सदर तहसील में भाकियू के धरने पर हंगामा, किसान नेता पर उगाही के गंभीर आरोप

नंगला राई में गैस प्लांट के निर्माण को लेकर अवैध वसूली करने और ठेका मांगने के लगाए गए आरोप, जांच की मांग

मुजफ्फरनगर। जनपद मुजफ्फरनगर की सदर तहसील में मंगलवार को उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया जब भाकियू (अराजनैतिक) के धरने के दौरान प्रदर्शन का नेतृत्व करने वाले एक किसान नेता पर उगाही के आरोप लगने के बाद जमकर हंगामा हुआ। आरोप लगाने वाले और किसान नेता के बीच एसडीएम कार्यालय के सामने तीखी नोकझोंक हुई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

सदर तहसील में भाकियू (अराजनैतिक) के चल रहे धरने के दौरान उस वक्त विवाद खड़ा हो गया जब किसान नेता ठा. कुशलवीर सिंह पर उगाही के गंभीर आरोप लगाए गए। आरोप-प्रत्यारोप के बीच मौके पर मौजूद लोगों के सामने दोनों पक्षों के बीच जमकर बहस हुई, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। स्थिति को बिगड़ता देख संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने हस्तक्षेप कर मामला शांत कराया।

जानकारी के अनुसार, चरथावल थाना क्षेत्र के गांव नंगला राई निवासी संजय कुमार ने किसान नेता कुशलवीर सिंह पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने सदर तहसील में ही कुशलवीर द्वारा एसडीएम कार्यालय पर दिए जा रहे धरने के दौरान पहुंचकर जमकर हंगामा किया और खुलेआम भ्रष्टाचार करने के आरोप लगाकर सनसनी फैला दी। मीडिया से बातचीत में संजय कुमार ने बताया कि उनके गांव नंगला राई में गैस प्लांट का निर्माण कार्य चल रहा है, जिसके लिए उन्होंने सभी आवश्यक अनुमतियां प्राप्त कर रखी हैं और कार्य ठेकेदार के माध्यम से कराया जा रहा है। संजय के मुताबिक, कुछ दिन पूर्व किसान नेता कुशलवीर सिंह ने निर्माण कार्य में बाधा उत्पन्न करते हुए शिकायत दर्ज कराई, जिसके चलते ट्रैक्टर-ट्रॉली और मशीनों को पकड़वा दिया गया था। हालांकि बाद में चालान होने के बाद मशीनें छोड़ दी गईं और कार्य दोबारा शुरू हो गया।

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आरोप है कि इसके बाद कुशलवीर सिंह ने अपने लोगों के माध्यम से ठेका निरस्त कर अपने पक्ष के लोगों को काम दिलाने का दबाव बनाना शुरू किया। संजय का कहना है कि उन्होंने कार्य लगभग पूरा होने का हवाला देते हुए ठेका बदलने से इनकार कर दिया, जिस पर कुशलवीर सिंह द्वारा 10 लाख रुपये की अवैध रूप से मांग की गई। विवाद से बचने के लिए उन्होंने डेढ़ लाख रुपये देने की बात भी स्वीकार की और यह रकम कुशलवीर सिंह को उपलब्ध करा दी गई, इस पर समझौता हो गया था।

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संजय कुमार ने यह भी आरोप लगाया कि पैसे लेने के बावजूद किसान नेता कुशलवीर सिंह ने प्लांट के खिलाफ फिर अवैध मांग शुरू कर दी और अपने परिचित व्यक्ति सुमित निवासी कसौली को ठेकेदार के रूप में काम दिलाने का प्रयास किया। सुमित द्वारा बताए गए रेट अधिक होने के कारण उन्होंने प्रस्ताव ठुकरा दिया। इसके अलावा संजय ने आरोप लगाया कि किसान नेता यूनियन के नाम पर भ्रष्टाचार और दबंगई कर रहे हैं तथा क्षेत्र में अवैध कार्य भी करवा रहे हैं।

यूनियन का पदाधिकारी होने के कारण खुली गुंडागर्दी कर किसानों को ही परेशान किया जा रहा है, वो जो प्लांट लगा रहे हैं, उससे गांव में गैस पहुंचेंगी और किसानों व गांव के युवाओं को अपने ही गांव में रोजगार के अवसर भी मिलेंगे, लेकिन कुशलवीर जैसे लोग किसानों का ही उत्पीड़न करने पर लगे हुए हैं। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि कुशलवीर सिंह के फोन की कॉल्स डिटेल की जांच होनी चाहिए, सभी कुछ सामने आ जायेगा। धरने के दौरान हुए इस हंगामे का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस साफ देखी जा सकती है। फिलहाल इस मामले में किसी भी पक्ष की ओर से आधिकारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। इस मामले में भाकियू अराजनीतिक के नेता ठा. कुशलवीर से बात करने का प्रयास किया गया, लेकिन बात नहीं हो पाई। संगठन के दूसरे लोागें का कहना है कि कुशलवीर पर लगाये गये आरोप बेबुनियाद है। प्लांट में नियमों और मानकों की अनदेखी की जा रही थी, जिसकी शिकायत कर जांच कराने की मांग पर ही ये आरोप लगाये गये हैं।

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