सुन लें अफसर, बुढ़ाना में एक्शन का रिएक्शन होगाः संजीव बालियान

मुजफ्फरनगर। बुढ़ाना कस्बे में सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट करने के मामले में हुए प्रदर्शन और कार्यवाही के बाद सोमवार को पूर्व केन्द्रीय मंत्री डॉ. संजीव बालियान भाजपा नेताओं और समर्थकों के साथ बुढ़ाना में जेल भेजे गये आरोपी अखिल त्यागी के घर पहुंचे और वहां पर मीटिंग करते हुए पुलिस अधिकारियों के सामने ही स्पष्ट कर दिया कि दस साल पुलिस अराजकतत्वों के खिलाफ स्वतंत्र रही है, तो अफसरों को आज भी स्वतंत्र रहकर कार्य करने की आवश्यकता है। भीड़ तंत्र के दबाव में जिले को नहीं चलने दिया जायेगा। उन्होंने अखिल त्यागी के घर पर पथराव करने वालों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए कहा कि जिले में कानून का राज ही कायम रहेगा। पत्थरबाजों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो जिले के अफसर ये भी याद रखें कि भीड़ हमारे भी पास है, हम भी थाने का घेराव करना जानते है। पुलिस प्रशासन पीछे हट रहा है तो बुढ़ाना में एक्शन का रिएक्शन तो जरूर होगा। उन्होंने कहा कि अखिल त्यागी का घर और परिवार मेरा है।

भाजपा कार्यकर्ता बंटी उर्फ प्रवेश त्यागी निवासी बुढ़ाना के आवास मीटिंग के दौरान पूर्व मंत्री डॉ. संजीव बालियान ने कहा कि अखिल त्यागी ने जो किया वो गलत था, उसके परिवार ने भी उसकी गलती को स्वीकार किया और पुलिस के आने पर उसको सौंप दिया गया था। अखिल को पकड़ने के बाद पुलिस ने जो कानूनी कार्यवाही होती है, वो की। गिरफ्तारी के साथ ही बात वहीं पर समाप्त हो जानी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि यह जिले में पहली घटना है, जिसमें एक भीड़ तंत्र ने सड़क पर उतरकर पूरे कस्बे और नगर पर कब्जा कर लिया। पुलिस की कार्यवाही आरोपी के खिलाफ होने के बाद भी भीड़ ने सड़क पर आकर जिस प्रकार से कस्बे पर कब्जा किया गया और भाजपा कार्यकर्ता के घर पर आकर पथराव किया गया। जिस समय भीड़ सड़कों पर उग्र थी, उस दौरान यदि हिन्दू समाज के लोग भी सड़क पर आते तो कितनी बड़ी घटना हो सकती थी। सड़क पर हिन्दू समाज के लोगों के साथ अप्रिय घटना होती तो कौन जिम्मेदार होती। उनके साथ कुछ भी किया जा सकता था। भीड़ के बीच पुलिस खुद भी घिरी हुई थी। उस रात के तनाव को पुलिस खुद भी समझती है।

पूर्व मंत्री डॉ. संजीव बालियान ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता का परिवार भी पत्थरबाजों की हरकत के कारण भयभीत है। इनके साथ उस रात क्या नहीं किया जा सकता था। उन्होंने कहा कि हमें आज पुलिस प्रशासन के अफसरों से जवाब इस बात का चाहिए कि पथराव करने वालों, सड़क जाम कर दहशत फैलाने वालों पर पुलिस ने क्या कार्यवाही की है? यदि अफसरों को भीड़ की ही भाषा समझ आती है तो भीड़ तो हमारे भी पास है, हम भीड़ लेकर सड़कों पर उतरकर थाने का घेराव कर सकते हैं। उन्होंने एसएचओ बुढ़ाना आनंद देव मिश्रा को स्पष्ट कहा कि बुढ़ाना में पुलिस प्रशासन दबाव में काम कर रही है तो एक्शन का रिएक्शन होगा। जिस हिसाब से अफसर काम चलाना चाह है, उससे काम नहीं चल पायेगा। प्रशासन को दबाव में आने की कोई आवश्यकता नहीं है। अफसरों को सरकार ने स्वतंत्रता दी है। आज हमें ये बताना होगा कि पत्थरबाजों के खिलाफ क्या और कब तक कार्यवाही होगी? हम यही चाहते हैं कि जिसने गलती की है उसको सजा जरूर मिले और पुलिस की कार्यवाही एक नजीर बने तथा संदेश जाये कि इस जिले को भीड़ के सहारे नहीं चलाया जा सकता है, यहां पर ऐसे भीड़ उतरकर रास्ते जाम नहीं कर सकती है। जिले में किसी की मनमर्जी नहीं चल सकती है, यहां कानून का राज है, जो कायम रहेगा। गलती करना वाला कोई भी हो, उसको बख्शा नहीं जायेगा। भीड़ देखकर पुलिस प्रशासन पीछे हट जायेगा तो हम भी भीड़ लेकर थाने में बैठेंगे उनकी ही तरह और पुलिस अफसरों को अब समय बताना होगा कि भाजपा कार्यकर्ता के घर पर पथराव करने वालों को कब तक पकड़ा जायेगा।

इसे भी पढ़ें:  भाकियू तोमर ने सीएमओ कार्यालय को घेरा, लगाये आरोप

मीटिंग के दौरान पूर्व मंत्री डॉ. संजीव बालियान के सम्बोधन की एक वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रही है। इसमें साफ नजर आ रहा है कि बुढ़ाना कोतवाल इंस्पेक्टर आनंद देव मिश्रा भी उनके सामने ही भीड़ के बीच बैठे हुए हैं। इसके साथ ही संजीव बालियान ने अपनी फेसबुक वॉल पर भी मीटिंग की वीडियो के साथ संदेश साझा किया है। इसमें उन्होंने कहा कि बुढ़ाना कस्बे मंे विगत दिवस हुए घटनाक्रम मे भीड़ तंत्र की आड़ मे अमन-चैन बिगाड़ने वाले किसी भी कीमत पर बख्शे नहीं जायेगे। कानून सभी के लिए बराबर है। अखिल त्यागी का घर मेरा घर है। बता दें कि आपत्तिजनक पोस्ट करने वाला आरोपी अखिल त्यागी भाजपा कार्यकर्ता बंटी उर्फ प्रवेश त्यागी का चचेरा भाई है और दोनों का परिवार साथ ही निवास करता है। बंटी त्यागी के आवास पर प्रदर्शन के दौरान पथराव करने के आरोप में भी 20-25 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज है। इस दौरान जिला सहकारी बैंक के सभापति ठा. रामनाथ सिंह सहित सैंकड़ों लोग और भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे।

इसे भी पढ़ें:  मोदी सरकार के संघर्ष विराम से देश की जनता निराशः ललित मोहन

मंत्री ने पूछा-जमानती अपराध में अखिल को जेल भेजने में क्यों जुटे रहे अफसर

मुजफ्फरनगर। पूर्व मंत्री डा. संजीव बालियान ने सोमवार को बुढ़ाना स्थित अखिल त्यागी के आवास पर आयोजित मीटिंग में पुलिस प्रशासन के रवैये पर खासा गुस्सा जताया। उन्होंने एसएचओ बुढ़ाना इंस्पेक्टर आनंद देव मिश्रा को भीड़ के बीच ही बैठाकर खूब खरी खोटी सुनाते हुए अखिला त्यागी को जमानती अपराध में भी जेल भेजने पर नाराजगी जताई और अफसरों से इसके लिए भी जवाब मांगा कि पथराव की शिकायत पर कार्यवाही क्यों नहीं हुई। इसकी वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है।

इसे भी पढ़ें:  टैक्स दरों में कोई बदलाव नहीं, फिर भी एक करोड़ करदाताओं को होने जा रहा है फायदा


मीटिंग में पूर्व मंत्री संजीव बालियान ने कहा कि समाज में बहुत से लोग हैं जो अलग-अलग कमेंट करते हैं, ऐसे मामलों में पुलिस के पास तहरीर भी आती है और तहरीर आने के बाद पुलिस जो भी न्यायसंगत होती है, वो कार्यवाही भी करती है, लेकिन अखिल त्यागी के प्रकरण में पुलिस ने केवल उसको जेल भेजने का मन बना लिया था। उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि अखिल त्यागी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी पर आई शिकायत के बाद पुलिस ने कार्यवाही की। उसको जेल भेजने के लिए पुलिस प्रशासन ने पूरा जोर लगा लिया था। जबकि ये जमानती अपराध है, फिर भी अखिल को जेल भिजवाया गया। प्रशासन की पूरी भूमिका अखिल को जेल भिजवाने में रही है। सीओ बुढ़ाना गजेन्द्र पाल सिंह और एसएचओ आनंद देव मिश्रा से उन्होंने सीधा सवाल करते हुए कहा कि किसी पर कमेंट करना ज्यादा बड़ा अपराध है या फिर किसी के घर पर पथराव कर अराजकता करना ज्यादा बड़ा अपराध है, तो फिर पत्थरबाजों पर अभी तक कार्यवाही क्यों नहीं की गयी है। एसपी देहात के मैनेजमेंट पर ही उन्होंने खूब सवाल उठाते हुए नाराजगी व्यक्त की है। 

Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *