पालिका में हड़तालः दूसरे दिन भी काम बंद, आउटसोर्स कर्मी काम पर लौटे

ईओ, लेखाकार और टीएस सहित अन्य अधिकारियों ने किया कार्यालयों में काम, यह टकराव और तीव्र होगा और हड़ताल लंबी खिंच सकती है।

मुजफ्फरनगर। नगरपालिका परिषद् में वेतन विवाद को लेकर शुरू हुई कर्मचारियों की काम बंद हड़ताल दूसरे दिन बुधवार को भी टाउनहाल परिसर में जारी रही, लेकिन इस दूसरे दिन कर्मचारी संगठन का पालिका प्रशासन के खिलाफ बनाया गया चक्रव्यूह कुछ हद तक टूटता नजर आया। मंगलवार के मुकाबले बुधवार को पालिका मुख्यालय के कार्यालयों पर लगाये गये ताले भी खुले नजर आये और इन कार्यालयों में कामकाज भी होता दिखाई दिया। इस हड़ताल में पहले दिन शामिल रहे आउटसोर्स कर्मियों ने हड़ताल से किनारा करते हुए अपना काम किया, वहीं अधिकारी भी विभागीय कामकाज निपटाते नजर आये। संगठन का उड़न दस्ता हड़ताल में शामिल करने के लिए कर्मचारियों को आंदोलन की दरी तक समेटने में जुटा रहा। संगठन ने चेतावनी दी है कि वेतन नहीं तो काम नहीं की नीति पर अब आंदोलन को नई धार देंगे और इस हड़ताल में सफाई कर्मचारी संगठनों का साथ भी उनको मिलेगा। ऐसे में माना जा रहा है कि यह टकराव और तीव्र होगा और हड़ताल लंबी खिंच सकती है।

नगरपालिका परिषद् मेें विशेष जांच के लिए आई ऑडिट टीम को सहयोग नहीं करने, पत्रावलियां और दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराने और पत्रावलियों को गायब करने के मामले में ऑडिट टीम के प्रभारी की शिकायत के बाद ईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह ने दो अधिकारियों और कुछ लिपिकों का वेतन अग्रिम आदेशों तक रोका हुआ है, इसके अलावा ड्यूटी के प्रति लापरवाही बरतने, आदेशों की अवहेलना करने और लगातार बिना बताये अवकाश पर चले जाने के मामलों में भी कुछ कर्मचारियों के वेतन से कटौती और वेतन रोकने के आदेश दिये गये थे।
इसमें स्वायत्त शासन कर्मचारी संगठन के शाखा अध्यक्ष ब्रजमोहन और महामंत्री सुनील वर्मा ने कर्मचारियों के उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए 12 सितम्बर को पत्र ईओ को दिया था, जिसमें तीन दिन में समाधान न होने पर हड़ताल की चेतावनी दी गई। मंगलवार से पालिका के सभी विभागों में कर्मचारियों ने संगठन के आह्नान पर हड़ताल शुरू कर दी। बुधवार को कर्मचारियों ने हड़ताल नहीं की और काम बंद रहा, लेकिन दूसरे दिन ही कर्मचारियों की यह हड़ताल कमजोर पड़ती नजर आई। पहले दिन जहां पालिका में कार्यालयों में ताले लटके नजर आये, वहीं बुधवार को ईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह की सख्ती के कारण कार्यालय खुले दिखे।

ईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह ने दो लिपिकों अभिषेक उटवाल और राजीव वर्मा सहित लेखाकार प्रीति रानी को भी नोटिस जारी करते हुए जवाब तलब किया है, इसके साथ ही पालिका में आउटसोर्स पर काम कर रहे 13 कर्मचारियों के हड़ताल में शामिल रहने पर आपूर्ति एजेंसी अजय ट्रेडर्स को भी नोटिस जारी करते हुए कार्यवाही करने की चेतावनी दी। इसका असर यह हुआ कि बुधवार को सभी 13 कर्मचारी जो कम्प्यूटर ऑपरेटर के रूप में पालिका के विभिन्न विभागों में कार्य कर रहे हैं, अपने काम पर लौट आये। मुख्य कार्यालय सहित अन्य सभी कार्यालयों के ताले खुले और ईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह के साथ ही लेखाकार प्रीति रानी, टीएस पारूल यादव, राजस्व निरीक्षक के अलावा अन्य अधिकारी भी अपने कार्यालय में उपस्थित रहे।
वहीं संगठन के अध्यक्ष ब्रजमोहन व महामंत्री सुनील वर्मा ने कर्मचारियों के साथ धरना जारी रखा। पदाधिकारियों ने कहा कि पालिका प्रशासन अपनी हठधर्मी दिखा रहा है। हमारी समस्या के समाधान के लिए काम नहीं किया, न ही कोई वार्ता की गई। संगठन आरपार की लड़ाई के लिए तैयार है। नोटिस भेजकर डराया जा रहा है, हम डरने वाले नहीं है, अध्यक्ष ब्रजमोहन ने कहा कि सफाई कर्मचारी संगठनों से भी हमें समर्थन मिल रहा है, यह बेमियादी धरना जारी रखा जायेगा। सुनील वर्मा ने ईओ पर आरोप लगाते हुए कहा कि कर्मचारी जेल जाने से भी नहीं डरेगा। धरने पर मुख्य रूप से लिपिक गोपीचंद वर्मा, कैलाश नारायण, राजीव वर्मा, फिरोज खान, नदीम खान, मनोज बालियान, मनोज पाल, नितिन कुमार, मैनपाल सिंह, शोभित सिंघल, गगन महेन्द्रा, मोहन वैद, प्रवीण कुमार के साथ ही मौहम्मद सालिम, विकास शर्मा, सतेन्द्र कुमार, अमित गोस्वामी, अशोक पाल सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।

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