रामपुरी में जल निकासी न होने से लोग परेशान, मंत्री के घर पहुंचकर रखी समस्या

रामपुरी में जलभराव की समस्या को लेकर कपिल देव अग्रवाल ने क्षेत्रवासियों के साथ की विस्तृत वार्ता के बाद अधिकारियों को दिए स्थायी समाधान के निर्देश

मुजफ्फरनगर। रामपुरी क्षेत्र में जलभराव की गंभीर समस्या को लेकर अब प्रशासनिक स्तर पर स्थायी समाधान की कवायद तेज कर दी गई है। उत्तर प्रदेश सरकार में व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग के राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार एवं नगर विधायक कपिल देव अग्रवाल ने गांधीनगर स्थित अपने आवास पर क्षेत्रवासियों और संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर समस्या की स्थिति और उसके समाधान को लेकर विस्तृत चर्चा की।

बैठक के दौरान क्षेत्रवासियों ने रामपुरी में जलभराव के कारण उत्पन्न होने वाली परेशानियों से अवगत कराया। लोगों ने जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश के दौरान सड़क एवं गलियों में पानी भरने तथा आवागमन में होने वाली दिक्कतों की जानकारी दी। क्षेत्रवासियों ने समस्या के स्थायी समाधान की आवश्यकता पर जोर दिया। कपिल देव अग्रवाल ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि रामपुरी क्षेत्र में जलभराव की वास्तविक स्थिति का मौके पर निरीक्षण कर आवश्यक कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने जल निकासी की व्यवस्था को प्रभावी बनाने के साथ ही उन कारणों को चिन्हित करने के निर्देश दिए, जिनकी वजह से क्षेत्र में जलभराव की स्थिति उत्पन्न होती है। इस दौरान नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी पवन कुमार, तहसीलदार सदर राधेश्याम गौड़ सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि जलभराव की समस्या के त्वरित निराकरण के साथ-साथ इसके स्थायी समाधान की दिशा में भी आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

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राज्यमंत्री ने कहा कि बारिश के दौरान नागरिकों को जलभराव के कारण किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करना आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों से मौके की स्थिति का संज्ञान लेकर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करने को कहा। उन्होंने कहा कि जनसमस्याओं का त्वरित निराकरण और नागरिकों को सुगम, सुरक्षित एवं बेहतर जीवन परिस्थितियां उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। इसके लिए संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर समस्याओं का प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाना चाहिए। बैठक में अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए गए कि केवल तत्काल राहत तक सीमित न रहते हुए जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए आवश्यक तकनीकी एवं प्रशासनिक कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में क्षेत्रवासियों को बार-बार इसी समस्या का सामना न करना पड़े।

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