मुजफ्फरनगर-डिलीवरी के दौरान महिला की मौत, इंडियन हॉस्पिटल में हंगामा

परिजनों ने डॉक्टरों पर लगाया लापरवाही का आरोप, भाकियू कार्यकर्ता भी पहुंचे; देर रात तक शव रखकर धरने पर बैठे रहे परिजन

मुजफ्फरनगर। रुड़की रोड स्थित इंडियन हॉस्पिटल में बुधवार की रात में डिलीवरी के दौरान करीब 21 वर्षीय महिला की मौत हो गई। महिला की मौत की सूचना मिलते ही परिजनों में आक्रोश फैल गया और उन्होंने अस्पताल प्रशासन पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। हंगामे की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाने का प्रयास किया। इसी दौरान भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ता भी अस्पताल पहुंचे और चिकित्सकों के प्रति नाराजगी जताते हुए कार्रवाई की मांग की।

मृतका की पहचान भोकरहेड़ी निवासी मुस्कान पत्नी इकराम के रूप में हुई है। परिजनों के मुताबिक मुस्कान की शादी करीब 10 माह पहले हुई थी और यह उसका पहला बच्चा था। डिलीवरी के लिए परिजन उसे गांव से इंडियन हॉस्पिटल लेकर पहुंचे थे। आरोप है कि उपचार के दौरान चिकित्सकों की कथित लापरवाही के चलते उसकी हालत बिगड़ गई और उसे बचाया नहीं जा सका। महिला की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रशासन को घटना के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए कार्रवाई की मांग की।

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पहले भी नवजात की मौत पर हुआ था विवाद,सील किया गया था अस्पताल

परिजनों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोप लगाया कि इंडियन हॉस्पिटल में करीब दो माह पहले भी एक नवजात की मौत के बाद जमकर हंगामा हुआ था। उस मामले में स्वास्थ्य विभाग की ओर से कार्रवाई करते हुए अस्पताल के ऑपरेशन कक्ष को सील किया गया था। बताया गया कि उस दौरान अस्पताल की सीसीटीवी डीवीआर को भी कब्जे में लेकर सील किया गया था। आरोप है कि बाद में अस्पताल प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से मिलीभगत कर ऑपरेशन कक्ष की सील खुलवा ली और अस्पताल में दोबारा कामकाज शुरू कर दिया गया। बुधवार को महिला की मौत के बाद पुराने मामले का जिक्र करते हुए लोगों ने अस्पताल की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए।

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कार्रवाई की मांग को लेकर धरने पर बैठे परिजन

हंगामे की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और आक्रोशित परिजनों को समझाने का प्रयास किया। पुलिस ने मामले में उचित कार्रवाई का आश्वासन देते हुए स्थिति शांत कराने की कोशिश की, लेकिन परिजन अस्पताल संचालकों और संबंधित चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। देर रात तक मृतका का शव अस्पताल में रखा रहा और परिजन वहीं धरने पर बैठे रहे।

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उनका कहना था कि जब तक अस्पताल प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक वे शव को वहां से नहीं ले जाएंगे। मौके पर भाकियू कार्यकर्ताओं की मौजूदगी के चलते मामला और गरमा गया। पुलिस अधिकारियों ने स्थिति को संभालने का प्रयास किया। महिला की मौत के मामले में परिजनों द्वारा लगाए गए लापरवाही के आरोपों की जांच के बाद ही घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। समाचार लिखे जाने तक अस्पताल प्रशासन की ओर से आरोपों पर कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।

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