मुजफ्फरनगर सर्विलांस सेल की बड़ी सफलता, 171 गुमशुदा स्मार्टफोन बरामद

मोबाइल फोन वापस पाकर लोगों के चेहरे खिल उठे और उन्होंने पुलिस के इस जनहितकारी प्रयास के लिए आभार व्यक्त किया

मुजफ्फरनगर। जनपद पुलिस की सर्विलांस सेल ने गुमशुदा मोबाइल फोन बरामदगी के अभियान में बड़ी सफलता हासिल की है। विगत 14 माह के दौरान जनपद मुजफ्फरनगर में खोए 171 स्मार्ट मोबाइल फोन, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 32 लाख रुपये है, इन सभी मोबाइल फोन को पुलिस टीम द्वारा बिहार, राजस्थान, दिल्ली तथा उत्तर प्रदेश के अन्य जनपदों से सफलतापूर्वक बरामद किया गया। बरामद किए गए सभी मोबाइल फोन वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा द्वारा पुलिस लाइन में उनके वास्तविक स्वामियों को सौंपे गए। मोबाइल फोन वापस पाकर लोगों के चेहरे खिल उठे और उन्होंने पुलिस के इस जनहितकारी प्रयास के लिए आभार व्यक्त किया।

इसे भी पढ़ें:  क्रांति सेना कार्यालय पर करवा चौथ को लेकर लगी मेहंदी-हुआ लठ पूजन

यह कार्यवाही अपर पुलिस महानिदेशक मेरठ जोन तथा पुलिस उपमहानिरीक्षक सहारनपुर परिक्षेत्र के निर्देशन में, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के पर्यवेक्षण तथा पुलिस अधीक्षक अपराध इन्दु सिद्धार्थ, क्षेत्राधिकारी अपराध रूपाली राय चौधरी और प्रभारी सर्विलांस सेल राजीव सिंह के नेतृत्व में की गई। एसएसपी संजय वर्मा के निर्देशन में जनपद में नागरिकों के गुमशुदा और खोए हुए मोबाइल फोन की बरामदगी के लिए लगातार विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में सर्विलांस सेल टीम द्वारा भारत सरकार के सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर पोर्टल और आधुनिक तकनीकी संसाधनों की मदद से मोबाइल फोनों का तकनीकी विश्लेषण किया गया। इसके आधार पर विभिन्न राज्यों और जनपदों से इन मोबाइल फोनों की पहचान कर उन्हें बरामद किया गया।

इसे भी पढ़ें:  मुजफ्फरनगर-शराब के नशे में धुत्त पूर्व मंत्री के पुत्र ने मां-बेटी संग की छेड़छाड़

एसपी क्राइम ने बताया कि 29 दिसंबर 2015 को आयोजित कार्यक्रम में सभी बरामद मोबाइल उनके स्वामियों को सौंपे गए। अपने खोए हुए मोबाइल पुनः प्राप्त कर नागरिकों ने खुशी जाहिर की और पुलिस के साथ आमजन के बीच विश्वास और मजबूत हुआ। इस सराहनीय कार्यवाही से जनमानस में प्रसन्नता व्याप्त है तथा पुलिस की इस जनसेवा की चारों ओर प्रशंसा हो रही है। इन मोबाइल फोन की बरामदगी करने वाली टीम में प्रभारी सर्विलांस सेल निरीक्षक राजीव सिंह, उपनिरीक्षक कालूराम, हैड कांस्टेबल राहुल सिरोही, विकास सिरोही, कांस्टेबल मनीष त्यागी, सुनील कुमार और नितिन कुमार आदि मौजूद रहे।

इसे भी पढ़ें:  मुजफ्फरनगर-बुढ़ाना में नशा मुक्ति केन्द्र की तोड़ डाली सील

Also Read This

देवबंद हत्याकांड का खुलासा, 2 आरोपी गिरफ्तार

सहारनपुर/देवबंद। देवबंद क्षेत्र में गुमशुदगी से शुरू हुआ मामला हत्या तक पहुंच गया। करीब तीन दिन की तलाश के बाद जिस पिंटू का शव आखलौर खेड़ी क्षेत्र के नाले में मिला था, उस हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। थाना देवबंद पुलिस, एसओजी और स्वाट टीम की संयुक्त कार्रवाई में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से हत्या में इस्तेमाल ईंट का अद्धा, मृतक का आधार कार्ड, पैन कार्ड और एक आरोपी की खून से सनी शर्ट बरामद करने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार पकड़े गए आरोपियों की पहचान विशाल पुत्र इसम और गगन पुत्र विजय सिंह निवासी ग्राम आखलौर,

Read More »

दर्द के बीच दौड़ी जिंदगी, 102 एंबुलेंस में गूंजी नवजात की पहली किलकारी

ईएमटी प्रियंका की सूझबूझ से चलते रास्ते में हुआ सुरक्षित प्रसव, मां-बेटा स्वस्थ खतौली 26 मई, मंगलवार। कभी-कभी कुछ पल जिंदगीभर की खुशी बन जाते हैं। मंगलवार सुबह खतौली क्षेत्र में ऐसा ही भावुक और राहत भरा दृश्य देखने को मिला, जब अस्पताल पहुंचने से पहले ही 102 एंबुलेंस नवजात के जन्म की साक्षी बन गई। एंबुलेंस के भीतर गूंजी मासूम की पहली किलकारी ने परिवार के साथ-साथ स्वास्थ्यकर्मियों के चेहरे भी खुशी से खिला दिए।खतौली क्षेत्र के गांव पलड़ी निवासी भुवनेश्री (21) पत्नी गौरव को अचानक तेज प्रसव पीड़ा शुरू हुई। परिवार घबराया हुआ था, लेकिन 102 एंबुलेंस सेवा उम्मीद बनकर समय पर पहुंची। महिला ईएमटी प्रियंका और पायलट

Read More »

टिहरी में डोबरा चांठी पर्यटन मार्ग की भूमि पर सुनवाई, 5 मामलों में फिर मूल्यांकन के निर्देश

देहरादून/टिहरी गढ़वाल। कोटी कॉलोनी से डोबरा चांठी पर्यटन मार्ग निर्माण के लिए अर्जित भूमि और परिसंपत्तियों के पुनर्मूल्यांकन से जुड़े मामलों पर जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल की अध्यक्षता में बैठक हुई। बैठक में भू-स्वामियों की आपत्तियों को सुना गया और गठित समिति की रिपोर्ट के आधार पर 18 भूमि एवं भवन स्वामियों के मामलों पर विस्तार से चर्चा की गई। यह सुनवाई भूमि अर्जन, पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिनियम 2013 की धारा-33 के तहत की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य उन मामलों की स्थिति साफ करना था, जिनमें भू-स्वामियों ने अर्जित भूमि, भवन या अन्य परिसंपत्तियों के मूल्यांकन को लेकर आपत्ति दर्ज कराई थी। इसे भी पढ़ें: 

Read More »