गैर सम्प्रदाय के युवक पर सख्त कार्रवाई न होने पर आरोपी के घर पर हिंदू महापंचायत का ऐलान, नाबालिग किशोरी के मामले में पुलिस पर गंभीर आरोप, दो दिन में कार्रवाई करने का दिया अल्टीमेटम
मुजफ्फरनगर। बुढ़ाना थाना क्षेत्र के एक गांव में नाबालिग किशोरी के साथ कथित दुष्कर्म और धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाए जाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। योग साधना आश्रम बघरा के पीठाधीश्वर स्वामी यशवीर महाराज ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि शिकायत दिए जाने के बावजूद पहले कार्रवाई नहीं की गई और बाद में मुकदमा दुष्कर्म की धाराओं के बजाय छेड़छाड़ की धाराओं में दर्ज किया गया। उन्होंने मामले में तत्काल कार्रवाई और आरोपी की गिरफ्तारी की मांग करते हुए पुलिस को दो दिन का समय दिया है।
शुक्रवार को सोशल मीडिया पर नाबालिग किशोरी से संबंधित वीडियो साझा करते हुए स्वामी यशवीर महाराज ने आरोप लगाया कि बुढ़ाना क्षेत्र के एक गांव की किशोरी को परासौली निवासी युवक काफी समय से परेशान कर रहा था। उनके अनुसार, करीब 15 दिन पहले भी युवक के खिलाफ पुलिस को शिकायत दी गई थी, लेकिन आरोप है कि उस समय कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। स्वामी का दावा है कि कार्रवाई नहीं होने से आरोपी का मनोबल बढ़ गया और बाद में वह कथित रूप से किशोरी के घर में घुस गया।

स्वामी यशवीर महाराज ने आरोप लगाया कि घर में घुसने के दौरान युवक ने किशोरी के साथ दुष्कर्म किया और उस पर निकाह करने तथा धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया। उन्होंने कहा कि घटना के बाद किशोरी की ओर से पुलिस को तहरीर दी गई, लेकिन आरोप के मुताबिक मुकदमा दुष्कर्म की धाराओं में दर्ज नहीं किया गया। उनका दावा है कि मामले में पुलिस ने केवल छेड़छाड़ की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया और अभी तक आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। स्वामी ने यह भी आरोप लगाया कि पीड़िता पर बयान बदलने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से मामले को गंभीरता से लेकर निष्पक्ष जांच कराने और पीड़िता को सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की।
स्वामी यशवीर महाराज ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय वर्मा से मामले को तत्काल संज्ञान में लेने की अपील करते हुए कहा कि यदि दो दिन के भीतर आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी नहीं की गई तो हिंदू समाज के लोगों के साथ परसौली में हिंदू महापंचायत आयोजित की जाएगी। उन्होंने आरोपी के घर के घेराव की भी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि नाबालिग के साथ कथित अपराध के मामले में पुलिस की कार्रवाई निष्पक्ष और कानून के अनुरूप होनी चाहिए।
सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से उन्होंने पुलिस प्रशासन से मामले में त्वरित कार्रवाई की मांग की है। मामला सामने आने के बाद अब पुलिस की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं। आरोपों की वास्तविकता और घटना की परिस्थितियों का पता पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। नाबालिग से जुड़े मामले में पुलिस द्वारा पीड़िता के बयान, मेडिकल साक्ष्य और अन्य उपलब्ध तथ्यों के आधार पर जांच की जानी है। वहीं, स्वामी यशवीर महाराज द्वारा हिंदू महापंचायत और घेराव की चेतावनी दिए जाने के बाद क्षेत्र में पुलिस-प्रशासन की सक्रियता बढ़ने की संभावना है।
