सर्दी का सितमः कोहरे की चादर में लिपटा शहर, 12 बजे तक जले अलाव

दोपहर तक भी नहीं छंटा कोहरा, अलाव का सहारा लेते दिखे लोग, जनजीवन हुआ बुरी तरह प्रभावित

मुजफ्फरनगर। जनपद मुजफ्फरनगर में सर्दी ने इस बार लोगों को बेहाल कर दिया है। शनिवार के बाद रविवार को भी घना कोहरा और शीतलहर पूरे जिले पर हावी रही। हालात ऐसे रहे कि दोपहर तक सूरज के दर्शन नहीं हो सके और जनजीवन पूरी तरह से प्रभावित नजर आया। सर्द हवाओं, कोहरे और पाले के कारण आम लोगों से लेकर प्रशासन तक अलर्ट मोड पर दिखाई दिया। जनपद में शीतलहर और घने कोहरे का प्रकोप लगातार जारी है। रविवार को भी पूरा शहर कोहरे की घनी चादर में लिपटा रहा। हालात इतने खराब रहे कि दोपहर 12 बजे तक भी अंधेरे जैसा माहौल बना रहा। लोग दिन में ही सर्दी से बचाव के लिए अलाव के सहारे बैठे नजर आए। गली-मोहल्लों में घरों और दुकानों के बाहर दोपहर एक बजे तक अलाव जलते दिखाई दिए।

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कोहरे के साथ पानी की बूंदों के रूप में पाला गिरने से सड़कों पर आवाजाही भी प्रभावित रही। दृश्यता बेहद कम होने के कारण वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। राजमार्गों पर कोहरा अधिक घना रहा, जिससे यातायात की रफ्तार थमी नजर आई। लोगों को गरम कपड़ों में लिपटा देखा गया। पिछले चार दिनों से जारी इस कड़ाके की ठंड के चलते जिले के विद्यालयों में अवकाश घोषित किया गया है। प्रशासन द्वारा 27 दिसंबर तक कक्षा 8 तक के स्कूलों में शीत अवकाश घोषित किया गया था, लेकिन मौसम में कोई नरमी नहीं दिखाई देने के कारण अब इस अवकाश को आगे बढ़ाए जाने की संभावना जताई जा रही है। सोमवार को भी स्कूल खुलने की उम्मीद कम ही नजर आ रही है।

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रविवार, 28 दिसंबर को जिले का अधिकतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिनभर औसत तापमान 20 डिग्री के आसपास बना रहा। सुबह के समय हालात इतने खराब थे कि आसपास के मकान भी मुश्किल से दिखाई दे रहे थे। हालांकि दोपहर करीब एक बजे के बाद हल्की नीम धूप निकली, जिससे लोगों को कुछ देर के लिए सर्द हवा और कोहरे से राहत मिली, लेकिन यह राहत ज्यादा देर तक नहीं टिक सकी। शाम से पहले ही फिर से कोहरे की आमद ने ठंड का अहसास बढ़ा दिया।

वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) भी 235 के स्तर पर पहुंच गया, जो बेहद खराब श्रेणी में आता है। इसके चलते लोगों को सांस लेने में दिक्कत और आंखों में जलन जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। 3 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही ठंडी हवा ने शीतलहर के असर को और बढ़ा दिया है। बढ़ती ठंड को देखते हुए जिला प्रशासन भी सतर्क नजर आ रहा है। अधिकारी रात के समय सड़कों पर उतरकर रैन बसेरों का निरीक्षण कर रहे हैं, ताकि जरूरतमंदों को ठंड से राहत मिल सके। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने 31 दिसंबर तक क्षेत्र में रेड/ऑरेंज अलर्ट जारी किया हुआ है। ऐसे में आने वाले दिनों में सर्दी से राहत मिलने की संभावना फिलहाल कम ही दिखाई दे रही है।

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