धरने पर बैठे सफाई कर्मचारियों ने गुण्डे बुलाकर जेएस एनवायरो के कर्मचारियों को जमकर पीटा, पुलिस ने भी नहीं की कोई सुनवाई
मुजफ्फरनगर। नगरपालिका के कूड़ा निस्तारण कार्य से जुड़ी निजी कंपनी के कर्मचारियों के साथ टाउनहाल परिसर में कथित मारपीट का मामला सामने आया है। कंपनी प्रबंधन का आरोप है कि धरने पर बैठे सफाई कर्मचारी संघ से जुड़े कुछ लोगों ने उनके दो कर्मचारियों को घेरकर न केवल मारपीट की, बल्कि जान से मारने की धमकी भी दी। कंपनी ने यह भी दावा किया है कि पूरी घटना टाउनहाल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हुई है। वहीं पुलिस पर शिकायत के बावजूद कार्रवाई न करने, चिकित्सीय परीक्षण न कराने और चैकी से भगा देने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं।

जेएस एनवायरो सर्विसेज प्रा. लि., जो नगरपालिका के साथ कूड़ा निस्तारण का कार्य कर रही है, के असिस्टेंट मैनेजर मनीष कुमार ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि वह टाउनहाल में अधिशासी अधिकारी (ईओ) एवं अन्य अधिकारियों के साथ बैठक में शामिल थे। इस दौरान उनके कर्मचारी सन्नी त्यागी और अंशुल नीचे परिसर में उनका इंतजार कर रहे थे।
आरोप है कि उसी समय धरने पर बैठे कुछ सफाई कर्मचारियों ने बाहरी लोगों को बुलाकर दोनों कर्मचारियों को घेर लिया। पहले उनके साथ गाली-गलौज और अभद्रता की गई तथा विरोध करने पर उनके साथ मारपीट शुरू कर दी गई। शिकायत के अनुसार करीब आठ से दस लोगों ने दोनों कर्मचारियों को सड़क पर गिराकर लात-घूंसों से पीटा। इस दौरान उनकी बाइक भी गिरा दी गई। कंपनी का यह भी आरोप है कि हमलावरों ने चाकू और पिस्टल दिखाकर जान से मारने की धमकी दी।
कंपनी प्रबंधन ने शिकायत में यह भी उल्लेख किया है कि कुछ दिन पहले भोपा रोड स्थित ग्रांड प्लाजा मॉल की पार्किंग में भी उनके प्रोजेक्ट मैनेजर नीतेश चैधरी को एक व्यक्ति ने जान से मारने की धमकी दी थी। कंपनी ने आरोप लगाया है कि इन घटनाओं के पीछे नीरज बिडला तथा गुरु नामक व्यक्ति की भूमिका है। प्रबंधन का कहना है कि यदि भविष्य में कंपनी के किसी कर्मचारी के साथ कोई अप्रिय घटना होती है तो इसकी जिम्मेदारी इन्हीं लोगों की होगी।

प्रोजेक्ट मैनेजर नीतेश चैधरी ने आरोप लगाया कि घटना की सूचना देने और सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध कराने के बावजूद पुलिस ने उनकी शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया। उनका कहना है कि शिव चैक स्थित आबकारी चैकी पर तहरीर देने के बाद भी न तो घायलों का चिकित्सीय परीक्षण कराया गया और न ही आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई की गई। उल्टा चैकी पर मौजूद पुलिसकर्मियों द्वारा उनके कर्मचारियों के साथ अभद्र व्यवहार किए जाने का भी आरोप लगाया गया है। घटना के बाद पूरे मामले को लेकर नगर क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है। फिलहाल पुलिस की ओर से इस प्रकरण में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। मामले में पुलिस जांच और सीसीटीवी फुटेज की पड़ताल के बाद ही घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।





