मेरी पत्नी से शिक्षक का था अफेयर… इसलिए मार डाला

कानपुर। आजकल मैरिटल अफेयर का चलन सा हो चला है, जिसे दोखें एक पत्नी या एक पति के साथ खुश रहना नहीं चाहता है और अपराध के दलदल में आदमी फंसता चला जाता है, जिसका अंजाम बहुत ही गंभीर होता है। मसलन एक दूसरे की मौत। यह एक ऐसा जहर है, जो आदमी या महिला को मौत के दरवाजे पर ही ले जाकर छोडता है। जानकार के अनुसार कानपुर के पनकी थाना इलाके के पतरसा गांव में अवैध संबंध का विरोध करने पर शिक्षक पति को कमरे में बंदकर जिंदा जला दिया। पतरसा गांव में वकील के स्कूल में अधजला शव मिला है। पत्नी पर प्रेमी, वकील एवं एक अन्य संग मिलकर वारदात को अंजाम देने का आरोप है। मृतक के भाई ने तहरीर दी है। पुलिस ने वकील को गिरफ्तार कर लिया है। पत्नी और प्रेमी फरार हो गए हैं। कानपुर के पनकी के पतरसा में शिक्षक दयाराम सोनकर की हत्या के आरोप में गिरफ्तार वकील संजीव कुमार के बयान ने पेंच फंसा दिया है। वकील ने जो बयान दिया, उसके मुताबिक शिक्षक के उसकी पत्नी से अवैध संबंध थे। चूंकि शिक्षक वर्तमान में कानपुर देहात में ही रह रहा था। इसके चलते पत्नी भी कानपुर देहात स्थित मायके में ही थी। इसलिए उसने रविवार को दयाराम को बुलाकर अकेले ही बंद कमरे में जिंदा जलाकर मार डाला। वहीं, मृतक के भाई का कहना है कि भाभी के संबंध ढाबा संचालक से थे। विरोध करने पर भाभी ने प्रेमी और वकील के साथ मिलकर भाई की हत्या कर दी। मृतक दयाराम के छोटे भाई अनुज ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि भाई दयाराम ने अपने मोबाइल फोन से उन्हें काल करके बताया था कि संजीव, पवन और संगीता ने उन्हें कमरे में बंद करके आग लगा दी है और भाग गए हैं। तहरीर के आधार पर पुलिस ने जब वकील संजीव को उठाकर पूछताछ शुरू की तो कहानी में नया मोड़ आ गया। पुलिस सूत्रों के मुताबिक संजीव ने बताया कि दयाराम जिस कालेज में पढ़ाता था, उसी में संजीव का साला शिक्षक है। दोनों में गहरी दोस्ती थी। दयाराम का संजीव के साले के घर में भी आना-जाना था। संजीव को दयाराम और उसकी पत्नी के बीच अवैध संबंध का शक था। संजीव के अनुसार, पत्नी को कई बार घर लाने की कोशिश की, लेकिन वो राजी नहीं हुई। पत्नी से संबंधों को लेकर बातचीत के लिए दयाराम को घर बुलाया। इसके बाद पेट्रोल डालकर आग लगा दी। हालांकि, पुलिस को अन्य हत्यारोपियों की घटनास्थल के आसपास लोकेशन भी नहीं मिली है। दोनों कहानियों की तह तक जाने के लिए पुलिस अब सक्ष्यों की मदद ले रही है। अनुज ने बताया कि संजीव कई बार दयाराम को फोन करके उसकी पत्नी से समझौता कराने की बात कहकर बुला चुका था। परिवार वालों की राय के बाद वे समझौते के लिए गए थे, वहां सभी ने मिलकर उनके भाई की हत्या कर दी।

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