शिव भक्त कांवड़िया के पांव दबाकर छा गई सीओ ऋषिका सिंह

मुजफ्फरनगर। सावन मास की कांवड़ यात्रा यूपी की सियासत में भी तूफान मचाये हुए है। शिव भक्तों की सेवा के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी अफसरों को सख्त आदेश दिये तो सपा के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने एक बयान में यह तंज कसा था कि सीएम योगी अपने सीओ और एसडीएम को आदेश जारी कर दें कि वो कांवड़ियों के बैठकर पांव दबायें, इसको लेकर खूब सियासी बयानबाजी होती रही। इसी बीच एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें सीओ फुगाना पीसीएस अफसर ऋषिका सिंह एक सेवा शिविर में दो महिला कांवड़ियों के पांव दबाते हुए उनसे बातचीत कर कुशलक्षेम पूछ रही हैं। 33 सेकंड की इस वीडियो ने यूपी की सियासत में नया बवेला खड़ा कर दिया है। इस वीडियो को सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर शेयर करते हुए सीओ के सेवा भाव की प्रशंसा की तो एक सेवा भाव को लेकर एक तंज भी कस दिया।

पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की ओर से फेसबुक और एक्स सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर कांवडियों के पैर दबाते हुए पोस्ट की गई वीडियो मुजफ्फरनगर जनपद के फुगाना सर्किल की सीओ ऋषिका सिंह का है। पिछले दिनों ही वह तबादला होकर जिले में आई हैं और एसएसपी द्वारा उन्हें फुगाना सर्किल की जिम्मेदारी दी गई है, जिस पर वो जिम्मेदारी के साथ काम करते हुए अपराध उन्मूलन में जुटी हैं। अब सावन मास की कांवड़ यात्रा के दौरान भी वो सुरक्षा के साथ ही सेवा भाव को भी प्रदर्शित करने से पीछे नहीं हटी। कांवड़ यात्रा में ऋषिका सिंह शिव भक्तों की सेवा करने के साथ ही बड़ी सुर्खियों में आई गई हैं। सोशल मीडियो पर उनका वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें वह कावड़ियों के पैर दबाते हुए उनकी थकान दूर करने में मदद कर रही हैं। इसी को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उनकी यह वीडियो अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म से शेयर करते हुए प्रशंसा की है, उन्होंने लिखा है कि सेवा का भाव अच्छा है अगर उसके पीछे का भाव अच्छा है। इसके साथ ही उन्होंने तंज और सराहना के बीच संतुलित टिप्पणी देते हुए मुद्दे को राजनीतिक विमर्श में ला दिया।

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में सीओ ऋषिका सिंह कांवड़ यात्रा के दौरान वह लगातार शिवभक्तों के बीच रहकर उनकी मदद कर रही हैं। वीडियो में वो कुर्सी पर बैठकर वर्दी में ही दो शिव भक्त महिला कांवड़ियों के पैरों को दबाकर थकान दूर करने की कोशिश करती नजर आती हैं।इस दौरान वो दोनों के साथ बातचीत करते हुए उनका कुशलक्षेम भी जान रही हैं। इस वीडियो के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएं मिली-जुली हैं। कुछ इसे पुलिस की मानवीय पहल मान रहे हैं, तो कुछ इस पर सवाल भी उठा रहे हैं। प्रशासन की ओर से इस वीडियो को लेकर अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन सीओ ऋषिका सिंह के इस कार्य ने उन्हें कांवड़ यात्रा में चर्चा का केंद्र बना दिया है। इसके साथ ही अखिलेश यादव की टिप्पणी के बाद वो पूरी तरह से सियासी हल्कों में छा गई हैं।

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यूपीएससी में तीन बार की विफलता से टूट गई थी ऋषिका सिंह

लखनऊ की रहने वालीं ऋषिका सिंह 2022 बैच की पीपीएस अधिकारी हैं। उनकी 80वीं रैंक आई थी। ट्रेनिंग के बाद उनकी मुजफ्फरनगर में यह पहली पोस्टिंग है। ऋषिका ने 12वीं तक की पढ़ाई लखनऊ से ही कॉमर्स में की। इसके बाद आगे की पढ़ाई के लिए वह दिल्ली आ गईं और डीयू के दौलतराम कॉलेज से उन्होंने बीए ऑनर्स की पढ़ाई की। ऋषिका सिंह के मुताबिक वह एमबीए करना चाहती थीं, इसके लिए तैयारी में जुटी लेकिन मन नहीं लगा तो यूपीएससी की तैयारी करने लगी। साल 2019 में पहली बार यूपीएससी का एग्जाम दिया लेकिन सफलता हाथ नहीं लगी। इसके बाद 2020 में मेन्स की परीक्षा पास कर ली लेकिन इंटरव्यू में लटक गईं। इसके बाद एक बार फिर इंटरव्यू तक पहुंची लेकिन इस बार भी उन्हें निराशा हाथ लगी। लगातार असफलता मिलने से ऋषिका सिंह टूट गईं और 2021 में दिल्ली से लखनऊ चली आईं। खुद को काफी संभालने के बाद फिर से तैयारी में जुट गईं औ आखिरकार साल 2022 में यूपी पीएससी में उनका चयन हो गया। सीओ ने बताया कि कांवड़ियों को देखकर उनके मन में सवाल आया कि गंगाजल लेकर इतनी दूर पैदल यात्रा करके आ रहे हैं क्या इन्हें थकान नहीं हो रही है। इसी सवाल के जबाव के लिए उन्होंने कांवड़ लेकर गुजर रही महिलाओं से बात की और साथ ही उनकी सेवा की। 

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