाव से निलंबित

 

जांच रिपोर्ट के आधार पर जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान ने पंचायत सचिव गौरव शर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के आदेश दिए। समिति ने उन्हें सरकारी कार्य में लापरवाही और अपने अधिकृत डिजिटल लॉगिन की गोपनीयता बनाए न रखने का जिम्मेदार माना है।

 

पंचायत सहायक साबिर के खिलाफ सेवा समाप्ति की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। सेवा समाप्ति से संबंधित अंतिम निर्णय निर्धारित विभागीय प्रक्रिया पूरी होने के बाद लिया जाएगा।

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दोनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश

 

जिलाधिकारी ने सहायक विकास अधिकारी पंचायत, गंगोह कुशल पाल सिंह को गौरव शर्मा और साबिर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। फिलहाल संबंधित पुलिस थाने, मुकदमा संख्या और लगाई जाने वाली धाराओं की जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है।

 

डीएम ने कहा कि सरकारी व्यवस्था और अभिलेखों में किसी तरह की लापरवाही या नियमों की अनदेखी स्वीकार नहीं की जाएगी। सरकारी कार्यों में पारदर्शिता, डिजिटल सुरक्षा और जवाबदेही सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है।

 

मामले में पंचायत सचिव का निलंबन हो चुका है, जबकि पंचायत सहायक की सेवा समाप्ति और दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की प्रक्रिया अभी लंबित है। कथित रूप से जारी मृत्यु प्रमाणपत्रों की संख्या, उनके उपयोग और प्रभावित व्यक्तियों से संबंधित विस्तृत जानकारी की प्रतीक्षा है।

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