रामलीला-मेघनाद ने चलाया शक्ति बाण, संजीवनी से लौटे लक्ष्मण के प्राण

श्री आदर्श रामलीला भवन सेवा समिति पटेलनगर में रावण-अंगद संवाद और लक्ष्मण शक्ति की रोमांचकारी लीला का भावपूर्ण मंचन

मुजफ्फरनगर। श्री आदर्श रामलीला भवन सेवा समिति पटेलनगर द्वारा इस साल मनाये जा रहे स्वर्ण जयंती रामलीला मंचन महोत्सव में 11वें दिन मंगलवार रात रावण-अंगद संवाद और लक्ष्मण मूर्छा प्रसंग की लीला का भावपूर्ण मंचन किया गया। इन ऐतिहासिक प्रसंगों ने दर्शकों को न केवल मनोरंजन प्रदान किया, बल्कि उन्हें धर्म, नीति और भक्ति की महत्ता का भी संदेश दिया। लक्ष्मण और इंद्रजीत मेघनाथ के बीच घनघोर यु( ने दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। लक्ष्मण के मूर्छित होने पर भगवान श्री राम व्याकुल नजर आये।

श्री आदर्श रामलीला भवन सेवा समिति पटेलनगर में 50वें रामलीला मंचन महोत्सव में मंगलवार की रात में लीला मंच पर मुख्य अतिथि प्रमुख उद्यमी सतीश चन्द गोयल टिहरी स्टील, उनके पौत्र अथर्व गोयल, सुरेन्द्र अग्रवाल रत्नदीप ज्वैलर्स ने भगवान श्री गणेश, रामायण और बांके बिहारी की आरती के पश्चात दीप प्रज्जवलित किया। विशिष्ट अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश सरकार में व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग के राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल, उनकी धर्मपत्नी अनु अग्रवाल, भीम सेन कंसल, गौरव बंसल, मेघा बंसल, अनिमेश कुमार मनीष कपूर, संजीव गोयल, एमपी जैन एडवोकेट, सतप्रकाश अग्रवाल, भाजपा नेता विशाल गर्ग व संजय गर्ग उपस्थित रहे। कमेटी के मुख्य प्रबंधक अनिल ऐरन, मीना ऐरन और कार्यक्रम संयोजक विकल्प जैन ने अतिथियों का पटका पहनाकर और स्मृति चिन्ह एवं मिष्ठान भेंट कर अभिनंदन किया।

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लीला का शुभारंभ रावण अंगद संवाद प्रसंग से हुआ। रावण के दरबार में अंगद भगवान श्री राम का संधि प्रस्ताव लेकर जाते हैं, लेकिन रावण का अहंकार यु( को आमंत्रण देता है। लंका के दरबार में अंगद व रावण के बीच हुआ संवाद और अंगद का पांव जमाने की लीला का प्रदर्शन सभी का प्रभावित कर गया। दोनों पात्रों के बीच हुए संवाद में ओज, नीति और वीर रस का अद्भुत संगम देखने को मिला। इसके पश्चात लक्ष्मण-मेघनाद यु( के दौरान मेघनाद का शक्ति बाण का आह्नान करना और इस शक्ति के आगे नतमस्तक लक्ष्मण का शक्ति बाण प्रहार से मूछित हो जाना व्याकुल कर गया।

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इसके बाद हनुमान जी लंका से राज वैद्य को उठाकर लाते हैं, जो लक्ष्मण के जीवन के लिए द्रोणांचल पर्वत से संजीवनी बूटी लाने का सुझाव देते हैं और बजरंग बली श्री राम की आज्ञा लेकर उड़ जाते हैं, हनुमान को आकाश मार्ग से गमन करता देखकर दर्शक रोमांचित हो जाते हैं। संजीवनी बूटी पाकर लक्ष्मण के प्राण लौट आते हैं और इसी के साथ जय श्रीराम की गंूज के बीच लीला मंचन को विश्राम दिया गया।

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दर्शकों की भारी भीड़ और तालियों की गूंज ने कलाकारों का उत्साह बढ़ाया। इस अवसर पर मुख्य रूप से रामलीला कमेटी के मुख्य प्रबंधक अनिल ऐरन, कार्यक्रम संयोजक विकल्प जैन, अध्यक्ष गोपाल चौधरी, महामंत्री सुरेंद्र मंगल, उपाध्यक्ष प्रमोद गुप्ता, मंत्री जितेंद्र कुच्छल, मनोज पाटिल, दिनेश जैन ठेकेदार, अनिल लोहिया, पीयूष शर्मा, राकेश मित्तल, विनोद गुप्ता, रामलीला निर्देशक पंकज शर्मा, नारायण ऐरन, विजय मित्तल, जितेन्द्र नामदेव और गोविंद शर्मा, ज्योति ऐरन, कन्दर्प ऐरन, अनिल गोयल, यश चौधरी, गौरव मित्तल, अंशुल गुप्ता, अमर चौधरी, प्रदीप बॉबी, हरिओम मास्टर, सोनू सिंह, राजेश वशिष्ठ, देवेन्द्र पतला, शिवांश ठाकुर, पंकज वशिष्ठ, स्पर्श गर्ग, यश गर्ग, कृष्णा नामदेव, विशाल शर्मा, उदय कौशिक, जय प्रकाश, लक्ष्य बंसल, अभिषेक कश्यप, जतिन गर्ग, विपुल मोहन, अज्जु जैन, सहित अन्य कलाकार मौजूद रहे।

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