असम वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम पर अमित शाह की हुंकार

असम वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के दूसरे चरण का शुभारंभ करते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने असम को घुसपैठियों से मुक्त बनाने की बात कही। बांग्लादेश सीमा से सटे कछार जिले के नथानपुर गांव से योजना की शुरुआत की गई। उन्होंने कांग्रेस पर सीमाएं खुली छोड़ने का आरोप लगाते हुए कहा कि अब राज्य को घुसपैठ से मुक्त किया जाएगा। इस योजना के तहत पाकिस्तान और बांग्लादेश सीमा से जुड़े 334 ब्लॉक का विकास किया जाएगा। सीमा सुरक्षा और विकास पर जोर ₹6,839 करोड़ के बजट वाली असम वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम का उद्देश्य सीमावर्ती गांवों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करना है।

इसे भी पढ़ें:  आतंकी अलर्ट के बाद राहुल गांधी की यात्रा में बदलाव, रोड शो कैंसिल, वोटर अधिकार यात्रा

इसके जरिए पलायन रोकने और स्थानीय निवासियों को देश की सुरक्षा के लिए “आंख और कान” के रूप में तैयार करने की योजना है। अमित शाह ने कहा कि ‘डबल इंजन’ सरकार सीमा के अंतिम गांव को देश का “पहला गांव” मानकर विकास कर रही है। अपने दौरे के दौरान उन्होंने बीएसएफ की आउटपोस्ट का भी निरीक्षण किया।

विधानसभा चुनाव से पहले तेज हुई तैयारी

असम में विधानसभा चुनाव की घोषणा अगले महीने के पहले या दूसरे सप्ताह में होने की संभावना है। इससे पहले भारतीय जनता पार्टी ने अपनी चुनावी मशीनरी को पूरी रफ्तार दे दी है। गृह मंत्री अमित शाह दो दिन के दौरे पर असम पहुंचे हैं। उनके पहले पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन भी राज्य का दौरा कर चुके हैं। नितिन नवीन ने डिब्रूगढ़ में आयोजित पन्ना प्रमुख सम्मेलन को संबोधित करते हुए कार्यकर्ताओं को 50 प्रतिशत से अधिक वोट शेयर का लक्ष्य दिया।

इसे भी पढ़ें:  पीएनजी गैस क्या है: युद्ध में भी क्यों नहीं रुकी सप्लाई

उन्होंने कहा कि जब पन्ना प्रमुख मजबूत होगा, तभी हर बूथ पर कमल खिलेगा। उनके दौरे से स्पष्ट है कि पार्टी इस बार सत्ता बरकरार रखने के साथ-साथ अपने वोट आधार को और मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है। असम वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम की शुरुआत भारत-बांग्लादेश सीमा पर स्थित कछार से कर पार्टी ने घुसपैठ और सीमा सुरक्षा के मुद्दे को फिर से केंद्र में ला दिया है।

इसे भी पढ़ें:  दिल्ली-एनसीआर एयर पलूशन: 300 किमी दायरे पर सुनवाई

एक ओर कांग्रेस और क्षेत्रीय दल गठबंधन की कोशिशों में लगे हैं, वहीं भारतीय जनता पार्टी विकास और राष्ट्रवाद के मुद्दों के साथ चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी कर रही है। अमित शाह और नितिन नवीन के लगातार दौरों से संकेत मिल रहा है कि आगामी चुनाव में सुरक्षा, विकास और संगठनात्मक मजबूती मुख्य एजेंडा रहेगा।

Share This Article