मुजफ्फरनगर में भाकियू का पैदल मार्च-ज्ञानेश के खिलाफ सड़कों पर किसान, पुतला फूंका

वोट चोरी के आरोपों पर सीजेपी के समर्थन में भाकियू टिकैत का प्रदर्शन, ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन

मुजफ्फरनगर। कथित वोट चोरी और मतदाता सूची से नाम काटे जाने के मुद्दे को लेकर शनिवार को भारतीय किसान यूनियन टिकैत के कार्यकर्ताओं ने जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। राष्ट्रीय नेतृत्व के आह्वान पर जिलाध्यक्ष नवीन राठी के नेतृत्व में किसानों, ग्रामीणों और संगठन के पदाधिकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान प्रकाश चौक पर पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था के बीच कुछ कार्यकर्ताओं ने पुलिस की घेराबंदी के बीच ही मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला दहन कर दिया। इससे मौके पर अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। बाद में संगठन की ओर से जिलाधिकारी कार्यालय पर पहुंचकर धरना दिया गया और यहां पहुंचे एडीएम प्रशासन के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया।

इसे भी पढ़ें:  LOKSABHA ELCTION-जयंत के कारण संजीव बालियान के चुनाव एजेंट अरविंद राज पर मुकदमा

जिलाध्यक्ष नवीन राठी के नेतृत्व में किसान और कार्यकर्ता महावीर चौक स्थित यूनियन कार्यालय पर एकत्र हुए और यहां से सीईसी ज्ञानेश कुमार तथा केन्द्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पैदल मार्च पर निकले। यहां से सभी जुलूस के रूप में जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और अपनी मांगों को लेकर वहां पर धरना दिया। यहां पर एडीएम प्रशासन देश दीपक सिंह को जिलाध्यक्ष द्वारा राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा और इसमें सीईसी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग प्रमुख रूप से की गई। प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने प्रमुख स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी।

प्रदर्शन के दौरान जिलाध्यक्ष नवीन राठी ने पत्रकारों से बातचीत में केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार संवैधानिक अधिकारों को कमजोर कर रही है और जनता की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में लोगों को अपनी मांगों और शिकायतों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने का अधिकार मिलना चाहिए।
नवीन राठी ने किसान आंदोलन का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि उस दौरान भी किसानों के आंदोलन को प्रभावित करने के लिए ऐसी परिस्थितियां पैदा की गईं, जिनसे अव्यवस्था का माहौल बना। अराजकता का माहैल सरकार बना रही है। ये सरकार हिटलर की नीति पर चलकर देश में अघोषित अपातकाल लगाकर जनता का उत्पीड़न करने पर तुली है। ट्रेन, मैट्रो और इंटरनेट बंद कर दिए गये। ये आंदोलन भी देश के स्वतंत्रता आंदोलन के जैसा है। उन्होंने कहा कि किसान अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ने से पीछे नहीं हटेंगे और संगठन का राष्ट्रीय नेतृत्व आगे जो भी कार्यक्रम तय करेगा, उसका पालन किया जाएगा।

इसे भी पढ़ें:  MUZAFFARNAGAR-दिल्ली-देहरादून हाईवे पर पलटी बारातियों की बस, 50 से ज्यादा घायल

भाकियू जिलाध्यक्ष ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ लगाए जा रहे आरोपों का उल्लेख करते हुए मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची से नाम काटे जाने और नए वोट बनवाने की प्रक्रिया में लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। संगठन की मांग है कि इन मामलों पर स्थिति स्पष्ट की जाए और लोगों की शिकायतों का समाधान किया जाए। प्रदर्शन में भाकियू टिकैत के पश्चिम प्रदेश महासचिव योगेश शर्मा, ओमपाल सिंह मलिक, युवा मंडल अध्यक्ष मोनू प्रधान, नगराध्यक्ष अनुपम शांडिल्य, पुरकाजी ब्लॉक अध्यक्ष मनीष प्रधान, संजय त्यागी चरथावल, सुमित पचेंडा सदर, शाहिद आलम, जितेंद्र बालियान, मोहब्बत अली, योगेश बालियान जानसठ, अनुज राठी मोरना और सर्वेंद्र राठी सहित संगठन के अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता शामिल रहे।

इसे भी पढ़ें:  स्वर्गीय नरेंद्र सैनी की सातवीं पुण्यतिथि पर कंबल वितरण
Share This Article