एम.जी. पब्लिक स्कूल में तनावमुक्त जीवन पर कार्यशाला का आयोजन

मुजफ्फरनगर। एम.जी. पब्लिक स्कूल में जीवन को तनावमुक्त करते हुए सशक्त बनने की प्रेरणा के साथ एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें प्रेरक वक्ता के द्वारा शिक्षक-शिक्षिकाओं को भाग दौड़ भरी जिन्दगी में अपने आपको जानने के लिए अंतर्मन से जुड़ने के लिए प्रेरित किया।

एम.जी. पब्लिक स्कूल में शिक्षक-शिक्षकाओं को तनावमुक्त जीवन की ओर लाने के लिए एक कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसका विषय, ‘खुशहाल जीवन के रहस्य-तनावमुक्त जीवन के लिए आत्म सशक्तिकरण’ रहा। कार्यशाला में प्रेरक वक्ता के रूप में प्रतिष्ठित शिक्षाविद् और गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड धारक श्रीमती अदिति सिंघल के साथ ब्रह्माकुमारी आश्रम से आई बीके सिस्टर तोशी और बीके सिस्टर शीतल भी उपस्थित रहीं। प्रधानाचार्या श्रीमती मोनिका गर्ग ने प्रेरक वक्ता अदिति व ब्रह्माकुमारी आश्रम से आई बहनों का विद्यालय प्रांगण में पधारने पर स्वागत और सम्मान किया। कार्यशाला में प्रेरक वक्ता के रूप में आई अदिति सिंघल तनावमुक्त जीवन पर लम्बे समय से कार्य कर रही हैं। इसके लिए वो कई वर्ल्ड रिकॉर्ड भी बना चुकी हैं। उनका नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड और लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी दर्ज किया जा चुका और वो ब्रह्माकुमारीज के आध्यात्मिक अनुप्रयोग अनुसंधान केन्द्र में भी कार्य कर रही हैं।

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वक्ता अदिति सिंघल ने भागदौड़ भरे वातावरण में छोटे-छोटे पलों से भी खुशियां प्राप्त करने के तरीके सहज और सरल भाव से बताते हुए सबसे पहले अपने अंतर्मन को पहचानने पर दिया। उन्होंने कहा कि जीवन में कुछ उपलब्धि हासिल करने का नाम ही खुशहाली नहीं है, बल्कि जो है जैसा है, उसमें संतुष्टि प्राप्त करने का नाम ही खुशी है। उन्होंने शिक्षक शिक्षिकाओं को खुशहाल जीवन के रहस्यों के बारे में बताते हुए कहा कि सकारात्म सोच के साथ हम अपने जीवन को एक अनुशासित दिनचर्या का रूप प्रदान करते हुए टाइम मैनजमेंट करें। खुद को पहचाने और अपने लिए थोड़ा ही सही समय जरूर निकाले। तनाव मुक्त रहने के लिए ध्यान योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनायें, क्योंकि ध्यान ही खुद को जानने, खुद से बातें करने का सहज मार्ग है। उन्होंने अपने व्यवहारिक ज्ञान का प्रदर्शन करते हुए कार्यशाला में उपस्थित शिक्षकों को जीवन के प्रति अधिक संतुलित, तनाव मुक्त और संतुष्टिदायक दृष्टिकोण अपनाने के लिए सशक्त बनने की प्रेरणा दी।

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कार्यशाला में अपने विचार रखते हुए प्रधानाचार्या श्रीमती मोनिका गर्ग ने अदिति सिंघल और अन्य अतिथि का आभार प्रकट करते हुए कहा कि यहां दिये गये उनके मार्गदर्शन से निश्चित ही जीवन को संतुलित करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि हमें सुखमय दिनचर्या के लिए अपनी जीवनशैली में सुधार अवश्य लाना चाहिए। जीवन को पानी की तरह बनाने के लिए सभी को प्रेरित करते हुए कहा कि पानी खुद को सभी परिस्थितियों में ढालने में सक्षम है और वो अपना रास्ता भी कठिन चुनौतियों के बीच खुद बना लेता है, ऐसा ही हमें बनना होगा। चुनौतियों से घबराने या तनाव लेने के बजाये हमें उनसे सकारात्मक सोच के साथ सीखने पर जोर देना चाहिए। इसके लिए वैचारिक शु(ि पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि आज हमें डिजीटल कंटेंट की उलझन से बाहर निकलकर खुद को पहचानने की आवश्यकता को समझना चाहिए, तभी हम खुद को खुशहाल बना पाने में सफल हो पायेंगे। कार्यक्रम में समस्त स्टाफ का सराहनीय योगदान रहा।

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