गांवों में मिलेगा खतौनी ठीक कराने का अवसरः धर्मेन्द्र मलिक

मुजफ्फरनगर। लखनऊ लोकभवन में भाकियू अराजनैतिक के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेश सिंह चौहान के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल की मुख्य सचिव मनोज कुमार के साथ विभिन्न बिन्दुओं पर वार्ता हुई है। किसानों की विभिन्न समस्याओं के मुख्य सचिव को अवगत कराया गया है। मुख्य सचिव समस्याओं के निदान हेतु सभी विभागों को निर्देशित कर समाधान का आश्वासन दिया है। मुख्य सचिव ने अंश निर्धारित, नाम की त्रुटियों को चौपाल लगाकर गांव में निस्तारित करने के भी निर्देश दिए है। वहीं पुरबालियान गांव की चकबंदी की समीक्षा के लिए चकबंदी आयुक्त को आदेश दिए गए है। राष्ट्रीय प्रवक्ता धर्मेन्द्र मलिक ने बताया कि उत्तर प्रदेश के गन्ना किसानों का लगभग 3 हजार करोड रूपया बकाया है।

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प्रदेश की कुछ चीनी मिलों द्वारा किसानो का गन्ना भुगतान कई वर्षों से समय पर नहीं किया जा रहा है। 14 दिन के अन्दर भुगतान न होने पर विलम्बित भुगतान पर गन्ना मूल्य एवं कमीशन भुगतान हेतु उ.प्र. गन्ना (पूर्ति एवं खरीद विनियमन) अधिनियम 1953 एवं तत्संबंधी नियमावली 1954 में व्यवस्था के अनुसार विलम्बित भुगतान पर ब्याज दिलाया जाये। पिछले तीन वर्षों से किसान गन्ने को बचाने हेतु संघर्ष कर रहा है। उत्तर प्रदेश में पायरिला, रेडरोट, टॉपबोरर से किसानों की फसल का उत्पादन गिरकर आधा हो गया है लेकिन गन्ना विभाग, गन्ना अनुसंधान केंद्र द्वारा इस पर कोई विस्तृत रिसर्च रिपोर्ट जारी नहीं की गई है। बीमारी के नाम पर शुगर मिल बीज एवं दवाई बेचने का धंधा कर रहे है। किसानों के आलू, प्याज, टमाटर जैसे उत्पादों को बाजारों तक पहुँचाने के लिये मदर डेयरी, हरित डेयरी व पराग जैसी संस्थाओं के साथ मिलकर सप्लाई चेन बनायी जाये और मदर डेयरी की तरह सप्लाई चेन को मैनेज करने के लिए प्रोफेशनल्स को हायर किया जाये। इस दौरान मांगेराम त्यागी, महेन्द्र सिंह रंधावा, उम्मेद सिंह, हरिनाम सिंह, रामस्वरूप वर्मा, राज कुमार तोमर, बलराम तिवारी,बलबीर सिंह आदि मौजूद रहे।

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