पूर्व सांसद कादिर राणा का काफिला रोका, थाना प्रभारी से तीखी बहस

मेरठ जाने के दौरान पूर्व सांसद को पुलिस ने सड़क पर रोका, सपा नेता ने हाथ पकड़ने पर जताई नाराजगी, कहा-मेरा सड़क पर किया अपमान

मुजफ्फरनगर। दिल्ली में इंडिया गठबंधन के प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर जिले में पुलिस की सतर्कता का असर सोमवार को सपा नेताओं की आवाजाही पर भी दिखाई दिया। पूर्व सांसद एवं सपा नेता कादिर राणा का काफिला मेरठ रोड पर रोकने के दौरान पुलिस और उनके बीच तीखी बहस हो गई। गाड़ी से उतरकर पैदल आगे बढ़ने पर पुलिसकर्मी भी उनके पीछे चलने लगे। इसी बीच थाना प्रभारी द्वारा हाथ पकड़े जाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद मामला चर्चा में आ गया।

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जानकारी के अनुसार, कादिर राणा मेरठ रोड स्थित राणा हाउस से अपने वाहनों के साथ निकले थे। इसी दौरान खालापार थाना प्रभारी विजय कुमार पुलिस बल के साथ पहुंचे और उनके काफिले को रोक दिया। पुलिस की कार्रवाई से नाराज पूर्व सांसद अपनी गाड़ी से उतरकर पैदल चलने लगे। आरोप है कि थाना प्रभारी ने उन्हें रोकने के लिए हाथ पकड़ लिया। इस पर कादिर राणा ने विरोध जताते हुए अपना हाथ छुड़ा लिया। इसके बाद दोनों के बीच काफी देर तक बहस होती रही।

पूर्व सांसद ने पुलिस अधिकारियों से उन्हें रोकने का कारण पूछा और संबंधित आदेश या वारंट दिखाने की मांग की। पुलिसकर्मी उन्हें रोकने का प्रयास करते रहे, जबकि वह पैदल आगे बढ़ते रहे। वहलना चौक के पास राणा स्टील फैक्ट्री के निकट कादिर राणा ने मस्जिद में जाने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें वहां भी रोक दिया। कादिर राणा का कहना है कि वह कारोबारी काम से मेरठ जा रहे थे। इसी दौरान पुलिस बल ने उनके वाहनों को रोक लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें रोकने के लिए कोई लिखित आदेश नहीं दिखाया गया। उनके मुताबिक, इस तरह रास्ता रोकना लोकतांत्रिक अधिकारों के विपरीत है। पूर्व सांसद ने पुलिस के रवैये पर नाराजगी जताते हुए कहा कि बिना आदेश या वारंट के उन्हें रोकना संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन है। उन्होंने आरोप लगाया कि थाना प्रभारी ने सड़क पर उनका हाथ पकड़कर जिस तरह रोकने की कोशिश की, उससे उनकी प्रतिष्ठा प्रभावित हुई। उन्होंने इस व्यवहार को अनुचित बताते हुए पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए। खालापार थाना प्रभारी विजय कुमार ने कादिर राणा के आरोपों को गलत बताया। उनके अनुसार, पुलिस ने पूर्व सांसद से उस दिन घर पर ही रहने का अनुरोध किया था। थाना प्रभारी का कहना है कि गाड़ी से उतरने के बाद कादिर राणा ने स्वयं उनसे हाथ मिलाया था। उन्होंने हाथ पकड़कर जबरन ले जाने के आरोप से इनकार किया।

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