MUZAFFARNAGAR-किसान से दस हजार की रिश्वत लेते लेखपाल रंगे हाथ गिरफ्तार

मुजफ्फरनगर। तहसील सदर के अन्तर्गत आने वाले गांव कसौली के एक किसान से जमीन प्रकरण के निस्तारण के लिए 50 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहे लेखपाल को सहारनपुर से आई एंटी करप्शन की टीम ने किसान से दस हजार रुपये बतौर रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया। लेखपाल द्वारा किसान से रिश्वत लिए जाने के दौरान उनकी गिरफ्तार के साथ ही तहसील में हड़कम्प मच गया। एंटी करप्शन की टीम आरोपी लेखपाल को पकड़कर थाने ले गई और वहां उससे घंटों तक पूछताछ की गई।

तहसील सदर के अन्तर्गत चरथावल क्षेत्र के गांव कसौली निवासी पूर्व प्रधान श्री चन्द्र बोस किसान भी हैं। उनकी जमीन का प्रकरण लम्बे समय से चला आ रहा है। इस प्रकरण के निस्तारण के लिए सम्बंधित लेखपाल को भी अर्जी दी गई थी, जिस पर जांच चल रही है। बुधवार को किसान श्री चन्द्र बोस से मामले के निपटारे में रिश्वत लेते हुए एंटी करप्शन सहारनपुर से आई टीम ने चरथावल क्षेत्र के लेखपाल पंकज कुमार धीमान को दबोच लिया। उनके पास से रिश्वत में लिये गये दस हजार रुपये के चिन्हित नोट भी बरामद कर लिये गये। टीम लेखपाल को गिरफ्तार करने के साथ ही गाड़ी में डालकर थाना खालापार ले आई। यहां पर घंटों तक उससे पूछताछ की गई। सूत्रों के अनुसार एंटी करप्शन सहारनपुर की टीम द्वारा गांव कसौली निवासी पूर्व प्रधान किसान चन्द्र बोस की शिकायत पर लेखपाल को गिरफ्तार किया गया।

इसे भी पढ़ें:  सफाई कर्मचारी महासंघ ने दी हड़ताल की चेतावनी

लेखपाल जमीन के मामले में मुकदमा दर्ज कराने के नाम पर 50 हजार की मांग रहा था। करीब एक सप्ताह पूर्व किसान श्री चन्द्र बोस द्वारा सहारनपुर पहुंचकर एंटी करप्शन विभाग में मामले की शिकायत की गई थी। शिकायत के बाद एंटी करप्शन ने जांच कराई और बुधवार का दिन कार्यवाही के लिए तय किया गया। पूर्व नियोजित प्लान के साथ टीम किसान को लेकर तहसील सदर पहुंची और चिन्हित कर दस हजार रुपये के नोट किसान को दे दिये गये। किसान ने लेखपाल से सम्पर्क किया और लेखपाल के आने पर जब उसने किसान से पैसों की डिमांड की तो किसान ने टीम से मिले दस हजार रुपये लेखपाल को थमा दिये। इसी दौरान टीम के सदस्यों ने दस हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए लेखपाल को रंगे हाथ दबोच लिया। इस सम्बंध में तहसीलदार सदर राधेश्याम गौड ने बताया कि चरथावल क्षेत्र के हल्का लेखपाल पंकज कुमार धीमान को एंटी करप्शन सहारनपुर की टीम द्वारा पकड़े जाने की सूचना मिली है। प्रकरण में कानूनगो से जांच कर रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद ही विभागीय स्तर पर कार्यवाही शुरू की जायेगी। इस सम्बंध में एसडीएम सदर को भी अवगत करा दिया गया है। 

इसे भी पढ़ें:  PALIKA--सरकार ने खोला खजाना, निकायों में हुई धनवर्षा

Also Read This

देवबंद हत्याकांड का खुलासा, 2 आरोपी गिरफ्तार

सहारनपुर/देवबंद। देवबंद क्षेत्र में गुमशुदगी से शुरू हुआ मामला हत्या तक पहुंच गया। करीब तीन दिन की तलाश के बाद जिस पिंटू का शव आखलौर खेड़ी क्षेत्र के नाले में मिला था, उस हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। थाना देवबंद पुलिस, एसओजी और स्वाट टीम की संयुक्त कार्रवाई में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से हत्या में इस्तेमाल ईंट का अद्धा, मृतक का आधार कार्ड, पैन कार्ड और एक आरोपी की खून से सनी शर्ट बरामद करने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार पकड़े गए आरोपियों की पहचान विशाल पुत्र इसम और गगन पुत्र विजय सिंह निवासी ग्राम आखलौर,

Read More »

दर्द के बीच दौड़ी जिंदगी, 102 एंबुलेंस में गूंजी नवजात की पहली किलकारी

ईएमटी प्रियंका की सूझबूझ से चलते रास्ते में हुआ सुरक्षित प्रसव, मां-बेटा स्वस्थ खतौली 26 मई, मंगलवार। कभी-कभी कुछ पल जिंदगीभर की खुशी बन जाते हैं। मंगलवार सुबह खतौली क्षेत्र में ऐसा ही भावुक और राहत भरा दृश्य देखने को मिला, जब अस्पताल पहुंचने से पहले ही 102 एंबुलेंस नवजात के जन्म की साक्षी बन गई। एंबुलेंस के भीतर गूंजी मासूम की पहली किलकारी ने परिवार के साथ-साथ स्वास्थ्यकर्मियों के चेहरे भी खुशी से खिला दिए।खतौली क्षेत्र के गांव पलड़ी निवासी भुवनेश्री (21) पत्नी गौरव को अचानक तेज प्रसव पीड़ा शुरू हुई। परिवार घबराया हुआ था, लेकिन 102 एंबुलेंस सेवा उम्मीद बनकर समय पर पहुंची। महिला ईएमटी प्रियंका और पायलट

Read More »

टिहरी में डोबरा चांठी पर्यटन मार्ग की भूमि पर सुनवाई, 5 मामलों में फिर मूल्यांकन के निर्देश

देहरादून/टिहरी गढ़वाल। कोटी कॉलोनी से डोबरा चांठी पर्यटन मार्ग निर्माण के लिए अर्जित भूमि और परिसंपत्तियों के पुनर्मूल्यांकन से जुड़े मामलों पर जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल की अध्यक्षता में बैठक हुई। बैठक में भू-स्वामियों की आपत्तियों को सुना गया और गठित समिति की रिपोर्ट के आधार पर 18 भूमि एवं भवन स्वामियों के मामलों पर विस्तार से चर्चा की गई। यह सुनवाई भूमि अर्जन, पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिनियम 2013 की धारा-33 के तहत की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य उन मामलों की स्थिति साफ करना था, जिनमें भू-स्वामियों ने अर्जित भूमि, भवन या अन्य परिसंपत्तियों के मूल्यांकन को लेकर आपत्ति दर्ज कराई थी। इसे भी पढ़ें: 

Read More »