मंदिर में शराब पीने से रोकने पर की थी पुजारी नत्थन भगत की हत्या, पुलिस ने अवैध तमंचे और बिना नंबर प्लेट बाइक की बरामद
मुजफ्फरनगर। जनपद मुजफ्फरनगर के मंसूरपुर थाना क्षेत्र स्थित बेगराजपुर गांव में रविदास मंदिर के पुजारी नत्थन भगत की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए दोनों आरोपियों को घटना के 24 घंटे के भीतर मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने मंदिर में शराब पीने से रोकने पर रंजिश के चलते पुजारी की हत्या की थी। गिरफ्तारी के दौरान दोनों बदमाश पुलिस पर फायरिंग करते हुए भागने का प्रयास कर रहे थे, जिसके जवाब में हुई कार्रवाई में दोनों घायल हो गए।
सीओ खतौली रूपाली राव ने बताया कि मंसूरपुर थाना क्षेत्र के गांव बेगराजपुर स्थित रविदास मंदिर के पुजारी नत्थन भगत की हत्या के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को पुलिस मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिया। मुठभेड़ में दोनों आरोपियों के पैरों में गोली लगी, जिसके बाद उन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस के अनुसार 12 जून को बेगराजपुर निवासी सागर ने तहरीर देकर गांव के ही अनिकेत और अरुण पर अपने ताऊ नत्थन भगत की हत्या का आरोप लगाया था। शिकायत के आधार पर मंसूरपुर थाने में हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया और आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस टीमों का गठन किया गया।
शुक्रवार देर रात पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि दोनों आरोपी गांव से फरार होने की फिराक में हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने रेलवे अंडरपास के पास न्यू-मैक्स फैक्ट्री की ओर जाने वाले मार्ग पर चेकिंग शुरू कर दी। इसी दौरान बिना नंबर प्लेट की मोटरसाइकिल पर सवार दो युवक आते दिखाई दिए। पुलिस ने उन्हें रुकने का संकेत दिया तो दोनों मोटरसाइकिल मोड़कर भागने लगे और पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। पुलिस ने पीछा किया तो कुछ दूरी पर आरोपियों की बाइक फिसलकर गिर गई। इसके बाद भी दोनों ने पुलिस पर गोली चलाई। आत्मरक्षा में पुलिस द्वारा की गई जवाबी फायरिंग में दोनों आरोपी घायल हो गए। घायल अवस्था में गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान अनिकेत पुत्र सुभाष और अरुण पुत्र राजकुमार, निवासी बेगराजपुर के रूप में हुई है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक बिना नंबर प्लेट की हीरो होंडा मोटरसाइकिल, दो अवैध तमंचे, दो जिंदा कारतूस और दो खोखा कारतूस बरामद किए हैं। आरोपियों के विरुद्ध हत्या और आयुध अधिनियम की धाराओं में अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए गए हैं। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे शराब पीने के आदी हैं और अक्सर नशे की हालत में मंदिर पहुंच जाते थे। पुजारी नत्थन भगत उन्हें मंदिर परिसर में शराब पीने और नशे की हालत में आने से रोकते थे। इसी बात को लेकर दोनों के मन में पुजारी के प्रति रंजिश पैदा हो गई थी। आरोपियों ने बताया कि 10 और 11 जून की रात वे मंदिर पहुंचे तो पुजारी ने उन्हें अंदर आने से मना कर दिया। इस पर दोनों ने पुजारी के साथ मारपीट शुरू कर दी। मारपीट के दौरान पुजारी के शोर मचाने पर उसका मुंह दबा दिया गया और एक आरोपी उसके सीने पर बैठ गया, जिससे उसकी मौत हो गई। घटना के बाद दोनों वहां से फरार हो गए थे। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में मंसूरपुर थाना पुलिस की टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया।





