मुजफ्फरनगर। रुड़की रोड स्थित इंडियन हॉस्पिटल में भर्ती एक गर्भवती महिला की हालत गंभीर होने के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने जांच शुरू कर दी है। परिजनों का आरोप है कि गर्भस्थ शिशु की मौत के बाद ऑपरेशन कराया गया, लेकिन इसके बाद महिला की हालत बिगड़ती चली गई। महिला को बाद में मेरठ रेफर किया गया, जहां वह एक निजी अस्पताल में भर्ती है।
पुरकाजी थाना क्षेत्र के गांव कैल्लनपुर निवासी अरविंद 18 जून को अपनी 27 वर्षीय गर्भवती पत्नी सोनम को उपचार के लिए इंडियन हॉस्पिटल लेकर पहुंचे थे। परिजनों के अनुसार, अल्ट्रासाउंड के दौरान बच्चे की धड़कन कम बताकर महिला को भर्ती किया गया था। उनका आरोप है कि इसके बाद ऑपरेशन हुआ, जिसमें बच्चा मृत पैदा हुआ।
परिजनों का कहना है कि ऑपरेशन के बाद सोनम की तबीयत लगातार बिगड़ती गई और अस्पताल में समय पर उचित उपचार नहीं मिला। इसके बाद अस्पताल प्रशासन ने महिला को मेरठ रेफर कर दिया। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और संबंधित चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
मामले की जानकारी मिलने पर अखिल भारतीय हिंदू शक्ति दल के पदाधिकारी और कार्यकर्ता अस्पताल पहुंचे। संगठन के लोगों ने पीड़ित परिवार के समर्थन में धरना देकर निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की।
डिप्टी सीएमओ डॉ. अजय कुमार और डॉ. महक सिंह पुलिस बल के साथ अस्पताल पहुंचे। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उपचार से जुड़े रिकॉर्ड और दस्तावेजों की जांच की तथा संबंधित चिकित्सकों से पूछताछ की।
डिप्टी सीएमओ डॉ. महक सिंह ने बताया कि संबंधित चिकित्सकों को नोटिस जारी किया गया है। उनके अनुसार, पूछताछ में चिकित्सक संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। मुख्य चिकित्सा अधिकारी के निर्देश पर विशेषज्ञ चिकित्सकों का बोर्ड गठित किया जाएगा, जो पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच करेगा। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।






