सर्वोदय ज्ञान पब्लिक स्कूल देवबन्द के प्रांगण में महात्मा ज्योतिबाफुले समाज सुधारक,

समाज प्रबोधक समाज सेवी, दार्शनिक लेखक और क्रान्तिकारी कार्यकर्ता थे। आज महात्मा ज्योतिबा फुले की 198वीं जयन्ती के अवसर पर उनके चित्र के सम्मुख नतमस्तक होकर सम्मान सहित उनको श्रद्धांजलि अर्पित कर उनका जन्मोत्सव बड़े धूम धाम से मनाया गया साथ ही साथ विद्यालय के अध्यापक / अध्यापिकाओं व छात्र/छात्रों ने उनके विचारों व उनके जीवन के विषय में अपने विचार रखे। विद्यालय के प्रधानाचार्य रूपेश कुमार सैनी ने सभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि महात्मा ज्योतिबाफुले जी ने गौतम बुद्ध, अशोक, कबीर, तुकाराम और बहुत से प्रेरणास्रोत महापुरूषों से प्रभावित होकर “सत्यशोधक समाज” नामक संस्था की स्थापना की, जिसके माध्यम से स्त्री शिक्षा, दलितों को शिक्षा का अधिकार दिलाने, छुआ-छूत, बाल विवाह और सतीप्रथा, विधवा विवाह विरोध आदि कुरीरितयों के खिलाफ आवाज बुलन्द की। देश की सर्व प्रथम महिला शिक्षिका होने का गौरव भी सावित्री वाई फुले को ही जाता है। उनका पूरा जीवन समाज के सुधार में ही लगा रहा, हमें उनके जीवन से प्ररेणा लेनी चाहिए।

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कार्यक्रम में श्रीमती अनिता सैनी, शिवकुमार सैनी, श्रीमती वन्दना ध्रुव, श्रीमती सुनिता चौधरी, राजी शर्मा, निवेन्द्र कुमार, देवेन्द्र कुमार, आदि उपस्थित रहें।

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