VIJAY KA SATYAGRAH-दुनिया के सबसे लंबे धरने के 28 साल पूरे

मुजफ्फरनगर। भ्रष्टाचार व भू माफिया के खिलाफ मास्टर विजय सिंह के दुनिया के सबसे लंबे धरने को आज 28 साल पूरे हो गए। शामली के ग्राम चैसाना की 4 हजार बीघा सार्वजनिक कृषि योग्य भूमि अवैध कब्जा मुक्त् कराने को मास्टर विजय सिंह धरने के रूप में 28 साल से अनवरत सत्यग्रह पर हैं। मुख्यमंत्री योगी के आदेश पर कराई गई जांच में अवैध कब्जा साबित होने के बावजूद आज तक आरोपित भू माफिया के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं हो पाई। 4 साल से मास्टर विजय सिंह को इंतजार है।

वर्तमान में जनपद शामली की ऊन तहसील के गांव चैसाना की करीब 4 हजार बीघा सार्वजनिक कृषि भूमि पर भू-माफिया का अवैध कब्जा है। 26 फरवरी 1996 को चैसाना के मास्टर विजय सिंह ने अवैध कब्जा हटवाने की मांग करते हुए मुजफ्फरनगर डीएम कार्यालय के समक्ष धरना शुरू किया था, लेकिन धरने के 28 साल बीतने के बावजूद आज तक कोई भी सरकार जनहित में भू माफिया से करोड़ो की सार्वजनिक कृषि योग्य भूमि से कब्जा हटवाकर मास्टर विजय सिंह को न्याय नहीं दिलवा सकी।

8 अप्रैल 2019 को योगी की शामली में हुई चुनावी सभा में मा. विजय सिंह ने प्रदर्शन किया था जिसके बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने डीएम शामली को जांच कराने के आदेश दिये थे। एसडीएम ऊन सुरेन्द्र सिंह ने जांच कर रिपोर्ट डीएम को रिपोर्ट दी थी, जिसमें सैकड़ों करोड़ की हजारों बीघा सार्वजनिक कृषि भूमि पर पूर्व विधायक ठा. जगत सिंह का अवैध कब्जा साबित हुआ था। रिपोर्ट में ठा. जगत सिंह को भू माफिया घोषित करने की संस्तुति भी की गई थी, जिसके बाद डीएम शामली मौके पर पहुंचकर भौतिक सत्यापन कर कार्रवाई के लिए शासन को रिपोर्ट भेज दी थी। मा. विजय सिंह का कहना है कि योगी ने शामली की भरी सभा में 8 अप्रैल 2019 को जो वायदा किया था, उसके बाद दो साल तक सूबे का सीएम रहते भी उसे पूरा नहीं किया। सीएम योगी के 5 साल के कार्यकाल में मास्टर विजय सिंह अनेकों बार लखनऊ मुख्यमंत्री निवास जाकर सीएम योगी से मुलाकात का समय मांगा, परंतु कोई समय नहीं दिया गया।

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2012 में कृषि भूमि अवैध कब्जा मुक्त कराने के लिए विजय सिंह पद यात्रा करते हुए लखनऊ पहुंचे थे। तत्कालीन सीएम अखिलेश यादव से मुलाकात कर भूमि कब्जा मुक्त कराने की मांग की थी, जिस पर जांच कमेटी गठित की गई, लेकिन आरोपियों के सपा में चले जाने के बाद राजनीतिक हस्तक्षेप व भ्रष्टाचार के कारण कोई कार्यवाही नहीं की गई थी। बसपा सरकार के दौरान प्रमुख सचिव गृह ने कार्रवाई का आदेश दिया था, जिस पर जिला प्रशासन ने 300 बीघा भूमि अवैध कब्जे से मुक्त कराई थी। बाद में कुछ नेताओं के भ्रष्टाचार व राजनीतिक हस्तक्षेप के चलते कार्रवाई पर विराम लगा था।

विजय सिंह ने बताया कि सीएम योगी की कराई जांच रिपोर्ट पर कार्रवाई की मांग के लिए वह 25 दिसंबर 2021 को लखनऊ गए थे। जब वह एक पत्र टाइप कराने जा रहे थे तो जीपीओ पर लखनऊ एलआईयू इंस्पेक्टर अश्वनी सिंह ने हजरत गंज कोतवाली पुलिस से उन्हें अवैध हिरासत में लिवा लिया था। कोतवाली पर उन्हें पांच घंटे तक अवैध हिरासत में रखा गया। एक पत्रकार ने उन्हें छुड़वाया। 19 सितंबर 2019 को तत्कालीन जिलाधिकारी सेल्वा कुमारी ने विजय सिंह का कचहरी से धरना हटवा दिया तथा अंडरवियर सुखाने को लेकर महिला लज्जा भंग का बेहूदा मुकदमा दर्ज करा दिया था। भारी विरोध के चलते पुलिस ने मुकदमे को खारिज कर दिया था।

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सार्वजनिक कृषि भूमि कब्जा मुक्त कराने की मांग के लिए विजय सिंह 28 साल से अनवरत धरना दे रहे हैं। उनका धरना लिम्का बुक आफ रिकार्ड्स, एशिया बुक आफ रिकार्ड्स, इंडिया बुक आफ रिकार्ड्स, वल्र्ड रिकार्ड इंडिया तथा मीरा सेल्स आफ वल्र्ड रिकार्ड में दर्ज हो चुका है। विजय सिंह को इस आंदोलन को लेकर कई प्रलोभन और धमकियां भी दी गई। उनका कहना है कि 4000 बीघे सार्वजनिक भूमि से भू-माफिया लगभग 25 लाख रुपये मासिक अवैध आय प्राप्त कर, राजस्व की हानि पहंुचा रहे हैं। 28 सालों के लम्बे अन्तराल में मास्टर विजय सिंह आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। उनका कहना है कि आर्थिक तंगी व असुरक्षा के कारण प्रभावी पैरोकारी भी नहीं हो पा रही है। इसका उन्हें बहुत मलाल है। मास्टर विजय सिंह ने बताया कि ‘‘जो पैत्रक सम्पत्ति 28 वर्ष पहले उनके तथा उनके परिवार के पास थी, आज भी वही है। वे आज लाखों रुपये का कर्जदार हो गए हैं। 29वां साल शुरू होने पर विजय सिंह ने सोमवार को सनातन धर्म सभा भवन में गोष्ठी का आयोजन किया है। इस दौरान वो कुछ और भी खुलासा करने की तैयारी में हैं। 

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