मुज़फ्फरनगर-भोली-भाली महिलाओं को लोन दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश

खतौली पुलिस व एसओजी की संयुक्त कार्यवाही में तीन शातिर ठग गिरफ्तार भारी मात्रा में फर्जी दस्तावेज बरामद

मुज़फ्फरनगर। जनपद मुज़फ्फरनगर के थाना खतौली क्षेत्र में सक्रिय महिलाओं को लोन दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा के निर्देशन व पुलिस अधीक्षक नगर सत्यनारायण प्रजापत और क्षेत्राधिकारी खतौली राम आशीष यादव के पर्यवेक्षण में थाना खतौली पुलिस एवं एसओजी की संयुक्त टीम ने कार्यवाही करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के समय आरोपियों के पास से भारी मात्रा में फर्जी दस्तावेज मोबाइल मोटरसाइकिल और नगदी बरामद की गई है।
सीओ खतौली राम आशीष यादव ने बताया कि 2 अक्टूबर को थाना खतौली क्षेत्र के ग्राम फहीमपुर खुर्द निवासी एक महिला ने थाने में लिखित तहरीर दी जिसमें उसने बताया कि तीन युवक राकेश आदित्य और राहुल स्वयं को सीमा माइक्रो कंपनी का प्रतिनिधि बताकर महिलाओं को 50 हजार रुपये का लोन दिलाने के नाम पर 2-2 हजार रुपये अग्रिम फीस के तौर पर वसूलते हैं और फिर मोबाइल बंद कर लेते हैं। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए थाना खतौली पर मुकदमा अपराध संख्या 380/25 धारा 318(4) बीएनएस में अभियोग पंजीकृत किया गया। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में पुलिस टीम गठित कर त्वरित कार्यवाही आरंभ की गई।
बताया कि दिनांक 2/3 अक्टूबर की मध्य रात्रि थाना खतौली पुलिस व एसओजी टीम को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि तीन संदिग्ध युवक शाहपुर नहर पटरी के पास खड़े हैं और कहीं भागने की फिराक में हैं। संयुक्त टीम ने त्वरित कार्यवाही करते हुए उक्त स्थान पर दबिश दी और तीनों अभियुक्तों को धर दबोचा। गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान राहुल सिंह पुत्र भुनेला सिंह निवासी ग्राम व पोस्ट बबुरा थाना विंध्याचल जिला मिर्जापुर (उ.प्र.) उम्र 33 वर्ष, विक्रम सिंह पुत्र स्व. ओमप्रकाश निवासी ग्राम छोटा बांस थाना रादौर जिला यमुनानगर (हरियाणा) उम्र 33 वर्ष और साजन खान पुत्र फान खान निवासी ग्राम बैड़ी खजूरी थाना रादौर जिला यमुनानगर (हरियाणा) उम्र 30 वर्ष के रूप में हुई।
गिरफ्तार अभियुक्तों के कब्जे से 17 फर्जी आधार कार्ड, 08 फर्जी वोटर आईडी कार्ड, 03 जोड़ी फर्जी नंबर प्लेट, 09 मोबाइल फोन (विभिन्न कंपनियों के), 05 फर्जी सिम कार्ड, 02 फर्जी मोहरें व 02 स्टाम्प पैड, 02 फर्जी बिल बुक व 04 सादी बिल बुक, 09 डेबिट/क्रेडिट कार्ड, 31 एसएमसीसी कंपनी के फर्जी व खाली आईडी कार्ड, 02 ड्राइविंग लाइसेंस, 03 मोटरसाइकिल, 4270 रुपये नगद, 01 रजिस्टर जिसमें नाम पते व मोबाइल नंबर दर्ज हैं, सामग्री बरामद की गई।
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे एक संगठित गिरोह का हिस्सा हैं जो शामली बिजनौर मुज़फ्फरनगर और सहारनपुर जनपदों में सक्रिय था। वे गांवों में जाकर स्वयं को लोन कंपनी का प्रतिनिधि बताकर महिलाओं को लोन का लालच देते थे और उनसे फाइल चार्ज बीमा आदि के नाम पर रुपये वसूलते थे। इसके बाद वे मोबाइल बंद कर फरार हो जाते थे। गिरफ्तारी व बरामदगी के बाद मुकदमे में बीएनएस की धारा 317(5) 336(2) 338 336(3) 340(2) 3(5) तथा आधार अधिनियम की धारा 42 की बढ़ोतरी करते हुए अग्रिम विधिक कार्यवाही की जा रही है। पुलिस की यह कार्यवाही जनपद में सक्रिय अन्य ठग गिरोहों के लिए एक कड़ा संदेश है। वरिष्ठ अधिकारियों ने संयुक्त टीम को इस सफलता के लिए बधाई दी है। पुलिस का कहना है कि इस मामले की गहनता से जांच की जा रही है और गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।

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