एम.जी. पब्लिक स्कूल में श्रद्धा भाव से मना वीर बाल दिवस

मुजफ्फरनगर। एम.जी. पब्लिक स्कूल प्रांगण में सिख पंथ के दसवें गुरू गोविंद सिंह जी, उनकी माता और उनके चार साहिबजादों की शहादत पर वीर बाल शहीदी दिवस कार्यक्रम का भावपूर्ण आयोजन किया गया। इसमें मंचीय प्रस्तुतियों के माध्यम से छात्र-छात्राओं एवं शिक्षिकाओं ने धर्म की रक्षा के लिए जीवन का बलिदान करने वाले इन वीर चारों साहिबजादों की शहादत को श्रद्धा भाव के साथ प्रस्तुत कर सभी के दिल को छू लिया।

एम.जी. पब्लिक स्कूल की प्रधानाचार्या मोनिका गर्ग ने वीर बाल दिवस कार्यक्रम में उपस्थित हुए एम.जी. चेरिटेबल ट्रस्ट के चेयरमैन सतीश चंद गोयल, एम.जी. पब्लिक स्कूल के उपाध्यक्ष विनीत सिंघल, कोषाध्यक्ष रोहित सिंघल, गुरू सिंह सभा के प्रधान हरजीत सिंह गुराया और शहीद बाबा दीप सिंह जी यूथ फाउंडेशन के चेयरमैन वीरेन्द्र सिंह उर्फ हनी सेखो तथा उनके साथ आये अन्य अतिथियों का स्वागत किया। इसके पश्चात चार साहिबजादों के सफर ए शहादत कार्यक्रम प्रारम्भ हुआ। छात्र छात्राओं ने वीर बालकों की शहादत और गुरूओं के जीवन संघर्ष पर आधारित मंचीय प्रस्तुतियों से सभी का दिल जीत लिया। बच्चों ने इस दौरान वीर बालकों की शहादत पर आधारित गीत, कविता, भाषण और गुरू तेगबहादुर सिंह से लेकर चार साहिबजादों, माता गुजर कौर और गुरू गोविंद सिंह की शहीदी का रूहानी प्रस्तुतिकरण देकर सभी को भाव विभोर कर दिया। छात्राओं रवलीन और दिलशीन ने अपनी कविताओं के माध्यम से चार साहिबजादों की शहादत को प्रस्तुत किया। छात्र आशु ने सिख पंथ के गुरूओं के धर्म की रक्षा के लिए दिए गए बलिदान को अपनी कविता के माध्यम से औज पूर्ण प्रस्तुति के रूप में सभी के सम्मुख रखा। विद्यालय की शिक्षिकाओं ने अपनी शब्द कीर्तन में भी गुरूओं की शहीदी को नमन किया। विद्यालय में यूकेजी, कक्षा-1 और कक्षा-2 के छात्र-छात्राओं द्वारा चार साहिबजादों के जीवन और कुर्बानी को लेकर बनाये गये चित्रों की प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसकी अतिथियों ने मुक्त कंठ से प्रशंसा करते हुए बच्चों को प्रेरित करने के लिए विद्यालय परिवार का आभार जताया।

ज्ञानी हरजीत सिंह ने बच्चों को सिख पंथ के इस शोक सप्ताह के बारे में विस्तारी से जानकारी देते हुए बताया कि गुरू गोविंद सिंह ने अपनी 42 वर्ष की आयु में धर्म की रक्षा के लिए हुकुमत के खिलाफ 14 जंग लड़ी और बलिदान दिया। गुरू सिंह सभा के प्रधान हरजीत सिंह गुराया ने अपने सम्बोधन में कहा कि एम.जी. पब्लिक स्कूल का यह प्रयास सामाजिक दृष्टिकोण के साथ सराहनीय है। जिस भावनात्मक स्तर पर इस कार्यक्रम का आयोजन यहां हुआ, वो निश्चित ही बच्चों को संस्कार देने के साथ ही अपने महापुरुषों, धर्म और संस्कृति से जोड़ने का काम करेगा। बच्चे इस सीख के साथ देश और धर्म की सेवा में अपना योगदान दें। शहीद बाबा दीप सिंह जी यूथ फाउंडेशन के चेयरमैन वीरेन्द्र सिंह उर्फ हनी सेखो एमजी पब्लिक स्कूल की पूरी टीम की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस कार्यक्रम के दौरान विद्यालय ने सिख पंथ के गुरूओं के प्रति अद्वितीय सम्मान और श्रद्धा भाव को प्रकट किया। साहिबजादों का यह बलिदान बच्चों को सत्य की राह पर चलने के लिए प्रेरित करता है।

ट्रस्ट के चेयरमैन सतीश चंद गोयल ने कहा कि वीर बालकों की शहादत से बड़ी शहादत इस देश ही नहीं दुनिया में कोई दूसरी नहीं हो सकती है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस दिन को वीर बाल दिवस घोषित करते हुए पूरी दुनिया को इस शहादत के बारे में जानने का अवसर प्रदान किया। यह शहीदी दिवस हमें त्याग और बलिदान की प्रेरणा देती है, ऐसे कार्यक्रम ही नई पीढ़ी को अपने धर्म, राष्ट्र, गुरूओं और महापुरुषों से जोड़ते हुए संस्कारवान बनाने का काम करते हैं। प्रधानाचार्या श्रीमती मोनिका गर्ग ने अपने संबोधन में कहा कि सिख पंथ के गुरूओं ने मानवता और धर्म की रक्षा के लिए ही बलिदान देकर सत्य की राह पर अडिग रहने का एक संदेश देने का काम किया है। उन्होंने बच्चों को हमेशा ही अच्छे विचारों को ग्रहण करने की सीख देते हुए चारा साहिबजादों को नमन किया। अंत में गुरू सिंह सभा की ओर से शहीदी दिवस पर प्रत्येक वर्ष कार्यक्रम आयोजित कर बच्चों को सत्य, साहस और त्याग के पथ पर चलने की प्रेरणा देने के लिए ट्रस्ट चेयरमैन सतीश चंद गोयल और प्रधानाचार्या श्रीमती मोनिका गर्ग को स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में मुख्य रूप से गुरू सिंह सभा के प्रधान हरजीत सिंह गुराया, सेकेट्री धनप्रीत सिंह चन्नी बेदी, उप प्रधान गुरचरण सिंह जझ, रविन्द्र सिंह सूरी, इकबाल सिंह नारंग, जसविन्दर सिंह बस्सा, अमरजीत सिंह सिडाना, हरप्रीत सिंह सन्नी, सुखबीर सिंह रावल, ज्ञानी हरजीत सिंह, देवेविन्दर सिंह चडढा, हरजीत सिंह चावला, विरेन्द्र सिंह हनी सेखो, गुरजीत सिंह, हरजिन्दर सिंह शीरा, जसप्रीत सिंह, देविन्दर सिंह, हरप्रीत सिंह शम्मी, सत्यवीर सिंह, एडीजीसी विक्रांत राठी एडवोकेट, निखिल छाबड़ा एडवोकेट, तेजवीर सिंह आदि मौजूद रहे। प्रधानाचार्या श्रीमती मोनिका गर्ग ने सभी का आभार जताया। संचालन श्रीमती दीपाली गोयल द्वारा किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के समस्त स्टाफ का सराहनीय योगदान रहा।

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