किसान दिवस में उठा पुरबालियान चकबंदी का मामला

मुजफ्फरनगर। किसान दिवस में पुरबालियान गांव से पहुंचे महिला और पुरुषों ने चकबंदी का मामला उठाते हुए इस उत्पीड़न से बचाने के लिए जिलाधिकारी से गुहार करते हुए कहा कि तीन दशक से ज्यादा समय हो गया है, लेकिन अभी तक गांव में चकबंदी प्रक्रिया के तहत कब्जा परिवर्तन नहीं किया जा रहा है। महिलाओं के जेवर बिक गये और पुरुषों के मेहनत की कमाई भी चकबंदी प्रक्रिया में भ्रष्ट व्यवस्था की भेंट चढ़ गई, लेकिन आज भी गांव के किसान और ग्रामीण खून के आंसू रो रहे हैं। इसके साथ ही शहर के कुछ इलाकों में दूषित पेयजल आने और जनपद के कई हिस्सों में अघोषित विद्युत कटौती का भी मामला उठाते हुए किसानों ने भारी आक्रोश जाहिर किया।

कलेक्ट्रेट स्थित जिला पंचायत के चौ. चरण सिंह सभागार में बुधवार को मासिक किसान दिवस का आयोजन किया गया। इसमें जिला स्तरीय अधिकारियों के न पहुंचने पर किसान संगठनों के पदाधिकारी और ग्रामीण नाराज दिखे और उन्होंने डीएम को बुलाने तथा उनके सामने ही अपनी समस्या रखने की मांग करते हुए हंगामा किया। मंच पर मौजूद सिटी मजिस्ट्रेट विकास कश्यप ने उनको समझाने का प्रयास किया, इसके बाद एडीएम प्रशासन नरेन्द्र बहादुर सिंह भी किसानों के बीच पहुंचे और उनकी समस्या सुनने की बात कही, लेकिन किसान जिद पर अड़े रहे। कुछ देर बाद डीएम उमेश मिश्रा को भी किसानों के बीच पहुंचना पड़ा।

डीएम के आने के बाद किसान संगठनों के नेताओं, ग्रामीणों और किसानों ने अपनी बात उनके सामने रखना शुरू किया। इस दौरान काफी संख्या में वहां मौजूद महिलाओं और पुरुषों ने गांव पुरबालियान में करीब 38 साल से चल रही चकबंदी प्रक्रिया के दौरान उत्पीड़न के प्रकरण को उठाते हुए इस बात पर नाराजगी जताई कि लगातार प्रदर्शन और मांग के बावजूद भी पुरबालियान में चकबंदी को पूर्ण नहीं किया जा रहा है, तीन दशक से लोगों को कब्जा परिवर्तन का अधिकार नहीं दिया जा रहा है। इससे सभी मामले उलझे हुए हैं और विवाद सिर पर खड़ा है। गांव की हरिजन बस्ती का मामला भी उठाया गया। इसके साथ ही कुछ लोगों ने शहर की कालोनी एकता विहार, रामपुरी और शाहबुदीनपुर रोड पर कई हिस्सों में दूषित पानी की आपूर्ति होने को लेकर भी आक्रोश जताया।

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कहा गया कि घरों में नगर पालिका से आपूर्ति किये जाने वाले पेयजल की लाइन में दूषित पानी काफी दिनों से आ रहा है, इस पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। इससे लोग बीमार हो रहे हैं और पीने का पानी की भी किल्लत हो रही है। वहीं कुछ लोगों ने बिजली आपूर्ति में मनमानी व्यवस्था का आरोप लगाते हुए डीएम के समक्ष शिकायत की कि मिमलाना रोड और नरा बिजली घर से कुछ क्षेत्रों में लंबी अघोषित विद्युत कटौती की जा रही है। इससे खेतों में सिंचाई पर भी प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने डीएम से विद्युत आपूर्ति में अधिकारियों की चल रही मनमानी पर अंकुश लगाने की मांग करते हुए कहा कि यह नहीं रूका तो बिजलीघरों का घेराव करते हुए प्रदर्शन किया जायेगा। इस दौरान अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि जो भी समस्या यहां पर उठी हैं, उनका उच्च स्तरीय निस्तारण त्वरित व्यवस्था में कराया जायेगा

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डीएम ने किसानों-ग्रामीणों से की गुड की गुणवत्ता सुधारने की अपील

मुजफ्फरनगर। किसान दिवस में जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने गुड की घटती जा रही गुणवत्ता को लेकर चिंता जाहिर करने के साथ ही उपस्थित किसानों और ग्रामीणों से गुड की गुणवत्ता को सुधारने के लिए सहयोग के लिए आगे आने का आह्नान किया। इस दौरान डीएम ने गुड उत्पादन हेतु गन्ने की नवीनतम प्रजातियों एंव प्राकृतिक गन्ना उत्पादन पर जोर देते हुए कहा कि गुड के रूप में ही विदेशों तक जनपद की पहचान है। गुड निर्माण के लिए एक जनपद एक उत्पाद के अन्तर्गत कोल्हू संचालकों को 25 प्रतिशत की सब्सिडी पर लोन उपलब्ध कराया जायेगा। कोल्हू संचालकों को विश्व स्तरीय प्रशिक्षण दिए जाने की भी व्यवस्था सरकार करने जा रही है, प्रयास है कि इसके लिए लागत मूल्य को कम किया जाये। इसकी आन लाईन मार्केटिंग को बढावा देने औरगन्ना कोल्हू उद्योग के संवर्धन हेतु सिंगल विण्डो क्रेडिट सिस्टम लागू किया जायेगा। जिसके लिए विभागीय समन्वय बनाकर काम करने की व्यवस्था हम करने जा रहे हैं। गन्ना कोल्हू उद्योग के क्षेत्र में अच्छा कार्य करने वाले कोल्हू संचालकों को ब्राण्ड अम्बेसडर के रूप में नेतृत्व दिया जायेगा। 

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