दिल्ली के राष्ट्रीय कन्वेंशन में गरजे राकेश टिकैत, तालकटोरा स्टेडियम में आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन में देशभर से पहुंचे किसानों-श्रमिकों को किया संबोधित
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में श्रमिकों एवं किसानों का राष्ट्रीय कन्वेंशन आयोजित किया गया, जिसमें देश के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में किसान, मजदूर संगठन और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए। कार्यक्रम में भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता चैधरी राकेश टिकैत ने भी भाग लिया और किसानों तथा श्रमिकों को संबोधित करते हुए एकजुट होकर संघर्ष करने का आह्वान किया।
राकेश टिकैत ने अपने संबोधन में कहा कि देश का किसान अन्नदाता है और श्रमिक निर्माणदाता। दोनों वर्ग देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, लेकिन वर्तमान समय में इन्हीं वर्गों के सामने सबसे अधिक चुनौतियां खड़ी हैं। उन्होंने कहा कि आने वाला समय किसानों और मजदूरों के लिए संघर्ष का समय है और यदि दोनों वर्ग एकजुट होकर मजबूती से लड़ाई लड़ेंगे, तभी देश में बढ़ते पूंजीवादी प्रभाव को चुनौती दी जा सकेगी। उन्होंने कहा कि किसानों और श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक एकजुटता की आवश्यकता है।

टिकैत ने कहा कि खेती-किसानी लगातार संकट का सामना कर रही है। बढ़ती लागत, फसलों के उचित मूल्य का अभाव और विभिन्न नीतिगत चुनौतियां किसानों की परेशानी बढ़ा रही हैं। ऐसे समय में किसानों और मजदूरों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होकर लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष करना होगा। इस दौरान उन्होंने मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मूंग दाल उत्पादक किसानों के आंदोलन का भी समर्थन किया। टिकैत ने कहा कि मूंग की फसल का किसानों को उचित मूल्य नहीं मिल रहा है, जिससे वे आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को किसानों की समस्याओं का तत्काल समाधान करना चाहिए और मूंग दाल की फसल का लाभकारी मूल्य सुनिश्चित करना चाहिए, ताकि किसानों को उनकी मेहनत का उचित प्रतिफल मिल सके। उन्होंने आंदोलनरत किसानों की मांगों को जायज बताते हुए कहा कि किसानों की आवाज को अनसुना करना उचित नहीं होगा। संयुक्त किसान मोर्चा इस आंदोलन को लीड कर रहा है, हम भी किसानों के साथ खड़े हैं।

राष्ट्रीय कन्वेंशन में विभिन्न किसान और श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी अपने विचार रखे। वक्ताओं ने कृषि, श्रम, रोजगार, न्यूनतम समर्थन मूल्य, सामाजिक सुरक्षा और श्रमिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। सम्मेलन में किसानों और मजदूरों के हितों की रक्षा के लिए साझा रणनीति बनाने तथा भविष्य में संयुक्त आंदोलन को और मजबूत करने पर भी जोर दिया गया। कार्यक्रम के दौरान देशभर से पहुंचे किसानों और श्रमिकों ने अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं को साझा किया और संगठनात्मक एकता को मजबूत करने का संकल्प लिया। सम्मेलन का उद्देश्य किसानों और श्रमिकों के मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रभावी ढंग से उठाना तथा उनके अधिकारों की रक्षा के लिए साझा मंच तैयार करना रहा।
