राजस्व वसूली में विभागों की धीमी चाल पर ईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह ने कसे पेंच

मुजफ्फरनगर। नगरपालिका परिषद् में टैक्स के साथ ही अन्य मदों में राजस्व और बकाया वसूली को लेकर विभागों की धीमी चाल को लेकर ईओ डॉ. प्र्रज्ञा सिंह ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की है। इसके लिए उन्होंने कर और जल विभागाध्यक्षों को पत्र जारी करते हुए वित्तीय वर्ष के शेष दिनों में प्रतिदिन विशेष अभियान की तरह ही राजस्व वसूली के लिए कार्य करने के निर्देश के साथ प्रतिदिन की वसूली की रिपोर्ट भी तलब की है। उन्होंने लक्ष्य के सापेक्ष 25 फीसदी से ज्यादा राजस्व जुटाने पर जोर देते हुए इस बात पर नाराजगी जताई कि विभाग की और से गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है, ज्यादा राजस्व जुटाने को उन्होंने दोनों विभागों से संयुक्त समन्वय स्थापित करते हुए वार्डों में कैम्प आयोजित करने के आदेश दिये हैं।

नगरपालिका परिषद् के द्वारा बीते वित्तीय वर्ष 2023-24 में लक्ष्य के सापेक्ष 25 फीसदी ज्यादा राजस्व वसूली की गई थी, जिस कारण नगरपालिका को मुख्यमंत्री नगरोदय योजना में शामिल करते हुए विकास के लिए विशेष अनुदान दिया गया था। इस बार भी पालिका प्रशासन ने 25 प्रतिशत की इस उपलब्धि को और ज्यादा बढ़ाने का सपना संजोया था, लेकिन वित्तीय वर्ष समाप्त होने में कुछ ही दिन शेष रह जाने के बावजूद पालिका के राजस्व लक्ष्य को लेकर गंभीरता नजर नहीं आ रही है। इसी से नाराज होकर ईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह ने कर निर्धारण अधिकारी दिनेश यादव और एई जल सुनील कुमार को आदेश पत्र जारी करते हुए राजस्व वसूली की सुस्त चाल को रफ्तार देने के निर्देश दिये हैं। ईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह ने अपने पत्र में दोनों अधिकारियों को सख्ती के साथ आदेश दिए हैं वो अपने अपने विभागों के अधीनस्थ कर्मचारियों के माध्यम से प्रतिदिन पालिका के अवशेष देयकों की वसूली का लक्ष्य निर्धारित करते हुए वसूली कराया जाना सुनिश्चित करें। साथ ही बड़े बकायेदारों से राजस्व वसूली हेतु विशेष अभियान चलायें और सप्ताहवार दिन निर्धारित करते हुए वार्डाे में कैम्प स्थापित कर वसूली करायें। ईओ ने दोनों अफसरों को दिये गेय आदेश में साफ कहा कि प्रत्येक दशा में 2023 के मुकाबले इस वित्तीय वर्ष में निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष 25 प्रतिशत से अधिक वसूली का लक्ष्य तय कर काम किया जाये।

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ईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह ने बताया कि बुधवार को उनके द्वारा कार्यालय कक्ष में पालिका द्वारा की जा रही कर एवं करेत्तर राजस्व वसूली की समीक्षा की गयी, जिसमें विगत वर्ष के सापेक्ष वसूली का प्रतिशत काफी कम पाया गया। जो चिंता का विषय है, जबकि वित्तीय वर्ष 2024-25 समाप्ति मे मात्र कुछ दिनों का समय ही अवशेष है। उनका कहना है कि विगत वित्तीय वर्ष 2023-24 में पालिका द्वारा निर्धारित लक्ष्य को तो हासिल किया ही गया था, इसके सापेक्ष 25 प्रतिशत अधिक राजस्व की वसूली का रिकॉर्ड बनाया गया। इसी उपलब्धि पर शासन द्वारा कुछ विशेष अनुदान पालिका को प्राप्त हुए थे, जिनके सहारे पालिका कई बड़े कार्य कराने जा रही है। उनका कहना है कि वर्तमान वित्तीय वर्ष 2024-25 में पालिका द्वारा अभी तक अपने निर्धारित सामान्य लक्ष्य के सापेक्ष वसूली को भी पूर्ण नहीं किया गया है। इस स्थिति में विगत वर्ष के भांति 25 प्रतिशत या उससे अधिक की वसूली का प्रतिशत प्राप्त करने की संभावना भी क्षीण प्रतीत हो रही है। इसी को लेकर कर और जल विभागों के विभागध्यक्षों को राजस्व वसूली में गम्भीरता लाने, बकायादारों के खिलाफ अभियान चलाने और प्रतिदिन समीक्षा कर रिपोर्ट उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है। इसके लिए उन्होंने चेयरपर्सन को भी राजस्व वसूली की स्थिति से अवगत करा दिया है।

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