पालिका कर्मियों में खींचतान, प्रांतीय उपाध्यक्ष और जिलाध्यक्ष के बीच हुई तू तड़ाक

मुजफ्फरनगर। नगरपालिका परिषद् में सभासदों की शिकायतों के खिलाफ बैठक कर हड़ताल की चेतावनी के साथ चेयरपर्सन और ईओ को ज्ञापन देने के बावजूद भी कर्मचारियों का दबाव काम नहीं आ पा रहा है। अब कुछ सभासदों की शिकायत के बाद चेयरपर्सन द्वारा संगठन के मंत्री की पदोन्नति के खिलाफ ही जांच बैठा दिये जाने से संगठन में आक्रोश है तो वहीं इस मुद्दे पर कामबंद हड़ताल और ईओ एवं चेयरपर्सन के खिलाफ प्रदर्शन और घेराव के निर्णय पर संगठन दो फाड़ होता नजर आ रहा है। अपनी बात लेकर ईओ के सामने पहुंचे कर्मचारी आपस में ही भिड़ गये। यहां तक की प्रांतीय उपाध्यक्ष और जिलाध्यक्ष के बीच तो जमकर तू तड़ाक हो गई और संगठन के शाखा अध्यक्ष ने जिलाध्यक्ष के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए नारेबाजी भी कर दी। संगठन ने इस जांच के खिलाफ हड़ताल पर जाने की चेतावनी भी ईओ को दे दी है।

नगरपालिका के वार्ड संख्या 25 के सभासद राजीव शर्मा ने पालिका में कुछ कर्मचारियों के द्वारा सेवा पुस्तिका अपने कब्जे में रखने, निर्माण विभाग के लिपिकों पर साठगांठ का आरोप लगाते हुए फर्जी एफडीआर टैण्डरों में लगाने, बॉडी वॉर्न कैमरे पालिका से गायब करने सहित अन्य शिकायत कर रखी हैं। इनको लेकर चेयरपर्सन और ईओ के साथ ही शासन और प्रशासन के स्तर से जांच कराई जा रही हैं। इन्हीं शिकायतों को लेकर पिछले दिनों स्वायत्त शासन कर्मचारी संगठन की बैठक प्रांतीय उपाध्यक्ष एवं निर्माण विभाग के लिपिक ओमवीर सिंह के नेतृत्व में आयोजित की गई थी। इसमें सभासद राजीव शर्मा द्वारा की जा रही शिकायतों के प्रति आक्रोश जाहिर करते हुए शासनादेश के अनुसार ही शिकायत आने पर कार्यवाही की मांग चेयरपर्सन और ईओ से की गई थी। साथ ही झूठी शिकायतों पर कार्यवाही करने पर कामबंद हड़ताल की चेतावनी भी दी गई थी।

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सूत्रों के अनुसार अभी कर्मचारी संगठन के ज्ञापन पर उठाई गई आपत्तियों को लेकर पालिका प्रशासन द्वारा कोई निर्णय नहीं किया गया, जबकि इसी बीच कुछ सभासदों की शिकायत पर सुनवाई करते हुए चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप द्वारा संगठन के मंत्री और टैक्स विभाग में बीसी ;बिल कलक्टरद्ध विकास शर्मा की पदोन्नति के खिलाफ जांच के आदेश ईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह को दे दिये हैं। इसकी जानकारी कर्मचारियों को हुई तो उन्होंने शनिवार को रोष जताया और संगठन के प्रांतीय उपाध्यक्ष ओमवीर सिंह, जिलाध्यक्ष मौहम्मद सालिम, शाखा अध्यक्ष ब्रजमोहन एवं मंत्री विकास शर्मा ने सभी कर्मचारियों के समक्ष मामला रखा और ईओ से मिलने का प्लान बनाया गया।

यहीं पर मामला दो फाड़ हो गया। दरअसल, इस प्रकरण में पहले भी कर्मचारी दो फाड़ नजर आये और शनिवार को भी कर्मचारियोें में एकजुटता का अभाव दिखा। शाखा अध्यक्ष ब्रजमोहन टैक्स के लिपिकों और बीसी को लेकर ईओ के पास पहुंचे और दूसरे विभागों के कर्मचारियों को भी आने के लिए कहा गया, लेकिन दूसरे किसी विभाग से कर्मचारी इस विरोध प्रदर्शन का हिस्सा नहीं बने। बताया गया कि प्रांतीय उपाध्यक्ष ओमवीर सिंह और जिलाध्यक्ष मौहम्मद सालिम भी ईओ के कार्यालय में गये तो कर्मचारियों ने उनको भी वहीं पर बैठा लिया। ओमवीर सिंह ने ईओ के इस घेराव और विरोध प्रदर्शन से अनभिज्ञता जाहिर की तो जिलाध्यक्ष सालिम की उनके साथ वहीं पर नोकझौंक होने लगी। इसको लेकर शाखा अध्यक्ष भी सालिम के साथ भिड़ गये। बाहर आकर सालिम और ओमवीर सिंह के बीच तू तड़ाक होने लगी तो ब्रजमोहन के साथ कर्मचारियों ने संगठन के जिलाध्यक्ष के खिलाफ ही नारेबाजी शुरू कर दी। इससे साफ है कि कर्मचारी पूरी तरह से दो फाड़ हो चुके हैं। सूत्रों ने कहा कि विकास शर्मा के खिलाफ जांच आदेश देने को लेकर कर्मचारियों ने चेयरपर्सन के खिलाफ भी नारे लगाये और इस प्रकरण को उत्पीड़न बताते हुए उनका और ईओ का घेराव तथा हड़ताल करने के लिए भी चर्चा की गई।

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ईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह ने बताया कि कर्मचारी संगठन की ओर से पूर्व में शिकायतों को लेकर एक ज्ञापन दिया गया था, उसी को लेकर कर्मचारी उनसे मिलने के लिए कार्यालय आये थे। उनके सामने किसी कर्मचारी के बीच नोकझौंक नहीं हुई। सभी अपनी बात रख रहे थे। बीसी विकास शर्मा के खिलाफ चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप ने अवैध पदोन्नति पर कुछ सभासदों की शिकायत का उल्लेख करते हुए उनको जांच के निर्देश दिये गये हैं। उनका पत्र आज ही उनको मिला है। इस सम्बंध में कर्मचारियों ने भी उनको बताया था कि शिकायतकर्ता का नाम नहीं खोला गया है और न ही शिकायत शपथ पत्र पर है, ऐसे में जांच के आदेश देना गलत है। यही विरोध जताने कर्मचारी आये थे, उनका कहना है कि मीटिंग करने के कारण उनका उत्पीड़न किया जा रहा है। ईओ ने बताया कि शिकायत में आरोप है कि विकास शर्मा ने विभागीय अधिकारियों को गुमराह करते हुए बीसी के पद पर पदोन्नति पाई है। चेयरपर्सन के आदेश पर इसके लिए जांच कराई जायेगी।

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शाखा अध्यक्ष ब्रजमोहन ने आरोप लगाया कि चेयरपर्सन सभासदों के साथ मिलकर कर्मचारियों का उत्पीड़न इसलिए कर रही हैं कि कुछ सभासदों के खिलाफ हमने मींिटंग कर आवाज उठाई है। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि किसी का भी उत्पीड़न किया गया या झूठी शिकायत पर जांच हुई तो कर्मचारी पूर्ण हड़ताल पर चले जायेंगे। वहीं इस प्रकरण के बाद कर्मचारी अब अपनी अपनी जान बचाने की चिंता में ज्यादा नजर आ रहे हैं। ईओ के सामने भी अन्य विभागों के लिपिकों का नहीं जाना यही संकेत दे रहा है। वहीं जिलाध्यक्ष के खिलाफ ही संगठन के पदाधिकारी और कर्मचारी खड़े होने से अब यह खींचतान और बढ़ने की संभावना प्रबल हो गई है। 

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