मुजफ्फरनगर-विकास कार्यों के एस्टीमेट पर भाजपा सभासदों में टकराव

वार्ड-25 और 49 में प्रस्तावित कार्यों के व्ययानुमान में समानता का आरोप, सभासद देवेश कौशिक ने ईओ से शिकायत कर की जांच की मांग

मुजफ्फरनगर। नगर पालिका परिषद में विकास कार्यों के प्रस्तावों को लेकर भाजपा के ही सभासद आमने-सामने आ गए हैं। वार्ड-25 और वार्ड-49 में प्रस्तावित विकास कार्यों के एस्टीमेट में कथित समानता को लेकर वार्ड-26 के सभासद भाजपा नेता देवेश कौशिक ने सवाल उठाते हुए जांच की मांग की है। उन्होंने भाजपा के ही सभासदों राजीव शर्मा और मनोज वर्मा के दोनों वार्डों में अलग-अलग भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद एक जैसे कार्यों के लिए एक समान व्ययानुमान तैयार किए जाने पर वित्तीय अनियमितता और पालिका अधिकारियों से मिलीभगत की आशंका जताई है।

भाजपा सीाासद देवेश कौशिक ने 31 अक्टूबर 2026 को नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी पवन कुमार को शिकायती पत्र भेजकर आरोप लगाया कि वार्ड-25 के सभासद राजीव शर्मा और वार्ड-49 के सभासद मनोज वर्मा के क्षेत्रों में प्रस्तावित विकास कार्यों के एस्टीमेट लगभग एक जैसे तैयार किए गए हैं। शिकायत में संबंधित अवर अभियंता की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं। शिकायत के अनुसार, 18 जुलाई को हुई पालिका बोर्ड बैठक में राज्य वित्त के मद से भाजपा सभासदों के इन दोनों वार्डों में कैट आई सोलर, कैट आई थर्माेप्लास्टिक रोड लाइन, फैंसी फोकस लाइट, गमले लगाने, सीएनसी कटिंग शीट से सौंदर्यीकरण के अलावा सड़क, नाली, चैनल और पुलिया मरम्मत जैसे कार्य प्रस्तावित हैं। आरोप है कि इन कार्यों के लिए तैयार किए गए एस्टीमेट में काफी समानता है। देवेश कौशिक ने पूरे मामले की जांच कराकर जिम्मेदारी तय करने की मांग की है।

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ईओ ने प्रथम दृष्टया आरोपों को बताया बेबुनियाद

इस मामले में अधिशासी अधिकारी पवन कुमार का कहना है कि भाजपा सभासद देवेश कौशिक की शिकायत की प्रारंभिक पड़ताल में आरोप सही नहीं पाए गए हैं। उन्होंने बताया कि 18 जुलाई 2026 को हुई बोर्ड बैठक में पारित एजेंडे के प्रस्ताव संख्या 1112 के क्रमांक 69 और 109 के तहत दोनों वार्डों में राज्य वित्त की धनराशि से प्रस्तावित कार्यों के विभागीय व्ययानुमान अलग-अलग हैं। ईओ के अनुसार, वार्ड-25 में प्रस्तावित कार्यों का विभागीय व्ययानुमान 1 करोड़ 20 लाख 23 हजार 654 रुपये है, जबकि वार्ड-49 के लिए 1 करोड़ 7 लाख 3 हजार 350 रुपये का व्यय अनुमान तैयार किया गया है। दोनों के बीच करीब 13.20 लाख रुपये से अधिक का अंतर है। उन्होंने कहा कि इस आधार पर शिकायत में लगाए गए आरोप प्रथम दृष्टया सही नहीं लगते। हालांकि, मामले में संबंधित अवर अभियंता को विभागीय स्तर पर परीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही चेयरमैन को भी प्रकरण से अवगत कराया जा रहा है।

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राजीव और मनोज ने शिकायत को बताया दुर्भावनापूर्ण साजिश

वार्ड-25 के सभासद राजीव शर्मा ने कहा कि उनके क्षेत्र में जनहित से जुड़े विकास कार्य प्रस्तावित किए गए हैं। कुछ लोग इन कार्यों को लेकर दुर्भावना के चलते झूठी शिकायतें कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह किसी भी जांच के लिए तैयार हैं। अभी कार्य टेंडर प्रक्रिया में हैं, ऐसे में अनियमितता के आरोप लगाना उचित नहीं है। यह उनके खिलाफ पार्टी अनुशासन के विरुद्ध जाकर एक साजिश है। वहीं वार्ड-49 के सभासद मनोज वर्मा ने अपने वार्ड को नगर पालिका चेयरमैन मीनाक्षी स्वरूप के सहयोग से विकसित आदर्श वार्ड बताया। उनका कहना है कि वार्ड में कूड़ाघर तक नहीं है और जनता की सुविधाओं को ध्यान में रखकर विकास कार्य कराए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ईर्ष्या और दुर्भावना के चलते विकास कार्यों में बाधा डालने के उद्देश्य से ये झूठी शिकायत की गई है। फिलहाल, एक ही पार्टी के तीन सभासदों के बीच विकास कार्यों को लेकर उठे सवालों के बाद नगर पालिका में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। दोनों सभासदों का कहना है कि पहले भी उनके वार्ड में विकास कार्य को लेकर शिकायत की थी, जो जांच में झूठी और गलत पाई गई।

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