रोजगार के नए अवसर, नियोक्ताओं को प्रोत्साहन और कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा पर हुई चर्चा
मुजफ्फरनगर। एम.जी. पब्लिक स्कूल में प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा इसके माध्यम से युवाओं को रोजगार के अवसरों और नियोक्ताओं को रोजगार सृजन के लिए मिलने वाले प्रोत्साहन की जानकारी देने के उद्देश्य से ईपीएफओ जागरूकता एवं आउटरीच कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जनपद के विभिन्न विद्यालयों के प्रधानाचार्यों ने प्रतिभाग किया।
एम.जी. पब्लिक स्कूल की प्रधानाचार्या श्रीमती मोनिका गर्ग ने शुक्रवार को आयोजित जागरुकता कार्यक्रम में अतिथि के रूप में पधारे सहायक जिला विद्यालय निरीक्षक श्री सुधीर कुमार, ईपीएफओ के एनफोर्समेंट ऑफिसर श्री राम बाबू यादव तथा डीलिंग ऑफिसर श्री अतुल कुमार के साथ ही विभिन्न विद्यालयों से आये प्रधानाचार्यों का स्वागत किया।
अतिथि अधिकारियों ने प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के विभिन्न पहलुओं की जानकारी देते हुए बताया कि योजना का उद्देश्य युवाओं को औपचारिक रोजगार से जोड़ना, पहली बार नौकरी प्राप्त करने वाले कर्मचारियों को प्रोत्साहित करना तथा नियोक्ताओं को नए रोजगार अवसर सृजित करने के लिए प्रोत्साहन प्रदान करना है। इसके साथ ही ईपीएफओ के माध्यम से योजना के क्रियान्वयन, कर्मचारी पंजीकरण एवं सामाजिक सुरक्षा से जुड़े प्रावधानों की जानकारी भी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि औपचारिक रोजगार से जुड़ने वाले कर्मचारियों के लिए भविष्य निधि, पेंशन एवं बीमा जैसी सामाजिक सुरक्षा व्यवस्थाएं महत्वपूर्ण हैं। कार्यक्रम में ईपीएफ, ईपीएस तथा ईपीएफओ की ऑनलाइन सेवाओं से संबंधित विषयों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

इस अवसर पर विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती मोनिका गर्ग ने कहा कि प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना युवाओं को औपचारिक रोजगार व्यवस्था से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि रोजगार केवल आय का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्ति और उसके परिवार के भविष्य की सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा का आधार भी है। ऐसे में युवाओं, विद्यालयों और नियोक्ताओं को रोजगार से जुड़ी सरकारी योजनाओं तथा ईपीएफओ की सामाजिक सुरक्षा व्यवस्थाओं की सही जानकारी होना आवश्यक है और ऐसे कार्यक्रम इस दिशा में महत्वपूर्ण होते हैं। उन्होंने अतिथियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में विद्यालय के स्टाफ का सराहनीय सहयोग रहा।
