ड्रीम प्रोजेक्ट पर तकरारः एमडीए के सौन्दर्यकरण कार्य पर नगरपालिका का बड़ा ऐतराज

मेरठ रोड पर डीएम आवास के सामने बन रहा ग्रीन पाथ-वे जल निकासी में बनेगा बाधा, पालिका ने जताई कड़ी आपत्ति

मुजफ्फरनगर। जनपद में विकास परियोजनाओं में अंतर विभागीय समन्वय का अभाव विकास को भी विनाश में बदलने वाला साबित हो रहा है। एमडीए द्वारा परिक्रमा मार्ग पर कई वर्ष पूर्व एक नाले का निर्माण कराया गया था, यही नाला इस सड़क की गंभीर दुर्दशा का कारण बना। अब एमडीए का ऐसा ही एक ओर विकास कार्य सवालों के घेर में है। इसमें आम जनमानस नहीं बल्कि खुद नगरपालिका परिषद् के अधिकारी ने बड़ा ऐतराज जताते हुए इसे भविष्य के विनाश का विकास बताया है। मुजफ्फरनगर में मेरठ रोड स्थित जिलाधिकारी आवास के सामने मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण (एमडीए) द्वारा कराए जा रहे सौन्दर्यकरण कार्य को लेकर नगरपालिका और एमडीए आमने-सामने आ गए हैं। नगरपालिका के स्वास्थ्य विभाग ने इस परियोजना को भविष्य में जल निकासी के लिए गंभीर खतरा बताते हुए कड़ा विरोध दर्ज कराया है। विभागीय समन्वय के अभाव में करोड़ों रुपये की इस महत्वकांक्षी विकास योजना पर पानी फिरने की आशंका जताई जा रही है।
मेरठ रोड पर डीएम आवास के सामने एमडीए द्वारा कराए जा रहे ग्रीन पाथ वे के रूप में लोगों को एक सुन्दर सेल्फी प्वाइंट उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कराये जा रहे सौन्दर्यकरण कार्य पर नगरपालिका परिषद ने आपत्ति जताई है। एमडीए की ओर से सड़क की एक साइड स्थित नाले को कवर्ड कर वहां ग्रीन पाथ-वे और चिल्ड्रन पार्क विकसित किया जा रहा है। नगरपालिका के स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि इस कार्य में नाले की सफाई के लिए आवश्यक प्वाइंट नहीं छोड़े गए हैं, जिससे बरसात के मौसम में जल निकासी गंभीर रूप से प्रभावित होने के साथ ही यह ठप हो सकती है।
पालिका के सीएसएफआई योगेश गोलियान ने इस सम्बंध में अपना ऐतराज और एमडीए के प्रोजेक्ट में जल निकासी को लेकर पैदा हो रही खामियों को लेकर पालिका अध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप को अवगत कराते हुए विभागीय समन्वय बनाकर कार्य सम्पन्न कराने पर जोर दिया है। उनका कहना है कि यह नाला विकास भवन, कंपनी बाग तथा आसपास की कई आवासीय कॉलोनियों के जल निकासी का प्रमुख माध्यम है। यदि नाले की नियमित सफाई नहीं हो सकी तो बारिश के दौरान इन क्षेत्रों में भारी जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। इससे आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। अपनी आपत्ति दर्ज कराते हुए उन्होंने एमडीए परियोजना पर बिना समन्वय कार्य कराए जाने पर सवाल उठाते हुए कहा कि अब तक नगरपालिका से कोई औपचारिक संपर्क नहीं किया गया। जबकि नाला सफाई और स्वास्थ्य विभाग से जुड़ा यह विषय सीधे नगरपालिका के अधिकार क्षेत्र में आता है। उन्होंने कहा कि पार्क के बीच में नाले की सफाई के लिए स्पष्ट प्वाइंट निर्धारित किए जाएं, ताकि भविष्य में जल निकासी बाधित न हो। उनका कहना है कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो इस नाले के बंद होने के कारण भविष्य में कंपनी बाग, विकास भवन में कई कई फुट पानी खड़ा हो जायेगा और नुमाइश कैम्प सहित अन्य आसपास की कालोनियों में जल भराव की गंभीर समस्या उत्पन्न हो सकती है।

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1.30 करोड़ की लागत से एमडीए बनवा रहा ग्रीन पाथ-वे, बनेगा चिल्ड्रन पार्क

मुजफ्फरनगर। मेरठ रोड पर एमडीए द्वारा विकसित किया जा रहा ग्रीन पाथ वे मुजफ्फरनगर जनपद को एक नई पहचान देने वाला सेल्फी प्वाइंट साबित होगा। चिल्ड्रन पार्क, स्मॉल कैनाल, लाइटिंग और बैठने के लिए सुन्दर छतरी तथा हरा भरा वातावरण इस ग्रीन पाथ वे के मुख्य आकर्षण होंगे।
एमडीए सचिव कुंवर बहादुर सिंह का कहना है कि इस महत्वकांक्षी परियोजना का सिविल वर्क लगभग पूरा हो चुका है और अब लाइटिंग का कार्य शुरू किया जाएगा। पार्क में लोगों के बैठने के लिए सुन्दर छतरी नुमा स्थान पर बैंच लगाई जाएंगी, चिल्ड्रन जोन में झूले, एनिमल स्टेच्यू के साथ ही यहां पर स्मॉल कैनाल आदि लगाने की भी योजना है। उन्होंने बताया कि करीब 450 मीटर क्षेत्र में विकसित की जा रही इस योजना पर लगभग 1.30 करोड़ रुपये की लागत आ रही है और इसे दो सप्ताह में पूरा करने का लक्ष्य है। एमडीए सचिव ने यह भी स्पष्ट किया कि नगरपालिका की ओर से इस परियोजना के डिजाइन और वर्क को लेकर कोई भी शिकायत या सुझाव विभागीय स्तर पर उपलब्ध नहीं कराया गया है और न ही निर्माण कार्य को लेकर किसी आपत्ति के साथ अब तक किसी प्रकार का संपर्क किया गया है। परियोजना के सम्बंध में पूरी तकनीकी टीम के साथ डिजाइन तैयार किया गया है और जल निकासी के लिए इसमें कोई बाधा उत्पन्न नहीं होगी।

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