MUZAFFARNAGAR-रतनलाल आज भी नहीं भूले मुस्लिमों की आंखों के वो आंसू

मुजफ्फरनगर। विशु( मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र मौहल्ला लद्दावाला की मंदिर वाली गली में सोमवार को शंख, मंजीरे और घंटे घडियाल के बीच मंत्रोचार हुआ तो लोगों के जहन में तीन दशक पुरानी वो तस्वीर भी ताजा हो गई। लद्दावाला के मुसलमान और रामलीला टिल्ला में रह रहे हिन्दू परिवार अपनी इस गली को लेकर संवेदनशील होकर पुरानी यादों से जुड़ गये। इनमें रतनलाल आज भी लद्दावाला छोड़ने के उस दिन को नहीं भूले जब वहां के मुस्लिमों ने रोते हुए उनको विदा कर वादा किया था कि वो उनके मंदिर को एक अमानत के तौर पर संभालकर रखेंगे और मुस्लिमों ने इस वादे को आज तक निभाया।

वयोवृ( हो चुके रतनलाल सैनी आज भी अपने परिवार के साथ रामलीला टिल्ला पर निवास कर रहे हैं। उनको तलाश करते हुए कुछ मीडिया कर्मी उनके आवास तक पहुंचे तो उन्होंने लद्दावाला के उस शिव मंदिर की पूरी कहानी बयां की, जिसको आज यशवीर महाराज ने जागृत करने का काम किया। रतनलाल की जुबां से एक बार भी लद्दावाला के मुस्लिमों के लिए कोई अपशब्द या बुराई नहीं निकली। उनसे जब पूछा गया कि आपने दंगों में मुस्लिमों के खौफ में पलायन किया था, तो झट से सवाल बीच में ही रोकते हुए रतनलाल ने इंकार करते हुए कहा कि वहां मुस्लिम बस्ती बढ़ जाने के बाद भी वो और परिवार सभी सुरक्षित रहे। अपनी मर्जी से उन्होंने वहां की जमीन और मकान बेचा और रामलीला टिल्ला पर आकर बस गये। रतनलाल बताते हैं कि 1970 के दशक तक भी लद्दावाला पूरी तरह से हिन्दू बाहुल्य था। वहां इक्का दुक्का मकान होने के कारण बस्ती कम थी, खेती की जमीन ज्यादा थी। यहां मंदिर वाली गली में सैनी और खटीक समाज के लोग परिवार सहित रहकर खेती करते थे।

इसे भी पढ़ें:  गोयला गांव में गिरा लिंटर, बुजुर्ग महिला की दबकर मौत

हमने ही गली में 1970 एक छोटा सा शिव मंदिर बनाकर मूर्ति स्थापित करते हुए पूजा अर्चना शुरू की। इसके बाद 1991 में देश में हिन्दू मुस्लिम झगड़े होने लगे। लेकिन लद्दावाला का माहौल नहीं बिगड़ा। यहां हिन्दू और मुसलमान सभी मिल जुलकर रहते रहे। उस दौर में हमारा मुस्लिमों के साथ पूरा प्यार और सहयोग था। हमें मुस्लिमों के बीच कोई भय का आभास नहीं हुआ। कभी कोई झगड़ा भी हुआ तो सभी ने आपस में मिलकर ही सुलझा लिया। कभी धर्म के आधार पर हम लोगों के बीच कोई नफरत जैसी चीज नहीं पनपी। समय बीतता गया तो वहां पर हिन्दू परिवारों की संख्या कम होने लगी। पूरी तरह से मुस्लिम बस्ती बस चुकी थी, लेकिन इसके बाद भी हम और हमारा परिवार इनके बीच पूरी तरह से सुरक्षित थे। हम अपने मर्जी से वहां से मकान और जमीनों को बेचकर रामलीला टिल्ला की ओर आकर बस गये। जब लद्दावाला को छोड़ा तो उस शिव मंदिर में स्थापित मूर्तियों को भी अपने साथ लेकर आ गये और यहां बने मंदिर में उनको स्थापित कराया। वहां से हमकों किसी दंगे के कारण नहीं निकलना पड़ा। जो लोग ऐसा कह रहे हैं, वो समाज में झूठ परोस रहे हैं। दंगा होने पर मुस्लिम परिवारों ने ही हमारी सुरक्षा की और हर तरह से सहयोग दिया। जब हम वहां से आने लगे तो मुस्लिमों ने आंखों में आंसुओं के साथ विदा किया, हमें रोकने का पूरा प्रयास किया गया। वहां से आने के बाद भी हम लोगों वहां के मुस्लिम परिवारों से जुड़े हुए हैं। आना जाना भी बहुत वर्षों तक रहा। वो आज भी वहां पर जाना चाहते थे, लेकिन बीमारी के कारण वो नहीं जा पाये। रतनलाल सैनी ने बताया कि उस दौर में इस मंदिर वाली गली में उनके परिवार के साथ ही शमशेर खटीक, रामकिशन सैनी, देशो खटीक, कालीचरण सैनी, महावीर खटीक, सुनील खटीक, काला के परिवार रहते थे। सभी रामलीला टिल्ला आकर बस गये थे।

इसे भी पढ़ें:  बस और कार की आमने-सामने जोरदार टक्कर, दस पुलिसकर्मियों सहित 16 लोग घायल

हमने मुस्लिमों के साथ एक थाली में खाना खाया, आज भी प्यार कायमः सुधीर खटीक

मुजफ्फरनगर। भाजपा नेता सुधीर खटीक भी सोमवार को स्वामी यशवीर महाराज के साथ लद्दावाला शिव मंदिर कार्यक्रम में शामिल रहे। उन्होंने मीडिया के साथ बातचीत में बताया कि इस मंदिर में वर्ष 1970 से 1991 के अंत तक पूजा अर्चना का दौर कायम रखा, लेकिन इसके बाद यहां पर रहने वाले हिंदू परिवार के लोग अपने मकान और जमीनों को बेचकर रामलीला टिल्ला पर जाकर बस गये। यहां से इन परिवारों के जाने का कारण कोई भय भरा माहौल नहीं रहा। वो खुद यहां पर मुस्लिमों के बीच ही पले और बढ़े हैं, एक ही थाली में इनके साथ खाना पीना रहा है। आज तक कोई परेशानी नहीं हुई और यह प्यार आज भी कायम है। उस दौर में इस पूरी गली में हिंदू परिवार थे और आज सभी मुस्लिम हैं और यही लोग इस मंदिर की देखरेख करते रहे हैं, जो यहां का भाईचारा साबित करता है। मुस्लिमों ने जिस प्रकार से स्वामी यशवीर और अन्य हिंदू लोगों का यहां मंदिर आने पर स्वागत किया, वो सराहनीय है और सभी को इसकी प्रशंसा करनी चाहिए।

इसे भी पढ़ें:  नाबालिग बेटियों से किया था दुष्कर्म: मुठभेड़ में पुलिस ने कर दिया हैवान पिता को लंगड़ा

पांच थानों की पुलिस लेकर आये सीओ सिटी बोले-मुस्लिमों ने दिल जीत लिया

मुजफ्फरनगर। स्वामी यशवीर महाराज द्वारा मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र लद्दावाला में 54 साल पुराने शिव मंदिर में पूजा अर्चना का ऐलान कर पुलिस प्रशासन की नींद हराम कर दी थी, लेकिन मुस्लिमों ने जो भाईचारा पेश किया, उसने अफसरों को भी बाग-बाग कर दिया। सोमवार की सुबह लद्दावाला की पूरी नाकाबंदी की गई थी। यहां पर सुरक्षा बंदोबस्त के लिए सीओ स्टिी व्योम बिंदल के नेतृत्व में शहर कोतवाली और खालापार सहित पांच थानों का पुलिस बल लगाया गया था। आवाजाही पर पाबंदी थी तो छतों पर भी पुलिस फोर्स के जवान तैनात कर निगरानी की जा रही थी।

सवेरे कोतवाली अक्षय शर्मा ने ड्रोन उड़ाकर छतों की स्थिति को परखा। तो दंगा नियंत्रण उपकरणों के साथ फोर्स के जवान मंदिर वाली गली में मुस्तैद नजर आये, लेकिन यहां पहुंचे स्वामी यशवीर महाराज पर जब मुस्लिमों ने 30 किलोग्राम गुलाब और 20 किलोग्राम गैंदे के फूलों की बारिश की तो तनावग्रस्त यह माहौल भाईचारे और मुहब्बत की मिसाल बनता दिखाई दिया। दो घंटे के कार्यक्रम के बाद जब यशवीर महाराज ने मुस्लमानों को थैंक यू कहकर विदाई ली तो पुलिस और प्रशासन के अफसर भी खुश नजर आये, क्योंकि सारा मामला मुस्लिमों की मुहब्बत और सहयोग के कारण शांति से निपट गया। इस बीच आला अधिकारी यहां तैनात अफसरों से फोन पर ही पल-पल की अपडेट लेते रहे। सीओ सिटी व्योम बिंदल ने मीडिया से बातचीत में कहा कि यहां पर सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किये गये थे, लेकिन स्थानीय नागरिकों ने सराहनीय स्तर पर जो सहयोग दिया, वो पूरी तरह से प्रशंसनीय है।

Also Read This

13 अप्रैल 2026 के लिए मुजफ्फरनगर रूट डायवर्जन

मुजफ्फरनगर में 13 अप्रैल को बदले रहेंगे कई रास्ते, ट्रैफिक पुलिस ने जारी किया डायवर्जन प्लान

मुजफ्फरनगर। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के मद्देनजर 13 अप्रैल 2026 को मुजफ्फरनगर में कई प्रमुख मार्गों पर रूट डायवर्जन लागू रहेगा। जारी ट्रैफिक नोटिस के अनुसार शहर में अलग-अलग दिशाओं से आने-जाने वाले वाहनों के लिए वैकल्पिक रास्ते तय किए गए हैं, ताकि कार्यक्रम के दौरान यातायात व्यवस्था बनी रहे। नोटिस में खास तौर पर जानसठ रोड, भोपा रोड, सहारनपुर रोड, जिला अस्पताल और शामली स्टैंड की ओर जाने वाले वाहनों के लिए अलग-अलग मार्ग बताए गए हैं। कुछ जगहों पर प्राइवेट और कमर्शियल वाहनों के लिए अलग रूट भी निर्धारित किया गया है। जानसठ रोड और भोपा रोड से जिला अस्पताल-सहारनपुर जाने वालों के लिए यह रूट जानसठ रोड और

Read More »

फर्जी कागज, सरकारी मोहर और जमीन का खेल; तितावी पुलिस ने खोली परतें

तितावी (मुजफ्फरनगर)। तितावी पुलिस ने फर्जी कागजात के सहारे जमीन का सौदा कर लाखों रुपये की कथित ठगी करने वाले गिरोह का खुलासा किया है। पुलिस ने इस मामले में एक लेखपाल समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामला जमीन बेचने के नाम पर भरोसा दिलाकर रकम लेने, फिर कागजात को सही बताने और बाद में धमकी देने के आरोपों से जुड़ा है। थाना तितावी पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में भी जुटी है। जमीन की जरूरत थी, इसी बीच मिला सौदे का प्रस्ताव पुलिस को दी गई तहरीर में शामली जनपद के ग्राम महावतपुर निवासी नन्द किशोर पुण्डीर ने बताया कि उनकी

Read More »

घर में गड़े हैं सोने-चांदी के गहने… जीजा ने सुना राज, साले के घर डकैती करवा दी; 7 गिरफ्तार

मुजफ्फरनगर। नगर कोतवाली क्षेत्र के पिन्ना गांव में हुई डकैती की वारदात में ऐसा खुलासा हुआ, जिसने पीड़ित परिवार को भी हिला दिया। पुलिस के अनुसार, घर में जमीन के नीचे गड़े पुश्तैनी सोने-चांदी के गहनों की जानकारी परिवार के ही एक करीबी तक पहुंची और उसी के बाद पूरी साजिश रची गई। इस मामले में पुलिस ने पीड़ित के जीजा समेत 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों में एक नेशनल शूटर भी शामिल बताया जा रहा है। मुजफ्फरनगर एएसपी सिद्धार्थ के मिश्रा ने बताया कि लूट के इस मामले में सात लोगों को पकड़ा गया है। आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और वारदात से

Read More »

खतौली में रोती मिली 3 साल की बच्ची, पुलिस ने 30 मिनट में परिवार से मिलाया

खतौली में रोडवेज बस अड्डे के पास अकेली मिली 3 साल की बच्ची को मिशन शक्ति टीम ने 30 मिनट में उसके परिजनों से सकुशल मिलाया।

Read More »

मुजफ्फरनगर में बड़ा हादसा: फ्लाईओवर से 150 फीट नीचे गिरी कार, 3 की जान गई

मुजफ्फरनगर में रविवार दोपहर एक दर्दनाक सड़क हादसे में तीन युवकों की मौत हो गई, जबकि दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। बताया गया कि तेज रफ्तार कार पानीपत-खटीमा नेशनल हाईवे के फ्लाईओवर पर अनियंत्रित हुई और रेलिंग तोड़ते हुए करीब 150 फीट नीचे खेतों में जा गिरी। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया। घायलों को कार से बाहर निकालकर अस्पताल भेजा गया। गुड़गांव से उत्तराखंड जा रहे थे पांच दोस्त मिली जानकारी के अनुसार, कार में सवार पांचों युवक दोस्त थे और गुड़गांव से उत्तराखंड जा रहे थे।

Read More »

सुबह 8 से शाम 6 बजे तक डायवर्जन, 13 अप्रैल को शहर संभलकर निकलें

मुजफ्फरनगर में 13 अप्रैल 2026 को प्रस्तावित वीआईपी कार्यक्रम के मद्देनजर शहर की यातायात व्यवस्था में बड़े बदलाव किए गए हैं। ट्रैफिक एडवाइजरी के मुताबिक सुबह 8 बजे से शाम 6 बजे तक कई प्रमुख मार्गों पर दबाव रहेगा और डायवर्जन लागू रहेगा। यह ट्रैफिक प्लान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रस्तावित दौरे और नुमाइश मैदान में प्रस्तावित कार्यक्रम को देखते हुए बनाया गया है। जिन प्रमुख स्थानों पर ट्रैफिक प्रभावित रहने की आशंका है, उनमें सुजडू चुंगी, नुमाइश ग्राउंड, मीनाक्षी चौक, शिव चौक, नावल्टी चौक और जिला अस्पताल चौक शामिल हैं। पुलिस की अपील है कि आम लोग इन मार्गों से गुजरने से बचें और वैकल्पिक रास्तों का उपयोग करें,

Read More »