रामलीला टिल्ला में नाला निर्माण बना मुसीबत, घरों में घुसा गंदा पानी, वैकल्पिक निकासी व्यवस्था न होने से नागरिक परेशान
मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर शहरी क्षेत्र के मौहल्ला रामलीला टिल्ला क्षेत्र में नाला निर्माण कार्य के दौरान बरती गई लापरवाही से स्थानीय नागरिकों का जीवन संकट में पड़ गया है। जल निकासी की वैकल्पिक व्यवस्था किए बिना नाला बंद कर दिए जाने और सड़कों पर सिल्ट फैलाए जाने से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। घरों में गंदा पानी भरने, दुर्गंध और आवागमन बाधित होने से नाराज नागरिकों ने प्रदर्शन करते हुए पलायन तक की चेतावनी दे डाली। वहीं भाजपा नेता गौरव स्वरूप पालिका सभासदों के साथ मौके पर पहुंचे और प्रभावित लोगों से सीधा संवाद किया, जबकि नगरपालिका चेयरमैन मीनाक्षी स्वरूप ने भी इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जल निगम के एई को नोटिस देकर जवाब तलब किया और कड़ी नाराजगी जताई है।
रामलीला टिल्ला क्षेत्र में चल रहे नाला निर्माण कार्य को लेकर लोगों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। यहां पर शाहबुदीनपुर से टेल तक करीब 17 करोड़ रुपये की लागत से जल निगम की कार्यदायी संस्था सीएंडडीएस नागर इकाई द्वारा नाला निर्माण के दौरान जल निकासी की वैकल्पिक व्यवस्था किए बिना पुराने नाले को बंद कर दिए जाने से क्षेत्र में गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। नाले का गंदा पानी रिहायशी क्षेत्रों में फैलने के साथ कई घरों तक पहुंच गया, जिससे लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।

गुरुवार देर रात हालात उस समय बिगड़ गए जब नाले का पानी एक मकान में घुस गया। प्रभावित परिवार को पूरी रात घर के बाहर गुजारनी पड़ी। घटना से नाराज लोगों ने घरों से निकलकर जोरदार हंगामा किया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। मामले की सूचना मिलने पर जिला प्रशासन के निर्देश पर सिटी मजिस्ट्रेट पंकज प्रकाश राठौर तथा नगर पालिका परिषद की अधिशासी अधिकारी डॉ. प्रज्ञा सिंह मौके पर पहुंचे और लोगों को शांत कराया। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि सीएंडडीएस द्वारा नाला निर्माण कार्य में घोर लापरवाही बरती जा रही है। नाले से निकाली गई सिल्ट और कूड़ा सड़कों पर फैला दिया गया है, जिससे क्षेत्र में आवागमन भी मुश्किल हो गया है। गर्मी के मौसम में फैली गंदगी और उठ रही दुर्गंध ने लोगों का जीना दूभर कर दिया है। कई गलियों और घरों के बाहर सिल्ट तथा कचरे के ढेर लगे हुए हैं।

शुक्रवार दोपहर क्षेत्रीय सभासद अनुज प्रजापति के नेतृत्व में बड़ी संख्या में क्षेत्रवासियों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे क्षेत्र से पलायन करने को मजबूर होंगे। लोगों का कहना है कि प्रशासन और संबंधित विभाग उनकी समस्याओं के प्रति गंभीर नहीं हैं, जबकि हालात दिन-प्रतिदिन बिगड़ते जा रहे हैं। नगर पालिका परिषद की अधिशासी अधिकारी डॉ. प्रज्ञा सिंह ने भी मौके पर सीएंडडीएस की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य के दौरान नागरिकों को होने वाली परेशानी को कम करने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की जानी चाहिए थीं। लेकिन जल निगम के ठेकेदार ने कोई व्यवस्था नहीं की और गंभीर समस्या उत्पन्न करने का काम किया है। इसके लिए डीएम को सूचना दी गई है। उधर, समाजवादी पार्टी नेता राकेश शर्मा भी क्षेत्र में पहुंचे और नाला निर्माण कार्य में सामने आ रही खामियों पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य की निगरानी में गंभीर कमी दिखाई दे रही है, जिसका खामियाजा आम नागरिकों को भुगतना पड़ रहा है।
इसी बीच भाजपा नेता गौरव स्वरूप ने भी सभासदों व भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ स्थलीय निरीक्षण किया और प्रभावित परिवारों के लोगों से सीधा संवाद करते हुए समस्या को समझने का प्रयास किया। इस दौरान भाजपा नेता विकल्प जैन, सभासद राजीव शर्मा, मनोज वर्मा, प्रशांत गौतम, गौरव मुंडे, शुभम जैन, सुशील कुमार व अन्य नागरिक मौजूद रहे।
वहीं नगरपालिका चेयरमैन मीनाक्षी स्वरूप ने भी गंभीरता दिखाते हुए जल निगम सीएंडडीएस के एई रामबीर सिंह को नोटिस जारी करते हुए लापरवाही पर गंभीर नाराजगी व्यक्त करते हुए कड़ी फटकार के साथ नोटिस जारी किया है। उन्होंने बताया कि हमने सीएंडडीएस को जनहितों की सुरक्षा सुनिश्चित किये बिना ही निर्माण कार्य शुरू करने और अन्य सामने आई अनियमितता तथा लापरवाही को लेकर नोटिस जारी करते हुए जवाब तलब किया है। इसके साथ ही जिलाधिकारी और शासन को भी इससे अवगत कराया जा रहा है। जनहितों के विपरीत कोई कार्य स्वीकार्य नहीं किया जायेगा। पालिका प्रशासन ने तीन दिन पूर्व ही जेसीबी मशीन, रोबोट और अन्य मैन पॉवर लगाकर वहां जल निकासी का प्रबंध कराने के प्रयास शुरू कर दिये थे, लेकिन सीएंडडीएस की ओर से कोई भी कदम नहीं उठाये गये।






