अनुज्ञापियों को ओवररेटिंग रोकने, पर्याप्त स्टॉक रखने और पीओएस मशीन से शत-प्रतिशत बिक्री के निर्देश
मुजफ्फरनगर। जनपद में मदिरा एवं बीयर की बिक्री व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से आबकारी विभाग ने वर्ष 2026-27 के लिए थोक एवं फुटकर अनुज्ञापियों तथा आबकारी निरीक्षकों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की। बैठक में राजस्व वृद्धि, अवैध मदिरा की रोकथाम और उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने पर विशेष बल दिया गया।
अपर मुख्य सचिव एवं आबकारी आयुक्त, उत्तर प्रदेश, प्रयागराज के निर्देशों के क्रम में जिलाधिकारी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में सोमवार को जिला आबकारी अधिकारी रवि शंकर द्वारा बैठक का आयोजन किया गया। इसमें जनपद के मदिरा एवं बीयर के थोक तथा फुटकर अनुज्ञापियों के साथ आबकारी निरीक्षक भी उपस्थित रहे। बैठक में निर्देश दिए गए कि सभी विक्रेता अपनी दुकानों पर पीओएस मशीन के माध्यम से शत-प्रतिशत बिक्री सुनिश्चित करें। अधिक से अधिक मदिरा का उठान कराते हुए राजस्व प्राप्ति बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। साथ ही यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए कि प्रत्येक फुटकर दुकान पर कम से कम आठ से दस दिन का अतिरिक्त स्टॉक उपलब्ध रहे, ताकि किसी भी स्थिति में आपूर्ति प्रभावित न हो।
आबकारी विभाग ने स्पष्ट किया कि किसी भी दुकान पर निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत वसूलने की शिकायत नहीं मिलनी चाहिए। यदि किसी आबकारी दुकान के आसपास अवैध मदिरा की बिक्री की सूचना प्राप्त होती है तो उसकी तत्काल जानकारी संबंधित आबकारी निरीक्षक को दी जाए, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके। बैठक में दुकानों पर विभिन्न ब्रांडों की उपलब्धता सुनिश्चित करने और उनके उचित प्रदर्शन (डिस्प्ले) के भी निर्देश दिए गए। साथ ही दुकानों के आसपास साफ-सफाई बनाए रखने तथा सभी आवश्यक अभिलेख और रजिस्टर नियमानुसार अद्यतन रखने पर जोर दिया गया। अधिकारियों ने आबकारी स्टाफ को गांवों के जनप्रतिनिधियों के मोबाइल नंबर उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए, जिससे विभाग और स्थानीय स्तर के प्रतिनिधियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो सके। बैठक के दौरान अनुज्ञापियों की समस्याओं और सुझावों को भी सुना गया तथा उनके समाधान का आश्वासन दिया गया।






