नूर खान एयरबेस पर हमला कर अफगान वायुसेना ने पाकिस्तान के कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। अफगान रक्षा मंत्रालय के अनुसार इस कार्रवाई में 32 पाकिस्तानी सैनिकों के मारे जाने का दावा किया गया है। यह हमला पाकिस्तान की हालिया हवाई कार्रवाई के जवाब में बताया गया है। पिछले चार दिनों से अफगानिस्तान और पाकिस्तान की सेनाएं आमने-सामने हैं। दोनों देशों के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। सोशल मीडिया पर जारी बयान में अफगान रक्षा मंत्रालय ने कहा कि रावलपिंडी स्थित नूर खान एयरबेस को निशाना बनाया गया।
इसके अलावा बलूचिस्तान के क्वेटा में 12वीं डिवीजन मुख्यालय और खैबर पख्तूनख्वा की मोहमंद एजेंसी में ख्वाजाई कैंप पर भी हमले किए गए। तालिबान का दावा है कि पाकिस्तान के कई महत्वपूर्ण सैन्य कमांड सेंटरों को भारी नुकसान पहुंचाया गया है। टोलो न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, रातभर चले हमलों में 32 पाकिस्तानी सैनिकों के मारे जाने का दावा किया गया है। रक्षा मंत्रालय ने बताया कि 203 मंसूरी, 201 सिलाब और 205 अल-बद्र कॉर्प्स ने इन अभियानों को अंजाम दिया। मंत्रालय के मुताबिक, 10 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए, 10 घायल हुए और चार सैन्य चौकियां पूरी तरह तबाह हो गईं।
अफगान सेना ने पाकिस्तान के दो सैन्य ड्रोन मार गिराने का भी दावा किया है। अफगानिस्तान का कहना है कि यह ऑपरेशन पाकिस्तानी सेना की घुसपैठ का बदला है। पाकिस्तान ने हाल ही में काबुल और बगराम एयरबेस पर हवाई हमले किए थे। शुक्रवार को काबुल और कंधार में एयरस्ट्राइक की गई, जिसके कुछ घंटों बाद अफगान सेना ने जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी। रक्षा मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि यदि पाकिस्तान ने अफगान हवाई सीमा का उल्लंघन किया तो और भी कड़ा जवाब दिया जाएगा।
रावलपिंडी का नूर खान एयरबेस पाकिस्तान की वायुसेना के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। इसे मई 2025 में भारत के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान भी निशाना बनाया गया था, जिसमें बेस के ढांचे को नुकसान पहुंचा था। डिप्टी प्रवक्ता सेदिकुल्लाह नसरत ने बताया कि नंगरहार, पक्तिया, खोस्त और कंधार प्रांतों में दुश्मन के खिलाफ लेजर हथियारों और आधुनिक उपकरणों का उपयोग किया गया। फिलहाल पूरे क्षेत्र में भारी तनाव बना हुआ है और हालात संवेदनशील बताए जा रहे हैं।






