रैन बसेरे में अवैध वसूली पर चेयरपर्सन मीनाक्षी ने एनजीओ पर ठोंका जुर्माना

मुजफ्फरनगर। नगरपालिका परिषद् के स्थाई रैन बसेरे में बेसहारा और जरूरतमंद लोगों को रात्रि विश्राम के लिए की गई व्यवस्थाओं के लिए अवैध वसूली का प्रकरण सामने आने के बाद पालिका चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप के द्वारा कड़ा रुख अपनाते हुए रैन बसेरे का संचालन कर रही एनजीओ पर दस हजार रुपये का अर्थदण्ड लगाया है। यह राशि एनजीओ प्रबंधक को तत्काल पालिका कोष में जमा कराये जाने के निर्देश दिये हैं। साथ ही रैन बसेरे में गन्दगी के कारण बदबूदार वातावरण मिलने और अन्य व्यवस्थाओं का अभाव पाये जाने पर जवाब तलब भी किया है।

बता दें कि पिछले दिनों एसडीएम सदर निकिता शर्मा के द्वारा किये गये निरीक्षण के दौरान पालिका के स्थाई रैन बसेरे में ठहरे लोगों ने आरोप लगाया था कि उनसे यहां ठहरने के नाम पर 50 रुपये प्रतिदिन लिए जा रहे हैं। इसका संज्ञान लेते हुए तत्काल ही पालिका चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप ने जांच के आदेश दिये थे। इसके बाद अब कार्यवाही की गई है। चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप ने बताया कि उनके द्वारा गत नौ दिसम्बर को स्थाई रैन बसेरा रेलवे स्टेशन का कुछ सभासदों के साथ औचक निरीक्षण किया गया था। इस दौरान अधिशासी अधिकारी डॉ. प्रज्ञा सिंह, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अतुल कुमार और पालिका के अन्य अधिकारी व कर्मचारी भी उनके साथ मौजूद थे। इस दौरान रैन बसेरा में समुचित साफ-सफाई न होने के कारण अत्यधिक गंदगी के कारण बदबू वाला वातावरण पाया गया। काउन्टर पर दर्पण, साबुन, तौलिया, हैण्डवॉश तथा सैनेटाईजर भी नहीं था।

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निरीक्षण के दौरान वहां रूके व्यक्तियों द्वारा शिकायत की गई थी कि रात्रि में यहां ठहरने के नाम पर एनजीओ के कर्मचारी 50 रुपये प्रतिदिन प्रति व्यक्ति से अवैध वसूली की जा रही है। चेयरपर्सन ने बताया कि पालिका के इस रैन बसेरे का संचालन पंच वर्षीय अनुबंध के आधार पर एनजीओ आदर्शा सेवा समिति के द्वारा किया जा रहा है। इसमें सीधे तौर पर अवैध वसूली करने के लिए एनजीओ दोषी पाई गई है। इसके पर्याप्त साक्ष्य मिलने और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ ही पालिका प्रशासन के दिशा निर्देशों के अनुपालन के लिए लापरवाही और अनुशासनहीनता करने के कारण एनजीओ पर अवैध वसूली के लिए 10 हजार रुपये का अर्थदंड लगाते हुए व्यवस्था सुधार के लिए चेतावनी दी गई है। इसके लिए एनजीओ प्रबंधक योगेन्द्र शर्मा को पत्र जारी करते हुए उनसे इस सम्बंध में जवाब भी तलब किया गया है, साथ ही अर्थदंड की राशि तत्काल पालिका कोष में जमा कराये जाने के लिए निर्देशित किया गया है। उन्होंने कहा कि इसके लिए पालिका ईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह को कार्यवाही करने के लिए कहा गया है। साथ ही भविष्य में भी यदि रैन बसेरे में साफ सफाई की समुचित व्यवस्था नहीं पाई जाती है तो एनजीओ के खिलाफ कार्यवाही की जायेगी।

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चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप का कहना है कि मुख्यमंत्री द्वारा स्पष्ट रूप से निर्देशित किया गया है कि ठंड और शीत लहर के चलते कोई भी व्यक्ति खुले मे न सोने पाये, इन निर्देशो का शासन/प्रशासन द्वारा अक्षरशः पालन किया जा रहा है। ऐसे में पालिका की ओर से भी शहरी क्षेत्र में तमाम व्यवस्था सुचारू की गई हैं, लेकिन रैन बसेरे में अवैध वसूली और अव्यवस्था गंभीर मामला है, जो बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। ऐसे में हम लगातार निरीक्षण करेंगे और अफसरों को भी लगाया गया है। जनहितों से कोई भी समझौता नहीं किया जायेगा। 

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