सहारनपुर के सरसावा-नकुड़ रोड पर रविवार देर रात STF की चेकिंग के दौरान हुई मुठभेड़ में 1.25 लाख रुपये के इनामी ललन सिंह उर्फ ललन को गोली लग गई। एडीजी अमिताभ यश के अनुसार, उसे पहले सीएचसी और फिर जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
एडीजी के मुताबिक, एएसपी लाल प्रताप सिंह के नेतृत्व में यूपी STF की टीम सरसावा-नकुड़ रोड पर चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान बाइक से आ रहे संदिग्धों को रोकने का इशारा किया गया, जिसके बाद पुलिस के अनुसार उनकी ओर से फायरिंग की गई।
पुलिस का कहना है कि जवाबी कार्रवाई में ललन को गोली लगी और वह सड़क पर गिर गया। उसका साथी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया। पुलिस फरार आरोपी की तलाश कर रही है।
पुलिस के अनुसार, यूपी और बिहार में था वांछित
पुलिस के मुताबिक, ललन बिहार के समस्तीपुर जिले के मोहिउद्दीननगर थाना क्षेत्र के आनंदगोलवा गांव का रहने वाला था। यूपी और बिहार की पुलिस उसकी तलाश कर रही थी।
पुलिस के अनुसार, वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट ने उस पर एक लाख रुपये और चंदौली पुलिस ने 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। इस तरह उस पर कुल 1.25 लाख रुपये का इनाम था।
पुलिस का दावा है कि ललन पर यूपी और बिहार में हत्या, डकैती और कैश वैन लूट से जुड़े कई मामले दर्ज थे। पुलिस के मुताबिक, वाराणसी में 8 नवंबर 2022 को एक सब-इंस्पेक्टर को गोली मारकर उनकी सरकारी पिस्टल लूटने के मामले में भी उसका नाम सामने आया था।
चंदौली में 1 नवंबर 2022 को एक युवक की हत्या कर बाइक लूटने के मामले में भी पुलिस ने ललन की भूमिका बताई है।
दो भाइयों के मारे जाने के बाद फरार हुआ था ललन
21 नवंबर 2022 को वाराणसी के बड़ागांव थाना क्षेत्र में रिंग रोड पर ललन और उसके भाइयों रजनीश कुमार व मनीष कुमार से पुलिस की मुठभेड़ हुई थी। इस कार्रवाई में रजनीश और मनीष की मौत हो गई थी, जबकि ललन वहां से भाग निकला था।
तीनों भाइयों पर 6 मार्च 2017 को बिहार के बेलछी थाना क्षेत्र में पीएनबी बैंक शाखा से 60 लाख रुपये लूटने का आरोप था। इस घटना में बैंक गार्ड योगेश्वर पासवान, सुरेश सिंह और चालक अजित यादव की गोली मारकर हत्या किए जाने का भी आरोप है।
पुलिस का कहना है कि तीनों भाई 9 सितंबर 2022 को पटना की बाढ़ जिला अदालत के टॉयलेट की दीवार तोड़कर फरार हो गए थे। इसके बाद वे वाराणसी के मंडुवाडीह क्षेत्र में छिपे थे।






