किसान नेता ने कहा-दीपावली के बाद शुरू होगा पंचायतों का दौर, किसान हितों पर आंदोलन तेज करेगी भाकियू
मुजफ्फरनगर। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा कर किसानों से जुड़े कई अहम मुद्दे उठाए। उन्होंने ट्यूबवेलों से चोरी, गन्ने के बकाया भुगतान पर ब्याज और युवाओं में बढ़ती नशाखोरी को लेकर चिंता जताई। टिकैत ने किसान हितों के लिए आंदोलन कर रहे संगठनों के प्रयासों का जिक्र करते हुए विरोधियों को भी जवाब दिया।
राकेश टिकैत ने पुलिस की ओर से चलाए जा रहे ऑपरेशन किसान प्रहरी का जिक्र करते हुए कहा कि ट्यूबवेलों पर चोरी की घटनाएं किसानों के लिए बड़ी समस्या बनी हुई हैं। चोर एक ही दिन में 15 से 20 ट्यूबवेलों को निशाना बनाकर किसानों को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचा देते हैं। उन्होंने कहा कि चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए केवल चोरों को पकड़ना पर्याप्त नहीं है, बल्कि चोरी का सामान खरीदने और उसे बेचने वाले लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने बिजली के तारों समेत अन्य कृषि उपकरणों की चोरी पर प्रभावी रोक लगाने की जरूरत बताई। टिकैत ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति चोरी करने वालों की सिफारिश करता है तो पुलिस अधिकारियों को ऐसे लोगों के नाम भी सार्वजनिक करने चाहिए।
भाकियू प्रवक्ता ने गन्ने के बकाया भुगतान पर ब्याज के मुद्दे को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि किसान संगठन ने लखनऊ में आंदोलन के दौरान इस विषय को अधिकारियों के सामने प्रमुखता से उठाया था। उन्होंने कहा कि कई चीनी मिलों पर अभी भी किसानों का बकाया भुगतान लंबित है। उत्तराखंड की इकबालपुर चीनी मिल का मामला उठाते हुए उन्होंने कहा कि वहां भी किसानों को भुगतान नहीं मिलने की समस्या बनी हुई है। राकेश टिकैत ने उत्तराखंड के खानपुर क्षेत्र के विधायक उमेश कुमार का जिक्र करते हुए बताया कि बातचीत के दौरान विधायक ने उन्हें जानकारी दी कि उन्होंने इसी मुद्दे पर इस्तीफा दिया है और किसानों की लड़ाई लड़ने की बात कही है। टिकैत ने अन्य विधायकों और जनप्रतिनिधियों से सवाल किया कि किसानों के हितों के लिए कितने जनप्रतिनिधि अपने पद छोड़ने जैसा कदम उठाने को तैयार हैं।
भाकियू प्रवक्ता ने युवाओं में बढ़ती नशाखोरी पर चिंता जताते हुए कहा कि नशे के खिलाफ भी संगठन अभियान और आंदोलन चला रहा है। उन्होंने पंजाब का जिक्र करते हुए कहा कि वहां नशे के खिलाफ बड़े स्तर पर आंदोलन हो रहे हैं। उन्होंने परविंदर झोट्टा की हत्या का उल्लेख करते हुए दावा किया कि यह मामला नशाखोरी के खिलाफ चलाए जा रहे आंदोलन से जुड़ा है। टिकैत ने कहा कि पंजाब में नशे की बढ़ती समस्या का असर हरियाणा और उत्तर प्रदेश में भी दिखाई देने लगा है। उन्होंने मुजफ्फरनगर समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश में नशे के कारोबार पर चिंता जताई। उनका आरोप है कि कुछ मेडिकल स्टोरों पर नशे के लिए इस्तेमाल होने वाली दवाइयां खुलेआम बेची जा रही हैं। उन्होंने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि कुछ पुलिसकर्मी कथित वसूली के जरिए इस अवैध कारोबार को बढ़ावा दे रहे हैं।
राकेश टिकैत ने कहा कि जिस तरह पुलिस ने ट्यूबवेल चोरी रोकने के लिए ऑपरेशन किसान प्रहरी शुरू किया है, उसी तरह नशाखोरी और नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए भी विशेष अभियान चलाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। इसके लिए पुलिस-प्रशासन, सामाजिक संगठनों, किसानों और आम लोगों को एकजुट होकर प्रयास करने होंगे। टिकैत ने बताया कि किसान संगठनों के माध्यम से एक महीने के दौरान 17 बड़ी बैठकें की गई हैं। इन बैठकों में किसानों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई है। दीपावली के बाद किसान हितों से जुड़े मुद्दों को लेकर कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं, गन्ना भुगतान, चोरी और नशाखोरी जैसे विषयों पर जनजागरण के साथ आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा।
