सात दशक बाद पूरी हुई सिकंदरपुर के ग्रामीणों की मुराद

मुजफ्फरनगर। आजादी के बाद से आज तक नदी में डूबकर खेतों पर जाने के गहरे संकट का सामना करने वाले सिकंदरपुर के ग्रामीणों के मन की मुराद अब करीब 75 साल बाद पूरी होने जा रही है। यहां हिंडन नदी पर अस्थाई पुल का निर्माण कराये जाने की मांग को लेकर दो साल से संघर्ष कर रहे भारतीय किसान यूनियन के नेता विकास शर्मा ने ग्रामीणों के साथ पहुंचकर सामाजिक सहयोग से ही नदी पर अस्थाई पुल के निर्माण कार्य को प्रारम्भ कराया। इससे किसानों और ग्रामीणों में हर्ष की लहर दिखाई दी।

भाकियू नेता विकास शर्मा ने बताया कि गांव सिकंदरपुर में आजादी के बाद से ही लगातार समस्या बनी रही। यहां से गुजर रही हिंडन नदी पर कोई भी स्थाई या अस्थाई पुल का निर्माण नहीं होने के कारण ग्रामीणों को नदी में डूबकर ही अपने खेतों पर जाना पड़ता है। इसमें महिलाओं ओर बच्चों के साथ ही बुजुर्ग ग्रामीणों को भारी परेशानी होती रही है। कई बार ग्रामीण डूब भी गये। चोट भी लगी। यहां पर अस्थाई पक्का पुल बनाये जाने के लिए उनके द्वारा ग्रामीणों को साथ लेकर पिछले दो साल से संघर्ष किया जा रहा है। पुल के लिए 18 घंटे तक पानी में खड़ा होकर प्रदर्शन किया था। इसमें अब जिला प्रशासन ने शासन को प्रस्ताव भेज दिया है, लेकिन शासन की मंजूरी में अभी समय होने के कारण सामाजिक सहयोग से ही विकास शर्मा ने अस्थाई पुल बनाने का काम शुरू कराया है।

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बताया कि उनके द्वारा ग्रामीणों के सहयोग से अस्थाई पुल के निर्माण का कार्य शुरू कर दिया है, क्योंकि कई बार नदी के अंदर पानी में ही बड़ा प्रदर्शन हुआ है और पैदल मार्च भी मुजफ्फरनगर तक कई बार किसानों ने किया है जिसमें जिला प्रशासन द्वारा लखनऊ स्तर पर प्रस्ताव भेजने का कार्य किया लेकिन जब तक प्रस्ताव पास होकर आए तब तक ग्रामीणों के आवागमन की सुविधा को देखते हुए प्रधान हैदर रजा और मोहम्मद राजा के साथ विकास शर्मा द्वारा निर्णय लिया गया कि सभी ग्रामीण मिलकर हिंडन नदी पर अस्थाई पुल का निर्माण करेंगे। किसानों और ग्रामीणों की भारी भीड़ वहां पर जमा रही और सभी ने मिलकर अस्थाई पुल बनाया। इस मौके पर राजेंद्र भगत, तालिब हुसैन, आनंदपाल, मग़ता, सहेन्द्र कुमार, महिपाल, बबलू सिंह, सुनील कुमार, आबिद राणा, गौरव पाल, सुनील बंजारा और लकी बंजारा आदि मौजूद रहे। 

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