मुजफ्फरनगर-14 साल पहले मर चुकी महिला का पालिका ने बना दिया जन्म प्रमाण पत्र

पांच साल पहले मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए किया था आवेदन, 2021 में जारी हुआ जन्म प्रमाण पत्र, 2026 में खुली नगर पालिका की लापरवाही

मुजफ्फरनगर। नगर पालिका परिषद मुजफ्फरनगर में प्रमाण पत्र जारी करने के नाम पर बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है। करीब 14 साल पहले निधन हो चुकी महिला के परिजनों द्वारा मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए किए गए आवेदन के बावजूद नगर पालिका ने उन्हें मृत्यु प्रमाण पत्र के स्थान पर जन्म प्रमाण पत्र जारी कर दिया। यह प्रमाण पत्र करीब पांच साल तक परिवार के पास रहा और हाल ही में एक जरूरी काम के लिए दस्तावेज लगाने के दौरान परिजनों को नगर पालिका की इस गंभीर लापरवाही का पता चला।

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जानकारी के अनुसार किदवई नगर निवासी खुर्शीदा का निधन 9 अगस्त 2012 को हुआ था। उनके परिजनों ने 2021 में शपथ पत्र के माध्यम से नियमानुसार नगर पालिका में मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आवेदन किया था। नगर पालिका के जन्म-मृत्यु पटल पर आवेदन की प्रक्रिया पूरी करते समय कथित तौर पर रिकॉर्ड दर्ज करने में गलती हो गई। इसके बाद 5 अगस्त 2021 को मृत्यु प्रमाण पत्र के स्थान पर खुर्शीदा का जन्म प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया।

परिवार को उस समय प्रमाण पत्र में हुई गलती की जानकारी नहीं हुई। करीब पांच वर्ष बाद 26 अगस्त 2026 को जब परिजनों ने किसी आवश्यक कार्य के लिए मृत्यु प्रमाण पत्र का इस्तेमाल किया, तब उन्हें पता चला कि उनके पास मृत्यु प्रमाण पत्र के बजाय जन्म प्रमाण पत्र मौजूद है। इसके बाद परिजनों ने नगर पालिका पहुंचकर मामले की जानकारी अधिकारियों को दी। 27 अगस्त 2026 को परिजन जन्म प्रमाण पत्र की फोटो कॉपी लेकर नगर पालिका पहुंचे। अधिकारियों ने प्रमाण पत्र को अपने कब्जे में लेकर मामले की जांच की। इसके बाद उसी दिन प्रक्रिया पूरी करते हुए मृतका का सही मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया। इस घटनाक्रम ने नगर पालिका की जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया और रिकॉर्ड दर्ज करने में बरती जा रही सावधानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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जन्म-मृत्यु पटल के लिपिक राजीव वर्मा ने बताया कि करीब पांच साल पहले मृतका के परिजनों ने मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया था। पोर्टल पर जानकारी दर्ज करते समय कंप्यूटर ऑपरेटर से मृत्यु के स्थान पर गलती से जन्म दर्ज हो गया। इसी त्रुटि के आधार पर प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया। उन्होंने बताया कि अब परिजनों द्वारा दोबारा आवेदन किए जाने के बाद रिकॉर्ड में आवश्यक सुधार कर मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया है। जन्म-मृत्यु पटल प्रभारी एवं नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनू चौधरी ने बताया कि उन्हें मामले की जानकारी मीडिया के माध्यम से हुई है। उन्होंने विभागीय स्तर पर संबंधित कर्मचारियों से जवाब तलब किया है। उन्होंने कहा कि जांच में यदि किसी कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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