पुलिस का बड़ा एक्शनः भाकियू तोमर के जिलाध्यक्ष समेत 58 पर एफआईआर, गाड़ियां सीज

संगठन के पदाधिकारियों ने इसे किसानों की आवाज दबाने की कोशिश बताते हुए आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है

मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर जनपद के जागाहेड़ी टोल प्लाजा पर भारतीय किसान यूनियन (तोमर) के कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए प्रदर्शन ने अब कानूनी मोड़ ले लिया है। संगठन के जिला अध्यक्ष निखिल चौधरी सहित कुल 58 लोगों के खिलाफ तितावी थाने में गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। टोल प्लाजा प्रबंधन ने प्रदर्शन के दौरान हंगामा, तोड़फोड़ और जबरन टोल फ्री कराने के आरोप लगाए हैं।

रविवार को पानीपतदृखटीमा राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित जागाहेड़ी टोल प्लाजा उस समय अफरा-तफरी का केंद्र बन गया, जब भारतीय किसान यूनियन (तोमर) के कार्यकर्ताओं ने अपनी 13 सूत्रीय मांगों को लेकर टोल प्लाजा पर प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन के दौरान टोल के सामने लगातार दर्जनों वाहनों को खड़ा कर जाम लगाया गया और कथित रूप से टोल को जबरन फ्री करा दिया गया। टोल प्लाजा के मैनेजर जसवीर सिंह पुत्र दिवान सिंह ने तितावी थाने में दर्ज कराई गई एफआईआर में बताया कि भाकियू तोमर के जिला अध्यक्ष निखिल चौधरी, युवा पश्चिमी प्रदेश अध्यक्ष सहित अन्य कार्यकर्ता लगभग 35 गाड़ियों में सवार होकर टोल प्लाजा पर पहुंचे थे। आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने टोल के बूम तोड़ दिए और जमकर हंगामा किया।

इसे भी पढ़ें:  महावीर चौक प्रकरण में पीड़ित कुलदीप सिंह ने रखी अपनी बात

एफआईआर के अनुसार, अचानक हुए इस हंगामे से टोल प्लाजा पर मौजूद अन्य वाहनों में सवार यात्री भयभीत हो गए और अपनी जान बचाने के लिए वहां से भाग खड़े हुए। टोल प्रबंधन ने इसे सार्वजनिक व्यवस्था भंग करने और सरकारी व निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का गंभीर मामला बताया है। पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए भाकियू तोमर के कार्यकर्ताओं की तीन गाड़ियों को सीज कर लिया है। इनमें एक थार, एक स्कॉर्पियो और एक स्विफ्ट कार शामिल है। बताया जा रहा है कि सीज की गई थार गाड़ी संगठन के प्रदेश अध्यक्ष की है।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, इस मामले में 18 लोगों को नामजद किया गया है, जबकि 40 अज्ञात लोगों के खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज की गई है। मुकदमा दर्ज होने के बाद से आरोपियों पर गिरफ्तारी की आशंका मंडराने लगी है। उधर, इस पुलिस कार्रवाई से भाकियू तोमर के कार्यकर्ताओं में रोष व्याप्त है। संगठन के पदाधिकारियों ने इसे किसानों की आवाज दबाने की कोशिश बताते हुए आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

इसे भी पढ़ें:  देवबंद: फास्ट फूड ठेले पर विवाद के बाद खूनी संघर्ष
Share This Article