जयंत के संघर्ष और परिश्रम से यूपी में चमकी सपाः संजय राठी

अखिलेश यादव के बयान पर रालोद जिलाध्यक्ष ने जताई नाराजगी, संजय राठी बोले- 2027 में मिलेगा जवाब

मुजफ्फरनगर। सपा प्रमुख अखिलेश यादव की ओर से केंद्रीय मंत्री एवं राष्ट्रीय लोकदल अध्यक्ष जयंत चौधरी को लेकर जनसभा में की गई टिप्पणी पर रालोद ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। रालोद जिलाध्यक्ष संजय राठी ने बयान की निंदा करते हुए इसे अखिलेश यादव का अहंकार और राजनीतिक अपरिपक्वता करार दिया। उन्होंने कहा कि जयंत चौधरी ने किसान आंदोलन से लेकर विधानसभा चुनाव तक गठबंधन के प्रति पूरी निष्ठा के साथ संघर्ष किया और सपा के पक्ष में माहौल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

संजय राठी ने जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित कार्यक्रम के बाद मीडिया कर्मियों से बातचीत के दौरान कहा कि वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले किसान आंदोलन के दौरान जयंत चौधरी ने गठबंधन धर्म निभाते हुए पश्चिमी उत्तर प्रदेश समेत विभिन्न क्षेत्रों में सैकड़ों सभाएं कीं और किसानों के मुद्दों को मजबूती से उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय अखिलेश यादव अधिकतर घर बैठकर ट्वीट करने तक सीमित रहे। राठी के अनुसार, जयंत चौधरी के किसान आंदोलन और जमीनी संघर्ष का लाभ सपा को भी मिला और इसी वजह से पार्टी को प्रदेश में अपेक्षाकृत अधिक सीटें हासिल हुईं।

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उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव को राजनीतिक इतिहास को नहीं भूलना चाहिए। चौधरी चरण सिंह की राजनीतिक विरासत और उनके योगदान का उल्लेख करते हुए राठी ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के राजनीतिक सफर में भी चौधरी चरण सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही थी। मुलायम का राजनीतिक वजूद भारत रत्न चरण सिंह ने ही बनाया था। उन्होंने आरोप लगाया कि चौधरी अजित सिंह के साथ मुलायम सिंह यादव के राजनीतिक व्यवहार को लेकर किए गए गंभीर छल से जुड़े पुराने घटनाक्रम किसी से छिपे नहीं हैं। इसके बावजूद चौधरी अजित सिंह ने राजनीतिक समर्थन देते हुए मुलायम सिंह यादव को मुख्यमंत्री बनाने में भूमिका निभाई थी।

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रालोद जिलाध्यक्ष ने कहा कि जयंत चौधरी ने इसके बाद भी अखिलेश यादव को राजनीतिक ताकत देने का काम किया। उनका दावा है कि यदि 2022 के विधानसभा चुनाव में रालोद और सपा का गठबंधन नहीं हुआ होता तो सपा की स्थिति उत्तर प्रदेश में काफी कमजोर रहती और पार्टी लगभग 30 सीटों तक सिमट सकती थी। संजय राठी ने कहा कि चौधरी चरण सिंह के अनुयायी और समर्थक राजनीतिक इतिहास और किए गए संघर्ष को भूले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव की जयंत पर की गई टिप्पणी का जवाब किसान, मजदूर और चौधरी चरण सिंह की विचारधारा से जुड़े लोग वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में पूरी राजनीतिक ताकत के साथ देंगे। राठी ने कहा कि जयंत चौधरी के खिलाफ इस तरह की टिप्पणी का रालोद कार्यकर्ता पुरजोर विरोध करते हैं।

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