यूपी मौसम चेतावनी: 7 दिन तक बारिश-ओलों का खतरा, किसान सतर्क रहें

उत्तर प्रदेश में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक इस सप्ताह दो लगातार पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हैं, जिनके असर से 3 से 5 अप्रैल के बीच प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक, तेज हवा, बारिश और कहीं-कहीं ओलावृष्टि हो सकती है। इसके बाद 7 और 8 अप्रैल को फिर से मौसम बिगड़ने के संकेत हैं।

सबसे ज्यादा असर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में दिखने की आशंका है। आधिकारिक सात-दिवसीय चेतावनी के अनुसार पश्चिमी यूपी में 3 और 4 अप्रैल को गरज-चमक के साथ तेज हवा और ओलावृष्टि का खतरा है। पूर्वी यूपी में 4 अप्रैल को ओलावृष्टि की आशंका जताई गई है, जबकि 3 और 5 अप्रैल को गरज-चमक और बारिश हो सकती है।

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जिलों की बात करें तो नोएडा, आगरा, मेरठ, मुजफ्फरनगर, शामली, सहारनपुर, बिजनौर, बागपत, बुलंदशहर, मथुरा, अलीगढ़ और हापुड़ जैसे पश्चिमी जिलों में चेतावनी बताई गई है। वहीं वाराणसी, कौशांबी और प्रयागराज सहित पूर्वांचल के कई इलाकों में भी बारिश और गरज-चमक का असर बताया गया है।

मौसम विभाग की चेतावनी सिर्फ बारिश तक सीमित नहीं है। कुछ जगहों पर 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवा चल सकती है और झोंकों की गति इससे ऊपर भी जा सकती है। इसी वजह से खुले खेत, अधपकी फसल, कच्चे ढांचे और बिजली व्यवस्था पर असर पड़ने की आशंका बढ़ जाती है।

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अब सबसे बड़ी चिंता किसानों की है। रबी की फसल कटाई के बीच आई यह चेतावनी हल्की खबर नहीं है। प्रशासन पहले ही बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से 17 जिलों में 4,053.11 हेक्टेयर फसल नुकसान और 14,207 किसानों के प्रभावित होने का आकलन दर्ज कर चुका है। ऐसे में नई बारिश और ओलों की आशंका खेती पर सीधा असर डाल सकती है।

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